शहर के बाहर तक दौड़ेंगी मध्यप्रदेश की सिटी बस, परिवहन विभाग ने जारी किए नए रूट्स
परिवहन विभाग मध्यप्रदेश ने अब राजधानी में सिटी बस सेवा के लिए 26 रूट तय कर दिए हैं। साथ ही इसकी आधिकारिक सूचना जारी कर दी है।
इसके अलावा इंदौर में 28 और उज्जैन में 12 सिटी बस रूट्स की भी घोषणा की गई है। अब शहरी इलाकों के साथ-साथ रियायती टैक्स स्लैब के तहत उपनगरीय इलाकों में भी सिटी बस सेवा चलाई जाएगी।
रीजनल अर्बन ट्रांसपोर्ट जोन
राजपत्र में जिन नए रूट्स की घोषणा की गई है, उनमें राजधानी के साथ-साथ सीहोर, मंडीदीप, भोजपुर, रातापानी, औबेदुल्लागंज और आसपास के कई इलाकों को भी शामिल किया गया है। इसका मतलब ये है कि सरकार अब भोपाल को सिर्फ नगर निगम की सीमा तक नहीं, बल्कि एक बड़े रीजनल अर्बन ट्रांसपोर्ट जोन के रूप में देख रही है।
150 रुपए प्रति सीट प्रति तिमाही टैक्स
अब तक इन मार्गों पर चलने वाली कई बसें सामान्य स्टेज कैरिज के तहत टैक्स देती थीं। इसमें टैक्स दूरी के हिसाब से लिया जाता था। नए नियमों के मुताबिक इन रूट्स पर टैक्स 150 रुपए प्रति सीट प्रति तिमाही के हिसाब से लिया जाएगा, जो कि एक खास शहरी-उपनगरीय श्रेणी में आता है। इससे बस ऑपरेटरों पर टैक्स का बोझ काफी कम हो जाएगा।
जनवरी 2026 में मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम में बदलाव किया गया था। इसमें सिटी रूट की जगह अर्बन रूट शब्द लाया गया था। पहली बार सब-अर्बन एरियाज तक विस्तारित अर्बन रूट्स की नई श्रेणी बनाई गई है।
किन-किन रूट्स पर चलेंगी बसें
- एमपी में नए नियमों के अनुसार बसों पर कितना टैक्स लगेगा?
अब इन तय किए गए रूट्स पर चलने वाली बसों को 150 रुपये प्रति सीट प्रति तिमाही (3 महीने) के हिसाब से टैक्स देना होगा। पहले यह टैक्स दूरी के आधार पर लिया जाता था जो काफी अधिक था। - अर्बन रूट शब्द का क्या मतलब है और इसे क्यों लाया गया?
जनवरी 2026 में कानून बदलकर सिटी रूट की जगह अर्बन रूट (Urban Route) शब्द लाया गया। इसका मकसद सिर्फ शहर के अंदर ही नहीं, बल्कि शहर से सटे उपनगरीय इलाकों (Sub-urban areas) तक सस्ती ट्रांसपोर्ट सुविधा पहुंचाना है। - क्या भोपाल की बसें दूसरे जिलों जैसे सीहोर तक भी जाएंगी?
जी हां, सरकार ने भोपाल को एक रीजनल अर्बन ट्रांसपोर्ट जोन बना दिया है। इसके तहत सिटी बसें अब सीहोर, मंडीदीप, औबेदुल्लागंज और रातापानी जैसे इलाकों तक भी अपनी सेवाएं देंगी।
- एमपी में नए नियमों के अनुसार बसों पर कितना टैक्स लगेगा?
अब इन तय किए गए रूट्स पर चलने वाली बसों को 150 रुपये प्रति सीट प्रति तिमाही (3 महीने) के हिसाब से टैक्स देना होगा। पहले यह टैक्स दूरी के आधार पर लिया जाता था जो काफी अधिक था। - अर्बन रूट शब्द का क्या मतलब है और इसे क्यों लाया गया?
जनवरी 2026 में कानून बदलकर सिटी रूट की जगह अर्बन रूट (Urban Route) शब्द लाया गया। इसका मकसद सिर्फ शहर के अंदर ही नहीं, बल्कि शहर से सटे उपनगरीय इलाकों (Sub-urban areas) तक सस्ती ट्रांसपोर्ट सुविधा पहुंचाना है। - क्या भोपाल की बसें दूसरे जिलों जैसे सीहोर तक भी जाएंगी?
जी हां, सरकार ने भोपाल को एक रीजनल अर्बन ट्रांसपोर्ट जोन बना दिया है। इसके तहत सिटी बसें अब सीहोर, मंडीदीप, औबेदुल्लागंज और रातापानी जैसे इलाकों तक भी अपनी सेवाएं देंगी।
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