एमपी बोर्ड ने बदल दिया परीक्षा पैटर्न, अब सीबीएसई की तर्ज पर पूछे जाएंगे सवाल
समझें क्या है पूरा मामला
- एमपी बोर्ड ने सत्र 2026-27 का नया प्रश्नपत्र पैटर्न जारी किया है।
- नौवीं से बारहवीं तक सभी पेपर अब सीबीएसई की तर्ज पर बनेंगे।
- सवाल अब सीधे नहीं, तार्किक तरीके से पूछे जाएंगे।
- लघु उत्तरीय सवालों में अब कोई विकल्प नहीं मिलेगा।
- दीर्घ उत्तरीय सवालों की संख्या घटाकर तीन कर दी गई है।
एमपी बोर्ड (मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल) ने नया पैटर्न जारी किया है। यह पैटर्न सत्र 2026-27 से लागू होगा। नौवीं से बारहवीं तक हर विषय का पेपर अब बदलेगा। यह पेपर सीबीएसई (सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन) की तर्ज पर बनेगा। यानी अब सवाल सीधे नहीं पूछे जाएंगे। विद्यार्थियों को तर्क लगाकर जवाब देना होगा। इसके लिए उन्हें पूरी किताब ध्यान से पढ़नी पड़ेगी।
बदले पैटर्न में क्या है खास
मंडल ने कक्षा दसवीं और बारहवीं दोनों के लिए मार्किंग स्कीम जारी की है। दसवीं के पेपर में कुल तेईस सवाल होंगे। पूरे पेपर के पचहत्तर अंक तय हैं। इसमें वस्तुनिष्ठ यानी ऑब्जेक्टिव सवालों के तीस अंक तय हैं। बाकी अंक अति लघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय सवालों में बंटे हैं। पहले दीर्घ उत्तरीय सवाल चार होते थे। अब इनकी संख्या घटाकर तीन कर दी गई है। लघु उत्तरीय सवाल भी अब सिर्फ तीन ही पूछे जाएंगे। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि लघु उत्तरीय सवालों में अब विकल्प नहीं मिलेगा। पहले विद्यार्थी दिए गए विकल्पों में से आसान सवाल चुन लेते थे। अब हर सवाल का जवाब देना जरूरी होगा।
अति लघु उत्तरीय सवाल बढ़ाए गए
दसवीं के पेपर में अति लघु उत्तरीय सवालों की संख्या बारह रखी गई है। हर सवाल के दो अंक तय हैं। इस तरह इन सवालों के कुल चौबीस अंक बनते हैं। यह हिस्सा विद्यार्थियों के लिए अभ्यास का बड़ा मौका है। इसमें सोच समझकर छोटा और सटीक जवाब लिखना होता है। बारहवीं के गैर प्रायोगिक विषयों का पेपर अस्सी अंक का होगा। इसमें अति लघु उत्तरीय दस सवाल पूछे जाएंगे, जिनके बीस अंक तय हैं। लघु उत्तरीय चार सवाल बारह अंक के होंगे। दीर्घ उत्तरीय चार सवाल सोलह अंक के रहेंगे।
प्रायोगिक पेपर होगा अलग
बारहवीं के प्रायोगिक यानी प्रैक्टिकल वाले विषयों का पेपर सत्तर अंक का रहेगा। इसमें वस्तुनिष्ठ सवालों के अट्ठाईस अंक तय हैं। अति लघु उत्तरीय सात सवाल चौदह अंक के होंगे। लघु उत्तरीय चार सवाल बारह अंक के होंगे। दीर्घ उत्तरीय चार सवाल सोलह अंक के होंगे। बाकी अंक प्रैक्टिकल परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन से मिलेंगे। मंडल का कहना है कि यह ढांचा विद्यार्थियों को समय प्रबंधन सिखाएगा। साथ ही रटने की आदत भी कम होगी।
किताबें भी सीबीएसई पैटर्न पर
मंडल ने सिर्फ दसवीं और बारहवीं तक सीमित नहीं रखा है। नौवीं से बारहवीं तक सभी किताबें सीबीएसई पैटर्न पर लागू हैं। पाठ्यपुस्तक निगम अब इसी अनुसार किताबें छापता है। साल 2022-23 तक परीक्षा का पैटर्न पुराने ढर्रे पर चलता था। पिछले साल से मंडल ने इसमें बड़ा बदलाव किया। इस साल यह बदलाव और गहरा हो गया है। मंडल के मुताबिक आने वाले सालों में भी यह पैटर्न जारी रहेगा।
अब पूछे जाएंगे तार्किक सवाल
मंडल के अफसरों का कहना है कि अब सवाल घुमा फिराकर पूछे जाएंगे। विद्यार्थी को किताब में दी गई जानकारी को समझकर लागू करना होगा। सिर्फ याद करके लिखने से अब पूरे अंक नहीं मिलेंगे। इस वजह से बच्चों को पूरी किताब बारीकी से पढ़नी होगी। शिक्षक भी अब कक्षा में समझ आधारित पढ़ाई पर जोर दे रहे हैं। स्कूलों में मॉडल पेपर के जरिए बच्चों को नया पैटर्न समझाया जा रहा है।
मंडल सचिव बोले- बच्चों की समझ बेहतर होगी
माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य ने बदलाव पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नौवीं से बारहवीं तक पेपर सीबीएसई की तर्ज पर होंगे। उनके मुताबिक इस बार से लघु उत्तरीय प्रश्नों में विकल्प नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि अब तार्किक प्रश्न पूछे जाएंगे। उनका कहना है कि इससे बच्चों की समझ बेहतर बनेगी।
जानकार की राय में बदलाव सभी के लिए अहम
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना कुछ अलग है। उनके मुताबिक शुरुआत में विद्यार्थियों को दिक्कत हो सकती है। लेकिन लंबे समय में यह उनकी सोचने समझने की क्षमता बढ़ाएगा। विद्यार्थियों को अब रट्टा मारने के बजाय हर पाठ को ठीक से समझना होगा। स्कूलों को भी अपनी पढ़ाने की शैली बदलनी होगी। अभिभावकों को भी बच्चों की तैयारी में इस बदलाव का ध्यान रखना चाहिए। मंडल ने सभी स्कूलों को नए पैटर्न की जानकारी भेज दी है। कोचिंग संस्थान भी नए पैटर्न के हिसाब से पढ़ाई शुरू कर चुके हैं।
जरूरी FAQ
नया पैटर्न कब से लागू होगा?
यह पैटर्न सत्र 2026-27 से नौवीं से बारहवीं तक सभी विषयों में लागू होगा। दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा में भी यही पैटर्न रहेगा।
दसवीं के पेपर में कितने अंक तय हैं?
दसवीं के पेपर में कुल पचहत्तर अंक तय हैं। इसमें तीस अंक वस्तुनिष्ठ सवालों के हैं। बाकी अंक अति लघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय सवालों में बंटे हैं।
लघु उत्तरीय सवालों में क्या बदला है?
अब लघु उत्तरीय सवालों में विकल्प नहीं मिलेगा। पहले विद्यार्थी दिए गए विकल्पों में से आसान सवाल चुन लेते थे। अब हर सवाल का जवाब देना जरूरी होगा।
ये खबरें भी पढ़ें...
UCC के खिलाफ भोपाल में महिलाएं संभालेंगी मोर्चा, पूरे प्रदेश में होगा विरोध
MP में 27534 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति, अब तीन बटालियन से होगी औद्योगिक सुरक्षा
भोपाल बन रहा अगला भागीरथपुरा? नलों से आ रहा सीवेज का पानी, 90% सैंपल फेल
एमपी के स्कूलों में गूंजेंगे संस्कृत के श्लोक, सरकार ने DEO को भेजा पत्र