तहसीलदार पटवारी नामांतरण के लिए मांगते हैं पैसे, नहीं दो तो जमीन सरकारी कर देते हैं

Pawan Modiya | Mar 06, 2026, 22:38 IST
Photograph: (the sootr)
सीएम मोहन यादव की बैठक में किसानों ने जमीन नामांतरण में पटवारी द्वारा पैसे मांगने की शिकायत की। सीएम को भिंड के किसानों का आक्रोश झेलना पड़ा। सरकार ने गेहूं MSP और बोनस पर अहम फैसले लिए।

मध्य प्रदेश। किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्रीडॉ. मोहन यादवके सामने एक गंभीर मुद्दा सामने आया है। शुक्रवार को समत्व में आयोजित बैठक मेंभारतीय किसान संघके प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरानभिंड जिले के किसानोंने सीधे मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा किजमीन नामांतरण (Land Mutation)के लिए क्षेत्र केपटवारी पैसे मांगते हैंऔर अगर पैसे नहीं दिए जाते तो किसानों को धमकाया जाता है कि उनकी जमीन सरकार के नाम कर दी जाएगी।



किसानों की इस शिकायत को सीएम मोहन यादव ने गंभीरता से लेते हुए तुरंतभिंड कलेक्टरसे इस मामले पर चर्चा की। साथ ही बैठक में किसानों के हित में कई बड़े फैसले भी लिए गए,जिनमेंगेहूं MSP (Minimum Support Price)पर बोनस,उड़द खरीद पर अतिरिक्त राशि और सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने जैसे निर्णय शामिल हैं।



किसानों ने सीएम के सामने रखी जमीन नामांतरण की समस्या

बैठक के दौरान भिंड जिले के किसानों ने मुख्यमंत्री को बताया किजमीन नामांतरण (Land Mutation)की प्रक्रिया में कई तरह की परेशानियां सामने आती हैं। किसानों का आरोप है कि पटवारी इस काम के लिएरिश्वत मांगते हैं।किसानों के अनुसारनामांतरण कराने के लिएअतिरिक्त पैसे की मांगकी जाती है।पैसे न देने परधमकी दी जाती हैकि जमीन सरकार के नाम दर्ज हो जाएगी।राजस्व विभाग के चक्कर लगाते-लगाते किसानों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है।इस पर मुख्यमंत्रीडॉ. मोहन यादवने तुरंत अधिकारियों से जवाब मांगा और कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





मुख्यमंत्री ने भिंड कलेक्टर से की तत्काल बात

किसानों की शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री नेभिंड कलेक्टरसे सीधे बातचीत कर मामले की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए:यदि पटवारी द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाई जाती है,तोकड़ी कार्रवाईकी जाए।किसानों को नामांतरण जैसी सेवाएंसमय सीमा में और बिना भ्रष्टाचार केमिलनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।



गेहूं MSP पर बोनस का ऐलान

बैठक में किसानों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने बताया किकेंद्र सरकार द्वारा तयगेहूं MSP 2585 रुपए प्रति क्विंटलके ऊपरमध्य प्रदेश सरकार₹40 प्रति क्विंटल बोनसदेगी।इससे राज्य के लाखों किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी फसल का बेहतर दाम मिल सकेगा।



किसानों के लिए बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले

1️⃣गेहूं खरीदी पर₹40 प्रति क्विंटल बोनस2️⃣उड़द खरीदी पर₹600 प्रति क्विंटल बोनस3️⃣गेहूं पंजीयन की अंतिम तिथि7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च4️⃣किसानों को सिंचाई के लिएदिन में बिजलीउपलब्ध कराने का फैसला5️⃣फसल नुकसान परमुआवजा व्यवस्था सुधारनेपर चर्चा





उड़द की खेती को बढ़ावा देने की योजना

मुख्यमंत्री ने किसानों कोउड़द की खेतीबढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकारउड़द खरीदी पर ₹600 प्रति क्विंटल बोनसदेगी।सरकार का उद्देश्य है कि किसान दलहन की खेती को बढ़ाएं ताकिमिट्टी की उर्वरता बेहतर हो,किसानों की आय बढ़े,बाजार में दालों की उपलब्धता बढ़े।



गेहूं पंजीयन की तारीख बढ़ाई गई

किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार नेगेहूं खरीदी पंजीयन की अंतिम तिथिबढ़ा दी है।अब किसान10 मार्च तक पंजीयनकर सकते हैं। पहले यह तारीख7मार्च निर्धारित थी।



सरकार का मानना है कि इससे अधिक से अधिक किसानों कोMSP और बोनस का लाभमिल सकेगा।





सिंचाई के लिए दिन में बिजली देने का निर्णय

बैठक में किसानों की एक और बड़ी समस्या सामने आई-रात में सिंचाई के लिए बिजली मिलने से होने वाली परेशानियां।इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिएदिन में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी,ताकिरात में खेत जाने का जोखिम कम हो,दुर्घटनाओं से बचाव हो,खेती का काम आसान हो सके।





भूमि अधिग्रहण और फसल नुकसान पर भी चर्चा

बैठक में सिर्फ नामांतरण औरMSPही नहीं,बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इनमें शामिल हैं



भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition)पर मुआवजा राशि बढ़ाना



जंगली जानवरों से फसल नुकसानपर उचित मुआवजा



मंडी अधिनियमके प्रावधानों में सुधार



फसल गिरदावरी (Crop Survey)की पारदर्शिता



सीमांकन और बंटवाराके लिए समय सीमा तय करना



बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, नीरज मंडलोई सहित कृषि,राजस्व,सहकारिता और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।





किसानों के हित में सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्रीडॉ. मोहन यादवने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य हैकिसानों की आय बढ़ानाकृषि व्यवस्था को पारदर्शी बनाना,सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाना।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की शिकायतों को प्राथमिकता के साथ हल किया जाए।



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