एमपी बोर्ड 5वीं-8वीं की दोबारा परीक्षा का शेड्यूल जारी, ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
News In Short
- 5वीं और 8वीं में फेल और अनुपस्थित छात्रों के लिए दूसरी परीक्षा 1 से 6 जून 2026 तक होगी।
- छात्र 25 मई तक अपना एडमिट कार्ड आधिकारिक पोर्टल www.rskmp.in से डाउनलोड कर सकेंगे।
- छात्रों की तैयारी मजबूत करने के लिए स्कूलों में विशेष क्लासेस लगाई जाएंगी।
- परीक्षा केंद्रों का निर्धारण और मैपिंग का कार्य 15 मई तक पूरा करने के निर्देश हैं।
News In Detail
मध्य प्रदेश के 5वीं और 8वीं के उन छात्रों के लिए राहत भरी खबर है, जो मेन एग्जाम में किसी वजह से सफल नहीं हो पाए या एब्सेंट रहे थे। राज्य शिक्षा केंद्र ने ऐसे विद्यार्थियों का साल बचाने के लिए दोबारा परीक्षा (Re-examination) आयोजित करने का फैसला किया है।
इसके लिए टाइम टेबल जारी कर दिया गया है। यह परीक्षा प्रदेश के सभी सरकारी, प्राइवेट स्कूलों और रजिस्टर्ड मदरसों के छात्रों के लिए एक सुनहरा मौका है।
एक से छह जून तक चलेंगे एग्जाम
राज्य शिक्षा केंद्र की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, शिक्षण सत्र 2025-26 की यह विशेष परीक्षा एक जून से छह जून 2026 के बीच आयोजित की जाएगी।
इसमें वही छात्र शामिल हो सकेंगे जो मुख्य परीक्षा में फेल हुए थे। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा पीछे न छूटे, इसलिए परीक्षा की तैयारी अभी से तेज कर दी गई है।
ऐसे करें एडमिट कार्ड डाउनलोड
- सबसे पहले राज्य शिक्षा केंद्र के आधिकारिक पोर्टल www.rskmp.in को ओपन करें।
- इस पोर्टल पर स्कूल के हेड मास्टर या जनशिक्षा केंद्र प्रभारी अपने यूनिक आईडी और पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन करेंगे।
- लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड पर 5th 8th Exam 2025-26 के विकल्प पर क्लिक करें।
- यहां आपको Admit Card Download या पुनः परीक्षा प्रवेश पत्र का लिंक दिखाई देगा।
- विद्यार्थी की समग्र आईडी या रोल नंबर डालकर सर्च करें।
- छात्र का एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा। इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंट आउट निकाल लें।
25 मार्च को जारी हुए थे मेन परीक्षा के रिजल्ट
25 मार्च 2026 को स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कक्षा 5वीं और 8वीं के बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित किए थे। इस बार करीब 23 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 12 लाख 76 हजार से ज्यादा कक्षा 5वीं के छात्र और 10 लाख 92 हजार से ज्यादा कक्षा 8वीं के छात्र शामिल थे।
कक्षा 5वीं में 95.14% और कक्षा 8वीं में 93.83% छात्र पास हुए। इस बार छात्राओं का पास प्रतिशत 94.98% रहा, जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 92.74% था।
स्कूलों में लगेंगी एक्सट्रा क्लासेस
सिर्फ परीक्षा (5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षा एमपी) लेना ही विभाग का मकसद नहीं है, बल्कि छात्रों को पास कराना भी प्राथमिकता है। इसीलिए परीक्षा से पहले स्कूलों में विषयवार एक्सट्रा क्लासेस की व्यवस्था की जाएगी। जिन छात्रों के प्रोजेक्ट वर्क में सात से कम नंबर हैं या जिन्होंने प्रोजेक्ट जमा नहीं किया था, उन्हें भी इसे पूरा करने का मौका दिया जाएगा ताकि वे बेहतर स्कोर कर सकें।
जन शिक्षा केन्द्र स्तर पर होंगे परीक्षा केन्द्र
- कक्षा 5वीं व 8वीं की पुनः परीक्षा (Re-examination) के लिए परीक्षा केंद्र केवल जनशिक्षा केंद्र स्तर पर बनाए जाएंगे।
- अगर किसी जिले के किसी परीक्षा केंद्र पर 500 से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा देने आ रहे हों, तो राज्य शिक्षा केंद्र से अनुमति लेकर दूसरा परीक्षा केंद्र तय किया जा सकता है।
- परीक्षा केंद्र तय होने के बाद स्कूलों की मैपिंग बी.आर.सी.सी. को 15 मई तक पूरी करने के लिए कहा गया है।
- प्रश्नपत्रों की ऑन स्पॉट प्रिंटिंग निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर ही की जाएगी।
- परीक्षा पोर्टल से प्रश्नपत्रों को डाउनलोड एवं प्रिंट करने के लिए जिला परियोजना समन्वयक नोडल अधिकारी होंगे।
- निर्धारित परीक्षा केन्द्र पर न्यूनतम 2 कम्प्यूटर/लैपटॉप, 2 कार्यशील प्रिंटर, इंटरनेट, पर्याप्त ए-4 साईज पेपर, टोनर की उपलब्धता एवं सुगम विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- परीक्षार्थियों की परीक्षा में उपस्थिति एवं परीक्षा केन्द्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित शाला प्रमुख/शिक्षक को दी गई है।
ऑन-स्पॉट मिलेंगे क्वेश्चन पेपर
इस बार एग्जाम सेंटर केवल जनशिक्षा केंद्रों पर ही बनाए जाएंगे। विभाग ने ये साफ कर दिया है कि 15 मई 2026 तक सभी केंद्रों की मैपिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा।
खास बात ये है कि अब प्रश्न पत्रों का वितरण पहले की तरह नहीं होगा। अब इनका स्थल मुद्रण (On-spot Printing) परीक्षा केंद्रों पर ही किया जाएगा। पेपर की छपाई और गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी जिला परियोजना समन्वयक की होगी।
सेंटर पर होंगे कूलर, पंखे और ORS
परीक्षा जून के पहले हफ्ते में है, इसलिए गर्मी और लू से बच्चों को बचाने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। केंद्रों पर ठंडे पानी, पंखों और ओआरएस के पैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी बच्चे की तबीयत खराब होती है, तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ये खबरें भी पढ़ें...
एमपी बोर्ड परीक्षा 2026: क्या आप गणित में कमजोर हैं? बोर्ड ने दिया विषय बदलने का मौका
पन्ना की प्रतिभा सोलंकी बनीं एमपी बोर्ड 10वीं की टॉपर, बेटियों का फिर से दबदबा
MP Board Exam: बढ़ गई द्वितीय परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख, अब 26 अप्रैल तक भरें फॉर्म
MP Board Marksheet Controversy: 15 हजार रेगुलर छात्रों को बना दिया प्राइवेट स्टूडेंट, जानें मामला