जनगणना 2027 के दौरान गलत जानकारी देने पर लगेगा जुर्माना, ये है गाइडलाइन
News In Short
- जनगणना 2027 के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है।
- आपकी निजी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और कोर्ट में नहीं दी जाएगी।
- प्रगणकों (Enumerator) को पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा।
- गलत जानकारी देने या टीम को रोकने पर एक हजार रुपए का जुर्माना लगेगा।
News In Detail
क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी गलती आपको जेल पहुंचा सकती है? मध्य प्रदेश में जनगणना का महाभियान शुरू हो चुका है और इस बार नियम पहले से कहीं ज्यादा सख्त हैं।
जनगणना-2027 के लिए नई दिशा-निर्देश जारी
मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार, 16 अप्रैल से शुरू हुई जनगणना-2027 के लिए नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों में आम लोगों और जनगणना में ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों के लिए जरूरी जानकारी दी गई है।
सुरक्षा की पूरी गारंटी
जनगणना के दौरान आपकी निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। यह डेटा किसी भी सिविल या क्रिमिनल कोर्ट में नहीं जाएगा। इसे साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करना कानूनन प्रतिबंधित कर दिया है। लोग बिना किसी डर के अपनी सही जानकारी दे सकते हैं।
कर्मचारियों के लिए जरूरी नियम
ड्यूटी पर तैनात प्रगणकों के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। उन्हें हमेशा अपना आधिकारिक पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही नियुक्ति पत्र दिखाना भी बेहद जरूरी है। यह नियम फर्जीवाड़े को रोकने के लिए लागू किया गया है।
एक हजार की पेनाल्टी
जनगणना के दौरान इन बातों का ध्यान रखें, नहीं तो आपके ऊपर एक हजार रुपए तक की पेनाल्टी लग सकती है।
- जनगणना के दौरान गलत जानकारी बिल्कुल न दें।
- पूछे गए सवालों का सही से जवाब दें।
- घर या कॉलोनी में जनगणना टीम को घुसने से न रोकें।
- घर पर लिखे गए नंबर या निशान को न मिटाएं।
- जनगणना कार्यालय में बिना अनुमति के न घुसें।
रुकावट करने पर होगी सजा
अगर जनगणना ड्यूटी में लगा कोई कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाने से इनकार करता है। या फिर कोई जनगणना के काम में रुकावट डालता है या कानूनी कर्तव्यों को पूरा करने में अड़चन डालता है, तो उन्हें तीन साल की सजा हो सकती है।
साथ ही जनगणना से जुड़े किसी व्यक्ति ने नियमों का पालन करने में लापरवाही बरती या उन्हें नजरअंदाज किया, तो भी तीन साल की सजा हो सकती है।
जनगणना की तैयारी
जनगणना के पहले चरण की तैयारी अक्टूबर 2025 में की गई थी। इसमें 35 सवालों की टेस्टिंग की गई थी, जैसे कि घर की सामग्री, जल स्रोत, शादीशुदा जोड़ों की संख्या और अन्य।
सेंसस 2027 का डिजिटल रूप
यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह से डिजिटल तरीके से होगी। इसमें करीब 30 लाख कर्मचारी अपने व्यक्तिगत मोबाइल फोन से डेटा इकट्ठा करेंगे। इन कर्मचारियों को इसके लिए उचित मानदेय दिया जाएगा।
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2011 के आंकड़ों की तुलना
पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। तब देश की कुल जनसंख्या 121 करोड़ दर्ज की गई थी। इसमें पुरुषों की आबादी 62 करोड़ (51.54%) थी। महिलाओं की संख्या 58 करोड़ (48.46%) के करीब थी। अब नई जनगणना के जरिए 15 साल बाद सटीक आंकड़े सामने आएंगे। कैबिनेट की समिति ने पिछले साल ही जातिगत गणना को मंजूरी दी थी।
FAQ
- क्या जनगणना में दी गई जानकारी सुरक्षित रहेगी?
हां, आपकी सभी जानकारियां पूरी तरह से गोपनीय रहेंगी। सरकार इसे किसी भी कानूनी मामले में उपयोग नहीं करेगी। यह डेटा सिर्फ विकास योजनाओं को बनाने में काम आएगा। नागरिकों को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया गया है। - जमगणना में गलत जानकारी देने पर क्या सजा हो सकती है?
गलत जानकारी देने पर आपको आर्थिक जुर्माना देना होगा। इसके लिए एक हजार रुपयए तक की पेनाल्टी तय है। सही जवाब देना हर नागरिक की कानूनी जिम्मेदारी है। गलत तथ्य दर्ज कराना भारी पड़ सकता है। - क्या जनगणना टीम को घर में आने से रोक सकते हैं?
जी नहीं, आप जनगणना टीम को बिल्कुल नहीं रोक सकते। ऐसा करना कानूनी रूप से एक बड़ा अपराध माना जाएगा। टीम को सहयोग करना आपकी जिम्मेदारी और अनिवार्य कर्तव्य है। रुकावट डालने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
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