सीएम मोहन यादव बोले- पाकिस्तान नेटवर्क को पुलिस जड़ से करेगी खत्म
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस ने एक खतरनाक नेटवर्क को खत्म किया है। यह नेटवर्क पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहा था। सीएम ने यह बातें पुलिस मुख्यालय में कही। यहां आईजी कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन सत्र हुआ था। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की।
क्या बोले सीएम यादव
सीएम यादव ने कहा कि यह नेटवर्क बड़ा आतंकवादी बन सकता था। यह देश के लिए संकट बन सकता था। हमारी पुलिस ने इसे समय रहते रोक दिया। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में भी पुलिस ऐसे लोगों को ढूंढ़ निकालेगी। उन्होंने इसके लिए एक स्थानीय कहावत का इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि बिलों में घुसे संपोलों को पुलिस बाहर निकालेगी।
भोपाल जिहादी नेटवर्क केस
सीएम ने भोपाल के युवक फराज की गिरफ्तारी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फराज पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहा था।
सीएम ने कहा कि इस नेटवर्क के खात्मे के दौरान पुलिस को कुछ जिहादी साहित्य भी मिला है। इसके आधार पर आगे की जांच चल रही है। सीएम ने साफ कहा कि ऐसी मानसिकता वाले अन्य लोगों को भी पुलिस तलाश लेगी।
ढाई साल की उपलब्धियां
सीएम ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने ढाई साल में कई ऐतिहासिक काम किए हैं।
इनमें सबसे बड़ी उपलब्धि नक्सलवाद से मुक्ति है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त हो गया है। साथ ही साइबर चुनौतियों से निपटने में भी पुलिस ने बड़ा रोल निभाया है।
सीएम ने धार के भोजशाला मामले का भी जिक्र किया। कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस ने इस मामले को बहुत समझदारी से संभाला। इससे कहीं भी कोई तनाव नहीं फैला।
22 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती
सीएम यादव ने एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में 8 साल बाद सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती हुई है।
उन्होंने कहा कि अगले तीन सालों में 22 हजार पद भरे जाएंगे। इसके लिए हर साल भर्ती प्रक्रिया चलाई जाएगी। यह युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा।
पीड़ितों के साथ व्यवहार पर जोर
आईजी कॉन्फ्रेंस में सीएम ने पुलिस के व्यवहार पर भी बात की। उन्होंने कहा कि लोगों का भरोसा बनाए रखना पुलिस का पहला कर्तव्य है।
उन्होंने निर्देश दिए कि पीड़ितों के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए। उनके हितों की सुरक्षा के लिए तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। यही पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
सिंहस्थ 2028 की तैयारी
सीएम ने सिंहस्थ 2028 को भी एक बड़ा आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व है।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन में पुलिस को संवेदनशीलता और सतर्कता दिखानी होगी। सेवा भाव के साथ काम करने से एमपी पुलिस एक आदर्श उदाहरण बन सकती है। इससे देश-दुनिया में पहचान बनेगी।
साइबर अपराध और सुरक्षा पर निर्देश
सीएम यादव ने कुछ अहम निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ जनजागरूकता भी बढ़ानी होगी।
उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने पर भी जोर दिया। साथ ही मानव तस्करी पर नियंत्रण करने को कहा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए गए।
सीएम ने धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायालयों के निर्देशों का सख्ती से पालन हो। यह सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी होगी।
फराज की गिरफ्तारी और जांच की पूरी टाइमलाइन इस प्रकार है:
- संदिग्ध गतिविधि: भोपाल का रहने वाला फराज काफी समय से सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था।
- एजेंसी का इनपुट: केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने उसकी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक किया और मध्य प्रदेश पुलिस को अलर्ट भेजा।
- गिरफ्तारी (जून 2026): आईजी कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले पुलिस की स्पेशल टीम ने फराज को भोपाल से दबोच लिया।
- जांच की प्रगति: पूछताछ में पता चला है कि वह भारत विरोधी नेटवर्क तैयार कर रहा था। उसके पास से भारी मात्रा में डिजिटल सबूत और जिहादी साहित्य बरामद हुआ है। पुलिस अब उसके वित्तीय लेन-देन और मददगारों की तलाश कर रही है।
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