भोपाल कमिश्नर ऑफिस को बम की धमकी देने वाला गिरफ्तार, एमपी में 12 संस्थान थे निशाने पर
News In Short
- देशभर के 1100 से ज्यादा भवनों को बम धमकी ईमेल मिले थे।
- आरोपी श्रीनिवास को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मैसूर से गिरफ्तार कर लिया है।
- एमपी के 12 बड़े संस्थानों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।
- आरोपी बेरोजगार था और अलग-अलग फर्जी ईमेल आईडी इस्तेमाल करता था।
- एमपी पुलिस ने इस मामले में एसआईटी (Special Investigation Team) बनाई थी।
1100 भवनों को बम धमकी देने वाला गिरफ्तार
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एमपी समेत देशभर के 1100 से ज्यादा सरकारी और निजी भवनों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी का नाम श्रीनिवास उर्फ लुईस है। उसे कर्नाटक के मैसूर शहर से पकड़ा गया है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने पिछले कुछ महीनों में 1100 से ज्यादा फर्जी ईमेल भेजे थे। इन ईमेल में बम से उड़ाने की धमकियां दी गई थीं। इससे पूरे देश में दहशत का माहौल बना हुआ था।
कौन है आरोपी श्रीनिवास?
श्रीनिवास मूल रूप से बेंगलुरु का रहने वाला है। वो पोस्ट ग्रेजुएट है, लेकिन इस वो वक्त बेरोजगार है। श्रीनिवास अपनी मां के साथ मैसूर में किराए के मकान में रह रहा था। उसकी मां एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं और घर की अकेली कमाने वाली सदस्य हैं। उसका एक भाई भी है जो अलग रहता है।
पुलिस के मुताबिक बेरोजगारी के चलते आरोपी मानसिक तनाव में था। घर की तलाशी के दौरान उसके पास से अलग-अलग सिम कार्ड भी बरामद हुए हैं।
एमपी के 12 संस्थानों को थी धमकी
मध्य प्रदेश के कई अहम संस्थान भी आरोपी के निशाने पर थे। भोपाल कमिश्नर ऑफिस, एम्स (All India Institute of Medical Sciences) भोपाल, पीपुल्स यूनिवर्सिटी, जेके यूनिवर्सिटी, अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय और मंत्रालय जैसे बड़े ठिकानों को धमकी दी गई थी।
इसके अलावा सतना, बड़वानी, बालाघाट और मैहर की जिला अदालतों को भी नहीं बख्शा गया। भोपाल और इंदौर के हवाई अड्डों को भी बम से उड़ाने की धमकियां मिली थी। कुल मिलाकर अकेले मध्य प्रदेश में 12 संस्थानों को निशाना बनाया गया था।
दिल्ली हाई कोर्ट भी था निशाने पर
सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, दिल्ली हाई कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इससे देश की राजधानी में भी सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई थीं। दिल्ली हाई कोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान को धमकी मिलने के बाद वहां सुरक्षा बढ़ाई गई।
डिजिटल जाल बिछाकर फैलाई दहशत
आरोपी ने धमकियां देने के लिए सोची-समझी रणनीति अपनाई। अलग-अलग फर्जी ईमेल आईडी और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। हर बार नई मेल आईडी से धमकी भेजी जाती थी, ताकि पकड़ में न आए।
एमपी पुलिस ने बनाई थी SIT
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था। भोपाल रेलवे एसपी राहुल लोढा को इस एसआईटी का प्रमुख बनाया गया था।
एसआईटी की जांच जारी थी, तभी दिल्ली पुलिस ने आरोपी को मैसूर से दबोच लिया। अभी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच आरोपी से पूछताछ कर रही है। आने वाले दिनों में एमपी एसआईटी भी आरोपी से पूछताछ कर सकती है।
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