न विज्ञापन निकाला न प्रचार किया, MP में सीएम फेलो भर्ती में अचानक बदली तारीख, आवेदन के लिए मिले सिर्फ 48 घंटे
हैरानी की बात यह रही कि इस भर्ती की जानकारी न तो विज्ञापन देकर सार्वजनिक की गई और न ही इसका कोई व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ। इतना ही नहीं बुधवार दोपहर तक आवेदन करने की अंतिम तारीख 11 नवंबर तय थी, लेकिन शाम होते-होते इसे घटाकर 6 नवंबर कर दिया गया। सरकारी और संविदा नौकरियों में उम्मीदवारों को आमतौर पर कम से कम 10 से 14 दिन का समय दिया जाता है। वहीं यहां युवाओं को फॉर्म भरने के लिए केवल 48 घंटे की मोहलत दी गई है।
बाहर 6 नवंबर तो अंदर लिखी है 11 नवंबर की तारीख
इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब उम्मीदवारों ने सैडमैप के आधिकारिक पोर्टल (https://cedmapindia.zohorecruit.in) पर जाकर देखा। पोर्टल के मुख्य टाइटल पर लिखा गया है कि आवेदन की लिंक 6 नवंबर को बंद हो जाएगी। वहीं जब कोई उम्मीदवार अंदर जॉब डिस्क्रिप्शन और नोट पढ़ता है, तो वहां साफ तौर पर लिंक बंद होने की आखिरी तारीख 11 नवंबर शाम 6 बजे तक लिखी दिखती है। इस भारी अंतर की वजह से आवेदन करने वाले युवा पूरी तरह उलझन में हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों का क्या कहना है?
जब इस मामले में अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान के वीसी डॉ. राजीव दीक्षित का कहना है कि संस्थान की तरफ से आवेदन की आखिरी तारीख 11 नवंबर ही तय करके भेजी गई थी।
भर्ती और पद से जुड़ी खास बातें
- पद का नाम: सीएम फेलो (CM Fellow)
- आयु सीमा: 21 से 32 वर्ष
- कुल खाली पद: 9 पद (हर जिले में एक पद)
- खाली जिले: इंदौर, उज्जैन, सीहोर, ग्वालियर, जबलपुर, आगर-मालवा, मंदसौर, सिंगरौली और नरसिंहपुर
- वेतन और भत्ते: 55 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय और 35 हजार रुपए प्रतिमाह वाहन खर्च (Vehicle Allowance) अतिरिक्त दिया जाएगा।
- आधिकारिक वेबसाइट: cedmapindia.zohorecruit.in
क्यों खाली रह गए 9 पद?
प्रदेश के सभी 55 जिलों के लिए सितंबर के महीने में सीएम फेलो की चयन प्रक्रिया शुरू की गई थी। उस दौरान 4 उम्मीदवारों ने चयन होने के बाद भी नौकरी ज्वाइन नहीं की। बाकी बचे 51 चयनितों में से 2 ने रिपोर्टिंग करने के बाद काम छोड़ दिया। इसके बाद 3 अन्य फेलो ने सुशासन संस्थान में ट्रेनिंग लेने और जिला मिलने के बाद इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफा देने वाले फेलो आगर-मालवा, मंदसौर और सिंगरौली जिले से जुड़े थे। इस तरह केवल 46 जिलों में ही सीएम फेलो ने अपनी ज्वाइनिंग दी। इसके बाद ही अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान ने सैडमैप को बचे हुए 9 खाली पदों पर दोबारा भर्ती करने के निर्देश दिए थे।
ये खबर क्यों जरूरी है?
यह खबर इसलिए जरूरी है क्योंकि यह सीधे तौर पर सरकारी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़ी है। 90 हजार रुपए (मानदेय और वाहन खर्च मिलाकर) के बड़े पैकेज वाले सीएम फेलो पद के लिए बिना कोई विज्ञापन निकाले सिर्फ 48 घंटे की मोहलत देना साफ तौर पर लाखों योग्य युवाओं को अवसर से वंचित करता है।
जब सरकारी एजेंसियों द्वारा तय नियमों को दरकिनार कर गुपचुप तरीके से समयसीमा घटाई जाती है और पोर्टल पर तारीखों का झोल रखा जाता है, तो यह सिस्टम की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। इस गड़बड़ी को सामने लाना इसलिए आवश्यक है ताकि चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता बनी रहे। साथ ही आम उम्मीदवारों को भी बराबर का मौका मिल सके।
FAQ
1. एमपी में सीएम फेलो की भर्ती कितने पदों पर निकाली गई है?
सैडमैप की ओर से कुल 9 पदों पर भर्ती निकाली गई है। यह पद इंदौर, उज्जैन, सीहोर, ग्वालियर, जबलपुर, आगर-मालवा, मंदसौर, सिंगरौली और नरसिंहपुर जिले के लिए खाली हैं।