मध्यावधि 2026: मोहन सरकार के मंत्रिमंडल सर्वे में 11 मंत्री रेड जोन में, कुशवाह सबसे नीचे

The Sootr | Jun 15, 2026, 15:50 IST
मध्यावधि 2026
13 जून 2026 को मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार का आधा सफर पूरा हो गया। ढाई साल बीत गए। अब उल्टी गिनती शुरू है। और ठीक इसी दौरान thesootr लेकर आया है मध्यप्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा और विश्वसनीय सर्वे…

मध्यप्रदेश की हर विधानसभा से डेटा लेकर तैयार किए गए इस सर्वे में जानिए लोगों के मन की बात… और हां! ये सर्वे किसी तरह की घोषणा नहीं करता सिर्फ प्राप्त आंकड़ों से परसेप्शन बताता है।



हमने पूछे सिर्फ तीन सवाल

  1. क्या आप अपने विधायक से संतुष्ट हैं?
  2. BJP और डॉ. मोहन यादव की सरकार से संतुष्ट हैं या नहीं?
  3. क्या कांग्रेस प्रदेश में active दिखती है?

तो पहली बार हर नागरिक जान सकेगा

  • उसके अपने जिले का मूड क्या है
  • उसके विधायक को जनता पास करती है या फेल
  • मोहन यादव सरकार के बारे में उसके इलाके की राय क्या है
  • कांग्रेस जनता को active दिखती है या नहीं

क्या है यह सर्वे और कैसे बनी रैंकिंग

thesootr ने 15 जून 2026 को मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा के 31 मंत्रियों की मध्यावधि प्रदर्शन समीक्षा जारी की है। इसमें 3 हजार 916 मतदाताओं की राय ली गई। हर मंत्री को 0 से 100 के बीच स्कोर दिया गया जो तीन आंकड़ों पर आधारित है।



विधायक या क्षेत्रीय संतुष्टि को 40% भार, सरकार या विभागीय संतुष्टि को 40% भार और कांग्रेस सक्रियता को उलटकर 20% भार दिया गया। यानी जिस मंत्री की सीट पर कांग्रेस जितनी कम सक्रिय है उसे उतने ज्यादा अंक मिलते हैं। ग्रेड बैंड इस तरह है: A+ यानी 65 से ऊपर, A यानी 60 से 65, B यानी 55 से 60, C यानी 50 से 55, D यानी 45 से 50 और E यानी 45 से नीचे।



पूरे मंत्रिमंडल में विधायक संतुष्टि का औसत 53.5% और सरकार संतुष्टि का औसत 50.4% रहा। कांग्रेस सक्रियता का औसत 46.3% दर्ज हुई।



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टॉप 6: ये हैं मंत्रिमंडल की रीढ़

पहले नंबर पर कुंवर विजय शाह (जनजातीय कार्य मंत्री, हरसूद सीट, खंडवा) हैं जिनका स्कोर 62.8 और ग्रेड A है। उनकी विधायक संतुष्टि 67.2% और सरकार संतुष्टि 61.7% है।



दूसरे स्थान पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा (वित्त मंत्री, मल्हारगढ़ SC सीट, मंदसौर) हैं जिनका स्कोर 62.68 है। उनकी विभागीय संतुष्टि 69.9% के साथ पूरे मंत्रिमंडल में सबसे ऊंची है। तीसरे पर राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल (कुटीर एवं ग्रामोद्योग, कोतमा सीट, अनूपपुर) हैं जिनकी विधायक संतुष्टि 72.5% के साथ पूरे मंत्रिमंडल में सर्वोच्च है।



चौथे पर चेतन्य काश्यप (MSME यानी Micro, Small and Medium Enterprises मंत्री, रतलाम शहर) 62.14 स्कोर के साथ हैं। पांचवें पर इंदर सिंह परमार (उच्च शिक्षा, शुजालपुर, शाजापुर) 61.12 स्कोर पर हैं। छठे स्थान पर तुलसीराम सिलावट (जल संसाधन, सांवेर SC, इंदौर) 60.46 स्कोर के साथ हैं। ये छहों मंत्री A ग्रेड में हैं।



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CM मोहन यादव का स्कोर औसत पर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रैंकिंग से अलग रखा गया है लेकिन उनका स्कोर 52.42 है। विधायक संतुष्टि 55.2% और सरकार संतुष्टि 53.1% है जो औसत के आसपास है। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक उनकी सीट पर कांग्रेस सक्रियता 54.5% है जिसे उल्लेखनीय स्तर माना गया है।



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रेड जोन: 11 मंत्रियों पर तत्काल ध्यान जरूरी

सर्वे में 50 से कम स्कोर वाले 11 मंत्रियों को रेड जोन में रखा गया है। इनमें सबसे नीचे नारायण सिंह कुशवाह (सामाजिक न्याय मंत्री, ग्वालियर दक्षिण) हैं जिनका स्कोर 36.28 और ग्रेड E है। उनकी विधायक संतुष्टि 27.5% और सरकार संतुष्टि 29.7% है।



उनसे ऊपर धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी (संस्कृति और पर्यटन मंत्री, जबेरा, दमोह) 38.22 स्कोर पर हैं जिनकी विधायक संतुष्टि 26.4% है जो पूरे मंत्रिमंडल में सबसे कम है। तीसरे सबसे कमजोर दिलीप अहिरवार (वन मंत्री, चंदला SC, छतरपुर) 39.58 स्कोर पर हैं।



ग्वालियर के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर 43.38 स्कोर के साथ E ग्रेड में हैं। किसान कल्याण मंत्री एदल सिंह कंषाना (सुमावली, मुरैना) 43.24 स्कोर पर हैं। इन सभी के बारे में सर्वे रिपोर्ट कहती है कि ये विभागीय समीक्षा और संभावित फेरबदल के प्रत्यक्ष दावेदार हैं।



डबल खतरे में एक मंत्री

सर्वे में नागर सिंह चौहान (अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री, आलीराजपुर ST) को "डबल जोखिम" वाली श्रेणी में रखा गया है। उनकी व्यक्तिगत विधायक संतुष्टि 66.4% तो ऊंची है लेकिन सरकार या विभागीय संतुष्टि महज 40.9% है। साथ ही उनकी सीट पर कांग्रेस सक्रियता 66.4% के साथ पूरे मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा है। यह संयोजन BJP के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है।



संभागवार तस्वीर

शहडोल संभाग (औसत स्कोर 62.4) और उज्जैन संभाग (59.6) के मंत्री सबसे मजबूत हैं। इंदौर (57.2), रीवा (54.5) और जबलपुर (54.2) संभाग के मंत्री मध्यम स्थिति में हैं। भोपाल संभाग (53.4) औसत के आसपास है। सबसे कमजोर ग्वालियर (39.8) और सागर (41.4) संभाग हैं जहां के मंत्री औसत से बहुत नीचे हैं।



उप मुख्यमंत्री श्रेणी का औसत स्कोर 58.2 के साथ सबसे ऊंचा है। कैबिनेट मंत्रियों का औसत 52.1 और राज्यमंत्रियों का औसत 51 से 51.7 के बीच है।



यह रिपोर्ट कार्ड क्यों जरूरी है?

यह रिपोर्ट कार्ड मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए इसलिए अहम है क्योंकि यह सीधे बताती है कि उनके क्षेत्र के मंत्री कितना काम कर रहे हैं। लोकतंत्र में सरकार की जवाबदेही तय करने में ऐसे सर्वे अहम भूमिका निभाते हैं। 11 मंत्रियों का रेड जोन में होना यह बताता है कि मोहन यादव सरकार के लिए 2028 से पहले गंभीर आत्ममंथन जरूरी है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत मंत्रिमंडल सामूहिक रूप से विधानसभा के प्रति जवाबदेह है और ऐसे सर्वे इस जवाबदेही को जनता के सामने रखते हैं।



FAQ

  1. MP मंत्रिमंडल सर्वे 2026 में सबसे अच्छा और सबसे खराब प्रदर्शन किसका रहा?
    thesootr के मध्यावधि 2026 सर्वे में 30 मंत्रियों (CM को छोड़कर) में सबसे अच्छा प्रदर्शन कुंवर विजय शाह का रहा जिनका स्कोर 62.8 और ग्रेड A है। उनकी विधायक संतुष्टि 67.2% और सरकार संतुष्टि 61.7% है। सबसे खराब प्रदर्शन नारायण सिंह कुशवाह का रहा जिनका स्कोर 36.28 और ग्रेड E है। उनकी विधायक संतुष्टि 27.5% और सरकार संतुष्टि 29.7% है।
  2. MP कैबिनेट सर्वे में रेड जोन में कौन से मंत्री हैं?
    50 से कम स्कोर वाले 11 मंत्री रेड जोन में हैं। इनमें संपतिया उइके, नागर सिंह चौहान, करण सिंह वर्मा, राकेश शुक्ला, गोविंद सिंह राजपूत (D ग्रेड) और प्रद्युम्न सिंह तोमर, एदल सिंह कंषाना, लखन पटेल, दिलीप अहिरवार, धर्मेंद्र लोधी तथा नारायण सिंह कुशवाह (E ग्रेड) शामिल हैं। सर्वे के अनुसार इन्हें विभागीय समीक्षा और संभावित फेरबदल का दावेदार माना गया है।
  3. CM मोहन यादव का सर्वे में क्या स्कोर रहा?
    CM डॉ. मोहन यादव को रैंकिंग से अलग रखा गया है। उनका स्कोर 52.42 है जो मंत्रिमंडल के औसत के आसपास है। विधायक संतुष्टि 55.2% और सरकार संतुष्टि 53.1% है। उनकी सीट पर कांग्रेस सक्रियता 54.5% है जिसे सर्वे में उल्लेखनीय स्तर माना गया है और सतर्कता की जरूरत बताई गई है।

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