एमपी में 10 जनवरी से जनगणना का दूसरा चरण, OBC के लिए नहीं बनेगा अलग कॉलम, ऐसे दर्ज होगी जाति...

Aman Vaishnav | Nov 05, 2026, 08:56 IST
मध्य प्रदेश में 10 जनवरी से शुरू हो रहे जनगणना के दूसरे चरण में अलग कॉलम के बिना सीधे जाति दर्ज कर ओबीसी के आंकड़े जुटाए जाएंगे।
Madhya Pradesh Census Second Phase: Enumerators to Collect Caste Data Digitally Without Separate OBC Column From January 10
मध्य प्रदेश में प्रस्तावित जनगणना का दूसरा चरण 10 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। इस बार लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए फॉर्म में अलग से कोई विकल्प मिलेगा? इसका सीधा जवाब है , नहीं। फॉर्म में ओबीसी के लिए अलग से कोई कॉलम तय नहीं किया गया है।

प्रगणक जब आपके घर आएंगे, तो वे आपसे सीधे आपकी जाति पूछेंगे और उसे पोर्टल पर दर्ज करेंगे। जनगणना अधिकारियों का कहना है कि पोर्टल पर एक ही जाति के अलग-अलग प्रचलित नामों को एक साथ एक समूह में रखा जाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि आगे चलकर जब भी जरूरत पड़ेगी, इसी दर्ज डेटा से ओबीसी का पूरा आंकड़ा आसानी से अलग निकाल लिया जाएगा।



जाति की सही पहचान के लिए राज्य सरकार की अधिसूचित सूचियों की मदद ली जाएगी। अगर किसी जाति का नाम संबंधित अधिसूचित सूची में नहीं मिलता है, तो उसकी जानकारी अन्य श्रेणी में दर्ज कर दी जाएगी।



9वें सवाल से शुरू होगी जाति की पूछ-परख, कुल होंगे 40 सवाल

बता दें कि इस जनगणना (एमपी में जनगणना का दूसरा चरण) में लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। 8वें सवाल में नागरिक से उसकी राष्ट्रीयता पूछी जाएगी। इसके ठीक बाद 9वें सवाल से धर्म और सामाजिक स्थिति से जुड़ी जानकारी लेने का सिलसिला शुरू होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सवालों का क्रम कुछ इस तरह तय किया गया है...



  • सवाल नंबर 9 - आपका धर्म क्या है?: कोई व्यक्ति अपना धर्म हिंदू, सिख या बौद्ध बताता है, तो उससे अगला सवाल 10-A पूछा जाएगा। ईसाई, मुस्लिम या जैन धर्म बताने वाले लोगों के लिए सवालों का क्रम अलग रहेगा।
  • सवाल नंबर 10-A - क्या आप अनुसूचित जाति (SC) के हैं?: जवाब हां में मिलता है, तो व्यक्ति से उसकी जाति पूछी जाएगी। मध्य प्रदेश की अधिसूचित सूची में नाम होने पर उसे दर्ज किया जाएगा। जवाब ना होता है, तो कर्मचारी सीधे 10-B सवाल पर बढ़ेंगे।
  • सवाल नंबर 10-B - क्या आप अनुसूचित जनजाति (ST) के हैं?: नागरिक हां कहता है, तो उसकी जनजाति का नाम पूछा जाएगा और उसका मिलान मध्य प्रदेश की अधिसूचित सूची से किया जाएगा।
  • सवाल नंबर 10-C - आपकी जाति क्या है?: अगर व्यक्ति एससी या एसटी वर्ग में नहीं आता है, तो उससे सीधे उसकी जाति पूछी जाएगी। इसमें ब्राह्मण, वैश्य, राजपूत, ठाकुर, दांगी, गुर्जर, जाट, यादव या जो भी अन्य जाति नागरिक बताएगा, उसे दर्ज किया जाएगा।

सरनेम अलग होंगे तो भी पोर्टल पर एक ही जाति के समूह में जुड़ेंगे

फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी जब 10-C में बताई गई जाति को पोर्टल पर भरेंगे, तो सिस्टम में पहले से मौजूद ग्रुपिंग तकनीक काम करेगी। अधिकारियों ने साफ किया है कि अलग-अलग सरनेम होने के बावजूद अगर मूल जाति एक है, तो पोर्टल उन्हें एक ही मुख्य समूह में जोड़ देगा।



  • ब्राह्मण वर्ग: कोई नागरिक अपना उपनाम पांडे, दुबे, त्रिवेदी, तिवारी या त्रिपाठी बताता है, तो ये सभी नाम ब्राह्मण समूह के तहत दर्ज होंगे।
  • वैश्य वर्ग: बनिया, माहेश्वरी, अग्रवाल जैसे सभी नाम एक ही वैश्य वर्ग समूह में गिने जाएंगे।
  • अन्य प्रमुख जातियां: इसी तरह यादव, गुर्जर, ग्वाला, गवली और जाट जैसी प्रविष्टियों को भी उनके तय समूह में व्यवस्थित किया जाएगा।

बंद सोसायटियों की परेशानी दूर होगी

पिछली बार के काम के दौरान कई बंद कैंपस और कवर्ड सोसायटियों में सुरक्षा गार्डों ने जनगणना कर्मचारियों को अंदर जाने से रोक दिया था। इस बार ऐसी किसी भी परेशानी से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी मदद करेगा ताकि कर्मचारी हर घर तक आसानी से पहुंच सकें।



इस महाअभियान को पूरा करने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।



  • भारी भरकम टीम: मैदान में 1.78 लाख प्रगणक और 30 हजार पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे।
  • तबादलों पर रोक: विभागों को 15 नवंबर तक कर्मचारियों के नाम देने के निर्देश दिए गए हैं। पिछली बार कई लोगों ने बीमारी या पारिवारिक कारणों से ड्यूटी निरस्त कराई थी। इस बार काम बीच में न रुके, इसलिए चुने गए कर्मचारियों के तबादले पर पूरी तरह रोक रहेगी।
  • बच्चों की पढ़ाई पर असर नहीं: ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों के कारण स्कूलों में पढ़ाई और परीक्षाओं पर कोई फर्क नहीं पड़ने दिया जाएगा।
  • सीमाओं में बदलाव नहीं: काम की सुविधा के लिए 1 जनवरी से 31 मार्च तक किसी भी जिले या तहसील की प्रशासनिक सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

शुरुआत में राज्यपाल और मुख्यमंत्री समेत 4 हस्तियों की गिनती

10 जनवरी को अभियान की शुरुआत बेहद खास अंदाज में होगी। सबसे पहले प्रदेश के चार प्रमुख पदों पर बैठे लोगों की गिनती की जाएगी:



  1. राज्यपाल मंगुभाई पटेल
  2. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
  3. मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल
  4. अपर मुख्य सचिव (गृह)

तय परंपरा के अनुसार, मध्य प्रदेश के जनगणना निदेशक खुद इन चारों हस्तियों के निवास पर जाकर उनकी जानकारी दर्ज करेंगे। इसके तुरंत बाद पूरे प्रदेश में आम जनता की गिनती का काम एक साथ शुरू हो जाएगा।



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