मोहन कैबिनेट का फैसला: हर विधानसभा क्षेत्र में बनेंगे स्टेडियम, 961 करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी
Mohan Cabinet: मध्यप्रदेश में हर मंगलवार की तरह 22 सितंबर को भी कैबिनेट बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इनमें खेल, बिजली और परिवहन से जुड़े फैसले शामिल हैं। साथ ही कई पुरानी योजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया है।
230 विधानसभा सीटों पर बनेंगे स्टेडियम
मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक स्टेडियम बनेगा। यह सिर्फ मैदान वाला स्टेडियम नहीं होगा। इसे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की तरह विकसित किया जाएगा। इसमें इनडोर और आउटडोर दोनों तरह के खेल होंगे। जहां 10 एकड़ से ज्यादा जमीन मिलेगी, वहां पूरी सुविधा बनेगी।
हर कॉम्प्लेक्स की लागत करीब सात करोड़ रुपए होगी। एक कॉम्प्लेक्स में 10 से 12 खेल शामिल किए जाएंगे। इनमें पांच से छह खेल इनडोर होंगे। चार से पांच खेल आउटडोर होंगे। इनका नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रखा गया है। अगले पांच साल में इस पर 960 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
अभी 230 में से 140 सीटों पर ऐसी सुविधा नहीं है। इन सभी 140 जगहों पर नए कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। बाकी 90 जगहों की अधूरी सुविधाओं को भी पूरा किया जाएगा। हर जगह ट्रेनिंग के लिए कोच भी रखे जाएंगे।
स्टेडियम में बनेगा हेलीपैड
इस योजना में एक नई और खास बात भी जोड़ी गई है। हर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक हेलीपैड भी बनेगा। यह हेलीपैड मैदान के बीच में बनाया जाएगा। इसका मकसद एयर एंबुलेंस सेवा को मजबूत करना है। अभी कई गांवों में तुरंत हेलीपैड बनाना मुश्किल होता है।
इसमें काफी समय लग जाता है। अब यह हेलीपैड 24 घंटे और सातों दिन तैयार रहेगा। जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को तुरंत एयरलिफ्ट किया जा सकेगा। मंत्री ने कहा कि यह ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ी राहत होगी।
2800 मेगावाट बिजली को मंजूरी
कैबिनेट ने बिजली से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी लिया है। पावर मैनेजमेंट कंपनी की एक रिपोर्ट सामने आई थी। इसके मुताबिक अभी मध्य प्रदेश में बिजली सरप्लस है। लेकिन आने वाले सालों में नए उद्योग तेजी से बढ़ेंगे। सेमीकंडक्टर और टेलीकॉम उद्योगों का विस्तार हो रहा है। शहरों का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है।
इस वजह से 2037 तक करीब 1900 मेगावाट बिजली की कमी हो सकती है। यह अनुमान एक राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी ने लगाया है। थर्मल पावर प्लांट बनने में पांच से सात साल लगते हैं। इसी वजह से सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।
कैबिनेट ने 1900 मेगावाट नई बिजली खरीदने की मंजूरी दी। इसके साथ ही 900 मेगावाट का पुराना करार भी जोड़ा गया। इस तरह कुल 2800 मेगावाट थर्मल बिजली खरीदी जाएगी। इससे 2037 तक की जरूरत पूरी हो सकेगी।
961 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी
इसके अलावा कैबिनेट ने कई पुरानी योजनाओं को भी जारी रखा। इन पर करीब 961 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इनमें राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना भी शामिल है। इस पर अब तक 1000 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। अब इसमें 262 करोड़ रुपए का नया प्रावधान जोड़ा गया है। इस परियोजना का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पूरा होने पर इससे 400 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी।
इसी तरह नीमच-जावद की सिंचाई परियोजना पर भी टेंडर फिर से लगाए गए हैं। इस पर करीब 4197 करोड़ रुपए खर्च होंगे। विधि विभाग की कई योजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया है। ग्राम न्यायालय योजना को 2031 तक बढ़ाया गया है। परिवार न्यायालय और उच्च न्यायालय से जुड़ी योजनाओं को भी निरंतरता मिली है।
नया औद्योगिक कॉरिडोर बनेगा
मुख्यमंत्री ने एक नई औद्योगिक परिकल्पना भी सामने रखी है। इंदौर से भोपाल और भोपाल से जबलपुर तक नए ग्रीनफील्ड हाईवे बन रहे हैं। इन्हें सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि विकास का मॉडल बनाया जाएगा। इस पूरे रास्ते को औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए चार जगहों पर बड़े औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित हैं। वहां स्किल डेवलपमेंट के लिए अलग सिटी भी बनाई जाएगी।
इस पूरी योजना से करीब दो लाख नए रोजगार मिलने की उम्मीद है। फिलहाल इस पर सिर्फ प्रस्ताव तैयार हुआ है। आने वाले समय में इसे आगे बढ़ाया जाएगा। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री आज दोपहर बेंगलुरु में रोड शो करेंगे। यह रोड शो ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब से जुड़ा है। यह हब केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय के साथ मिलकर बनाया जा रहा है। इस पर करीब 10,010 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। इसका पहला चरण पूरी तरह बुक हो चुका है। अब दूसरे चरण को लेकर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री बेंगलुरु जा रहे हैं।
25 सितंबर से शुरू होगी बस सेवा
बैठक में परिवहन विभाग का भी बड़ा प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना 25 सितंबर से शुरू होगी। इसकी शुरुआत भोपाल से की जाएगी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आने की संभावना है। उस दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
मार्च तक करीब 1000 बसें इस योजना से जुड़ेंगी। ये सभी बसें निजी ऑपरेटरों की होंगी। सरकार खुद कोई बस नहीं खरीदेगी। सरकार सिर्फ रूट तय करेगी और निगरानी करेगी। किराया भी परिवहन विभाग के तय रेट पर ही रहेगा।
हर बस में सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस सिस्टम लगेंगे। इससे बस की लोकेशन ऑनलाइन पता चलती रहेगी। साल 2030-31 तक कुल 14 हजार 981 बसें इस योजना में जुड़ेंगी। मंत्री ने बताया कि यह देश का पहला ऐसा मॉडल है। पहले सिर्फ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार की कोई भागीदारी नहीं थी। अब मध्य प्रदेश में यह व्यवस्था शुरू हो रही है।
जन विश्वास अभियान की तारीख बदली
मंत्री ने जन विश्वास अभियान के बारे में भी जानकारी दी। यह अभियान हर शुक्रवार चलाया जाता है। इस दिन अधिकारी दफ्तर में नहीं, बल्कि फील्ड में रहते हैं। वे गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और गणेश विसर्जन है। इसलिए इस हफ्ते का अभियान 25 की जगह 26 सितंबर को होगा।
इसके अलावा सिंगरौली और रतलाम की हवाई पट्टियों को भी बड़ी सौगात मिली है। इन दोनों को अब एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का फैसला हुआ है। यह उड़ान टू योजना के तहत किया जाएगा। इंदौर के दंत चिकित्सा महाविद्यालय में भी सीटें बढ़ाई गई हैं। यहां यूजी सीटें 63 से बढ़ाकर 100 की जाएंगी। वहीं पीजी सीटें 35 से बढ़ाकर 44 की जाएंगी।
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