एक साथ तीन जिलों में सेवाएं दे रहे थे डॉक्टर साहब, घूसकांड के बाद खुले राज

Aman Vaishnav | Jul 07, 2026, 10:37 IST
एक साथ तीन जिलों में सेवाएं दे रहे थे डॉक्टर साहब
लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद घूसखोर डॉक्टर का फर्जीवाड़ा सामने आया है। अब पता चला है कि संविदा डॉक्टर महेश चंद शर्मा तीन जिलों में एक साथ सरकारी नौकरी कर रहे थे।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • शहडोल में डॉक्टर महेशचंद्र शर्मा घूस लेते पकड़ाए गए थे।
  • जांच में पता चला था कि वे श्योपुर में भी पदस्थ थे।
  • अब खरगोन जिले में भी उनकी नियुक्ति सामने आई है।
  • यानी डॉक्टर एक साथ तीन जिलों में नौकरी कर रहे थे।
  • स्वास्थ्य विभाग अब पूरे मामले की जांच कर रहा है।

तीसरी नौकरी का खुलासा

शहडोल-श्योपुर घूसखोर डॉक्टर वाले मामले के बाद एक और हैरान कर देने वाली जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि डॉक्टर महेशचंद्र शर्मा खरगोन जिले में भी पदस्थ मिले थे। सेगांव बीएमओ डॉ. कुलदीप गोयल ने इसकी पुष्टि की है।



कुलदीप के अनुसार डॉ. शर्मा फरवरी 2023 से केली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात हैं। यह जानकारी मिलते ही उनके दस्तावेज खंगाले जाने लगे हैं। बताया जा रहा है कि वे अक्सर बिना सूचना छुट्टी पर चले जाते थे।



विभाग ने उन्हें इस बारे में कई बार नोटिस भी जारी किए थे। साथ ही 8 जून को केली में एक प्रसव के दौरान वे गैरहाजिर पाए गए। इस पर कलेक्टर ने शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा।



मई महीने में भी डॉ. शर्मा बिना सूचना गायब रहे थे। इस वजह से उनका वेतन रोक दिया गया था। अब खरगोन में भी उनकी सेवा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।





MP के दो जिलों में नौकरी कर रहा था घूसखोर डॉक्टर, दोनों जगह से ले रहा था सैलरी



पहले पकड़ाए थे घूस लेते

बता दें कि इस पूरे मामले की शुरुआत 3 जुलाई को हुई थी। रीवा लोकायुक्त की टीम ने डॉ. शर्मा को रंगे हाथों पकड़ा था। वे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उफरी में पांच हजार रुपए घूस ले रहे थे।



बता दें कि उफरी केंद्र शहडोल जिले के जयसिंहनगर ब्लॉक में स्थित है। घूस लेते पकड़े जाने के बाद उनकी फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इसी वायरल फोटो ने आगे की पूरी परत खोल दी।



श्योपुर वाली नौकरी का राज

खबर फैलने के बाद पता चला कि डॉक्टर श्योपुर में भी पदस्थ है। वे 2020-21 से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहसराम में तैनात थे। आरोप है कि वहां की सेवा समाप्त किए बिना ही उन्होंने 2024 में शहडोल में भी नियुक्ति ले ली थी।



यानी दोनों जिलों के रिकॉर्ड में उनका नाम अफसर के तौर पर दर्ज था। इससे उपस्थिति, वेतन भुगतान और सेवा अभिलेखों में गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई। श्योपुर जिले की चार सदस्यीय टीम ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।



फर्जी डिग्री कांड की कड़ी

शहडोल में यह मामला ऐसे समय आया है जब एनएचएम (NHM – National Health Mission) फर्जीवाड़ा भी सुर्खियों में है। दमोह से शुरू हुए इस मामले में करीब 12 फर्जी डॉक्टर पकड़े गए थे। साथ ही कुछ आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।



डॉ. शर्मा का मामला इसी तरह के एक और बड़े फर्जीवाड़े की तरफ इशारा करता है। हालांकि दोनों मामलों की प्रकृति अलग बताई जा रही है।



डॉक्टर का चौंकाने वाला बयान

पकड़े जाने के बाद डॉ. महेशचंद्र शर्मा का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि रिश्वत नहीं लेता तो यह बात कभी पता नहीं चलती। इस बयान से मामला और सुर्खियों में आ गया है।



स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है। अब देखना होगा कि तीनों जिलों की जांच में आगे क्या निकलकर आता है।



ये खबरें भी पढ़िए...

पोस्टमार्टम से पहले चल पड़ी युवक की धड़कन, डॉक्टर्स भी रह गए हैरान



डॉक्टरों की लापरवाही, सब पर भारी, शरीर पर बेअसर हो रहीं एंटीबायोटिक दवाएं



एमपी फर्जी डॉक्टर कांड: फिर नौ फर्जी डॉक्टर पकड़ाए, नकली रजिस्ट्रेशन से पाई सरकारी नौकरी



Tags:
  • स्वास्थ्य विभाग
  • NHM
  • खरगोन
  • शहडोल
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
  • National Health Mission
  • श्योपुर
  • लोकायुक्त की टीम