सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026 : भोपाल से सीएम ने दिखाई हरी झंडी, बोले- 'हार-जीत अपनी जगह, हिंसा बर्दाश्त नहीं'
राजनीति अपनी जगह है और आस्था अपनी जगह! भोपाल के रानी कमलापति (RKMP) स्टेशन पर आज का नजारा कुछ अलग ही था। मौका था 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026' की रवानगी का। मुख्यमंत्री ने खुद प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंचकर 1100 श्रद्धालुओं वाली इस स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। लेकिन इस धार्मिक माहौल में भी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बड़ा पॉलिटिकल स्टेटमेंट दिया। उन्होंने साफ कहा कि चुनाव में हार-जीत तो चलती रहती है, पर हार के डर से हिंसा पर उतर आना कतई सही नहीं है।
हिंसा पर सीएम का कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री का इशारा सीधे-सीधे उन लोगों की तरफ था जो चुनाव हारने के बाद माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता ने आपको इसीलिए घर बैठाया है क्योंकि आप मर्यादा भूल गए थे। राजनीति में हिंसा का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से बात करते हुए कहा कि हमें एकजुट होकर देश के दुश्मनों को भी यह मैसेज देना है कि अगर किसी ने भारत की तरफ आंख उठाकर देखा, तो उसे मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।
सोमनाथ का गौरवशाली इतिहास और नया भारत
सीएम ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए बताया कि सोमनाथ मंदिर पर 17 बार हमले हुए, लेकिन हमारी आस्था को कोई हिला नहीं सका। आज हजार साल बाद भी सोमनाथ मंदिर शान से खड़ा है। उन्होंने कहा कि यह 'नया भारत' है, जो हमला करना नहीं जानता, लेकिन अगर कोई छेड़ेगा तो उसे छोड़ता भी नहीं है। सरकार का मकसद सिर्फ ट्रेन चलाना नहीं, बल्कि अपनी 'सनातन संस्कृति' को बचाना और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है।
उज्जैन का उदाहरण: देवलोक से बदलती इकोनॉमी
मुख्यमंत्री ने उज्जैन के महाकाल लोक का जिक्र करते हुए एक बड़ा आर्थिक गणित भी समझाया। उन्होंने कहा कि 2022 से पहले उज्जैन में सिर्फ 25-30 हजार लोग आते थे। आज वहां हर रोज डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जब धार्मिक पर्यटन बढ़ता है, तो शहर की इकोनॉमी भी सुधरती है। इसी तर्ज पर मध्य प्रदेश सरकार अब धार्मिक स्थलों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा (Helicopter Service) भी शुरू कर चुकी है ताकि बुढ़ापे में भी बुजुर्ग आसानी से दर्शन कर सकें।
पहली बार ऐसी भव्य यात्रा
आपको बता दें कि 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत यह पहली बार है जब संस्कृति विभाग इतने बड़े लेवल पर श्रद्धालुओं को सोमनाथ भेज रहा है। यह ट्रेन भोपाल और उज्जैन से यात्रियों को लेकर रवाना हुई है। 8 से 11 जनवरी 2026 तक चलने वाले इस उत्सव में मध्य प्रदेश के ये 1100 लोग सोमनाथ की पावन धरती पर आध्यात्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हिस्सा बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने आखिर में सभी यात्रियों से अपील की कि वे भगवान की भक्ति में लीन होकर सत्संग का आनंद लें और प्रदेश की खुशहाली की कामना करें। कार्यक्रम में विधायक रामेश्वरम शर्मा और भगवान दास सबनानी जैसे बड़े चेहरे भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस यात्रा को प्रदेश के गौरव का प्रतीक बताया।
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