15 फीसदी बड़ा होगा इस साल एमपी का बजट, पेपरलैस बजट को इन अफसरों ने बनाया खास

Sanjay Sharma | Feb 17, 2026, 22:50 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश का बजट 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए 15-20% बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने वाला है। इस बजट में कृषि, विकास और कल्याण की योजनाओं पर खास ध्यान दिया जाएगा।

News in Short

  • एमपी बजट 2026 15-20% बढ़कर ₹5 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
  • कृषि और किसान कल्याण पर सबसे ज्यादा राशि खर्च की जाएगी।
  • सड़क निर्माण और औद्योगिक विकास पर भी भारी खर्च की योजना है।
  • लाड़ली बहना जैसी योजनाओं के लिए भी बजट में महत्वपूर्ण राशि मिलेगी।
  • पेपरलेस बजट की शुरुआत पहली बार की जा रही है, जो डिजिटल रूप में पेश होगा।

News in Detail

BHOPAL. मध्य प्रदेश सरकार बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश करने जा रही है। इस बार बजट 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। यानी प्रदेश के बजट में सरकार 15 से 20 फीसदी तक इजाफा करने जा रही है।



बजट में सबसे ज्यादा फोकस कृषि और किसान कल्याण पर होगा। सरकार ने मौजूदा साल को `कृषक कल्याण` वर्ष घोषित किया है।। वहीं लाड़ली बहना जैसी अहम योजनाओं को इस बार भी बजट में खासी राशि मिलना तय है।



प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा दे रही सरकार सड़कों के निर्माण पर भी भारी भरकम राशि खर्च करने जा रही है। यानी लोक निर्माण विभाग को भी बजट में भरपूर राशि मिलना तय है।



ये चर्चा तो उस बजट की है जिसे 18 फरवरी को राज्य विधानसभा में सरकार की ओर से पेश किया जाएगा। उनकी बात करना भी जरूरी है जो इस भारी भरकम बजट को तैयार करने के लिए कई महीनों से मेहनत कर रहे हैं।



बजट को लोक लुभावन बनाने के साथ ही हर वर्ग, हर विभाग को ध्यान में रखकर प्रावधान तैयार करने वाले ये अधिकारी कौन है ? कैसे उन्होंने सरकार के लिए बजट तैयार किया जो आगामी वित्त वर्ष में प्रदेश और जनता की दिशा और दशा तय करेगा।



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मध्य प्रदेश बजट के चमकीली सितारे

मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की टीम वैसे तो लंबी चौड़ी है, लेकिन बजट तैयार करने में पांच अफसरों की भूमिका सबसे अहम रही है। इनमें सबसे पहला नाम मनीष रस्तोगी का आता है। आईएएस मनीष रस्तोगी वित्त विभाग के एसीएस भी हैं। 1994 बैच के आईएएस अधिकारी रस्तोगी बीटेक हैं, लेकिन बजट प्रबंधन में उन्हें महारथ हासिल है।



प्रशासनिक सेवा के महत्वपूर्ण पदों पर काम करने के बाद अब वे प्रदेश की वित्त व्यवस्था संभाल रहे हैं। वित्त के मामले में स्थिरता, बजट संबंधी नीतियों को बेहतर और मजबूत बनाने में वे बीते कई महीनों से जुटे रहे हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधानसभा में पेश होने वाले बजट भी उनकी वित्त मामलों की दक्षता का उदाहरण बनेगा।



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बजट में नजर आएगा अनुभव, दक्षता और प्रबंधन

पिछले वित्त वर्ष से 15 से 20 फीसदी अधिक राशि के बजट को तैयार करने वालों में दूसरा प्रमुख नाम वित्त सचिव लोकेश जाटव का है। जाटव 2004 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वे बीए की पढ़ाई के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा में आए हैं।



बैतूल जिले में जन्मे आईएएस जाटव के पिता आयकर विभाग में अधिकारी रहे हैं। यहीं से उन्होंने फाइनेंस और टैक्स का बेसिक ज्ञान पाया। पिता के माध्यम से मिला यही नॉलेज अब वित्त सचिव के रूप में उनके काम को बेहतर बना रहा है। आईएएस जाटव के बाद सूत्रधार की फेहरिस्त में तीसरा नाम वित्त विभाग के आयुक्त और निदेशक ट्रेजरी- अकाउंट्स भास्कर लक्षकार का है।



मध्य प्रदेश सरकार के बजट के लिए आईएएस लक्षकार की भूमिका उनकी विभागीय प्रोफाइल से भी अहम हो जाती है। 2010 बैच के आईएएस लक्षकार के पास इंजीनियरिंग की डिग्री और फॉरेस्ट मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा है। बजट में भी उनकी प्रशासनिक दक्षता के साथ ही प्रबंधन दक्षता नजर आएगी।



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विकास के साथ जनकल्याण पर केंद्रित

मध्य प्रदेश सरकार के बजट में किसान कल्याण पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। बजट में कृषि के विस्तार के लिए योजनाओं पर सरकार सबसे ज्यादा राशि खर्च करने जा रही है। वहीं बजट से प्रदेश में सड़कों का जाल भी मजबूत होगा। बेहतर सड़कें प्रदेश के विकास की रफ्तार को तेज करेंगी। इसके अलावा जनकल्याण की योजनाओं को भी बजट में खासी जगह मिली है।



लाड़ली बहना जैसी लोकप्रिय योजनाएं सीधे तौर पर जनता को लाभान्वित करती रहेंगी। बजट के इन प्रावधानों को 2012 बैच के आईएएस राजीव रंजन मीना ने कुशलता के साथ तैयार किया है। बीटेक की डिग्री हासिल करने वाले आईएएस मीणा वित्त विभाग में ओएसडी के साथ ही अतिरिक्त सचिव और निदेशक की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा 2026-27 का जो बजट सरकार 18 फरवरी को विधानसभा में पेश करेगी उसके डायरेक्टर भी वही हैं।



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पेपरलैस बजट का दिया नया कलेवर

बजट औद्योगिक विकास के साथ ही सर्वहारा वर्ग के कल्याण को नई दिशा देने वाला हो सरकार की यही मंशा है। इस मंशा को जमीनी हकीकत देने के लिए वित्त विभाग के पांचवे अधिकारी हैं आईएएस रोहित सिंह। पहली बार सरकार विधानसभा में पेपरलैस बजट पेश करेगी। इस बजट को नया रूप देने वाली टीम में 2012 बैच के आईएएस अधिकारी रोहित सिंह की अहम भूमिका है।



दिल्ली से फिलॉसफी और जिओलॉजी में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले रोहित सिंह वित्त विभाग में अतिरिक्त सचिव हैं। उनका वित्तीय प्रबंधन मध्य प्रदेश सरकार के बजट के रूप में सामने आएगा। वे भी बीते कई महीनों से बजट तैयार करने वाली टीम का हिस्सा हैं और विभागीय कामों के साथ दिन- रात बजट प्रावधान तैयार कर रहे हैं।



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