एमपी में सस्ते में मिलेगी बिजली, सीएम मोहन का ऐलान-मुरैना प्रोजेक्ट तैयार

Manya Jain | Sept 22, 2026, 15:39 IST
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मध्यप्रदेश में मुरैना की सोलर परियोजना से जनता को 2.70 रुपए प्रति यूनिट बिजली मिलेगी। CM मोहन यादव ने भोपाल में यह ऐलान किया। नीमच-मंदसौर में देश का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी प्लांट बन रहा है।

भोपाल में आयोजित एक वर्कशॉपमें CM डॉ. मोहन यादवने बड़ाऐलान किया। उन्होंनेबताया कि मुरैना मेंबनी सोलरइलेक्ट्रिसिटी स्टोरेजपरियोजना से सस्तीबिजली मिलेगी।



यहबिजली सिर्फ 2.70 रुपएप्रति यूनिट की दर सेमिलेगी। इसके अलावानीमच-मंदसौर में देशका सबसे बड़ा ग्रीनएनर्जी प्लांट भी बनरहा है। सरकार कालक्ष्य पूरे प्रदेश कोसस्ती और हरित बिजलीदेना है।



मुरैना प्रोजेक्ट से मिलेगी सबसे सस्ती बिजली

CMमोहन यादव ने कहा किग्वालियर-चंबल अंचल केमुरैना जिले में सोलरइलेक्ट्रिसिटी स्टोरेजपरियोजना स्थापित कीगई है। इसी परियोजनाके जरिए प्रदेशवासियोंको सबसे सस्ती बिजलीदी जाएगी।



दर सिर्फ2.70 रुपए प्रति यूनिटरखी गई है। सरकार काकहना है कि यह कदम आमजनता की बिजली सेजुड़ी परेशानी को काफीहद तक कम कर देगा।



नीमच-मंदसौर में बन रहा सबसे बड़ा प्लांट

मुख्यमंत्री ने बतायाकि ग्रीन गो कंपनी नेनीमच-मंदसौर में 2000मेगावॉट क्षमता काप्लांट स्थापित कियाहै। उनके मुताबिक यहदेश का अब तक का सबसेबड़ा और सबसे अनूठाप्रोजेक्ट होगा।



आमतौरपर इतनी बड़ी परियोजनापूरी होने में 4 से 6साल तक लग जाते हैं।लेकिन मध्यप्रदेश मेंयह काम सिर्फ ढाई सालमें पूरा हो रहा है।



पहले बिजली संकट, अब बिजली फुल स्टेट

CMमोहन यादव ने कहा किमध्यप्रदेश ने कभीलंबे समय तक पावर कटका दौर देखा था। लेकिनअब स्थिति पूरी तरहबदल चुकी है। उन्होंनेकहा कि नवकरणीय ऊर्जाउत्पादन के क्षेत्रमें प्रदेश खुद अपनेही रिकॉर्ड तोड़ रहाहै।



उनके मुताबिक कभीबिजली की कमी झेलनेवाला मध्यप्रदेश आजबिजली फुल स्टेट बनचुका है।



मध्य प्रदेश में बिजली की दर क्या है

मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में 4.8% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। यह फैसला तीनों बिजली वितरण कंपनियों (पूर्व, पश्चिम और मध्य क्षेत्र) पर लागू होता है, और नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी हैं।



इसके अलावा उपभोक्ताओं पर एक अतिरिक्त बोझ भी पड़ा। मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी (MPPMCL) ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) की दर 5.36 प्रतिशत तय की, जो अप्रैल के बिल में जोड़ी गई।



आम जनता को कैसे फायदा होगा

इस एंगल पर आर्टिकल में इन पॉइंट्स को जोड़ा जा सकता है:



  • तुलनात्मक सस्ता - मौजूदा दरों (जो 4.8% हाइक और सरचार्ज के बाद और बढ़ी हैं) की तुलना में 2.70 रुपए प्रति यूनिट की नई दर काफी कम है
  • बिल में राहत की उम्मीद - अगर यह सस्ती बिजली ग्रिड में शामिल होती है, तो आगे चलकर आम उपभोक्ता के बिल पर असर पड़ सकता है
  • स्मार्ट मीटर से अतिरिक्त छूट - कुछ रिपोर्ट्स में स्मार्ट मीटर पर दिन के समय अतिरिक्त छूट का भी जिक्र है, जो सोलर बिजली के साथ जोड़कर देखा जा सकता है
  • लॉन्ग टर्म फायदा - चूंकि यह ग्रीन एनर्जी है, इसलिए भविष्य में डिस्कॉम की लागत घटने से टैरिफ हाइक की रफ्तार धीमी हो सकती है

बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने आंकड़ेसाझा करते हुए बतायाकि मध्यप्रदेश के गठनसे 2002-03 तक राज्यकी बिजली उत्पादनक्षमता केवल 5000मेगावॉट थी। आज यहक्षमता बढ़कर 32 हजारमेगावॉट हो चुकी है।



इसमें से करीब 30प्रतिशत हिस्सा ग्रीनएनर्जी से आता है।उन्होंने कहा कि अबथर्मल पावर की जगहविंड, सोलर और पंपस्टोरेज से बिजली बनाईजा रही है।



स्मार्ट मीटर जैसी योजनाओं पर काम तेज

CM ने बतायाकि ऊर्जा विभाग तेजीसे योजनाओं को लागू कररहा है। प्रदेश में अबतक करीब 42 लाखस्मार्ट मीटर लगाए जाचुके हैं।



उनके अनुसारप्रदेश चौबीसों घंटेअक्षय ऊर्जा उत्पादनकी दिशा में आगे बढ़रहा है। उन्होंनेबिजली कंपनियों सेअपना घाटा कम करते हुएक्षमता बढ़ाने की बातभी कही।



केंद्र सरकार की नीतियों का दिया श्रेय

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीके कार्यकाल मेंदेश में बड़ा बदलावआया है। उनके मुताबिकG20 सम्मेलन में ग्रीनएनर्जी उत्पादन कामुद्दा उठने पर भारतऐसा इकलौता देश बना।



जिसने 50 प्रतिशतग्रीन एनर्जी उत्पादनका लक्ष्य हासिल किया।उन्होंने कहा कि सौरऊर्जा के इस्तेमाल सेदेश में कार्बनउत्सर्जन में 20 करोड़टन से ज्यादा कीगिरावट दर्ज हुई है।



ऊर्जा मंत्री ने कार्यशाला को बताया अहम

कार्यक्रम मेंऊर्जा मंत्रीप्रद्युम्न सिंह तोमरवर्चुअली जुड़े।उन्होंने कहा कि इसकार्यशाला से बिजलीवितरण कंपनियों कोज्यादा सक्षम और सशक्तबनाने में मदद मिलेगी।उनके मुताबिक इस मंथनसे कंपनियों के लिएउपयोगी सुझाव सामनेआएंगे।



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