मीनाक्षी का नामांकन रद्द: अब एमपी के कांग्रेस विधायक राष्ट्रपति से लगाएंगे गुहार
पांच पाइंट में समझें पूरा मामला
- मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, कांग्रेस सड़क पर।
- राज्यसभा सीट चोरी हुई, बोले उमंग सिंघार।
- विधायकों ने झेली 3 दिन सरकारी यातना, पटवारी ने मांगी माफी।
- कांग्रेस राष्ट्रपति के दरवाजे, आयोग पर लगाया बड़ा आरोप।
- रिटर्निंग ऑफिसर ने किया अपराध, हरीश चौधरी का दावा।
मध्यप्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि यह फैसला गलत और कानून के खिलाफ है। पार्टी के 10 सदस्यीय दल ने बुधवार को दिल्ली में निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। चुनाव आयोग ने देर शाम तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया। अब कांग्रेस विधायक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर हस्तक्षेप की मांग करेंगे।
नामांकन क्यों हुआ खारिज?
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर ने रद्द किया। कांग्रेस का कहना है कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ केवल एक अदालती नोटिस जारी हुआ था। उन्होंने कहा कि नोटिस मिलना और आपराधिक मामला दर्ज होना दोनों बिल्कुल अलग बातें हैं।
भाजपा और आरएसएस पर लगे आरोप
उमंग सिंघार ने सीधे तौर पर भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे भाजपा नेताओं ने यह सीट चुराई है। सिंघार ने इसे वोट चोरी नहीं बल्कि सीट चोरी करार दिया। उनका कहना था कि किसी भी रिटर्निंग ऑफिसर (Returning Officer) की इतनी हिम्मत खुद अपने बलबूते नहीं हो सकती।
विधायकों ने झेला 3 दिन का संकट
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पार्टी विधायकों की तकलीफ का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कई विधायक 500 से 700 किलोमीटर का सफर तय करके रातभर में पहुंचे थे। उनके साथ छोटे बच्चे और परिवार की महिलाएं भी थीं। इसके बावजूद उन्हें पूरे दिन एयरपोर्ट के अंदर नहीं घुसने दिया गया।
राष्ट्रपति से मुलाकात की तैयारी
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल के नेता ने राष्ट्रपति से मिलने के लिए शुक्रवार और शनिवार का समय मांगा है। अगर समय मिला तो मुलाकात होगी। नहीं मिला तो राष्ट्रपति भवन के सामने मार्च निकाला जाएगा। मध्यप्रदेश के सभी कांग्रेस विधायक इसमें शामिल होंगे।
हरीश चौधरी का बड़ा बयान
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने रिटर्निंग ऑफिसर की कार्रवाई को सीधे अपराध बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला कानून और नियमों के अनुरूप नहीं था। चौधरी ने बताया कि गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एक अहम बैठक लेंगे। इसमें प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष दोनों शामिल होंगे।
जनादेश का सम्मान मांग रही है कांग्रेस
पटवारी ने कहा कि करीब तीन लाख मतदाताओं ने उनके विधायकों को विधानसभा भेजा है। यह जनादेश है और इसका सम्मान होना चाहिए। कांग्रेस ने साफ किया कि वह लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगी। पार्टी का आरोप है कि भाजपा और निर्वाचन आयोग ने मिलकर जनता के अधिकारों का हनन किया है।
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