लव मैरिज हो या अरेंज, एमपी में हर दिन हो रही एक ट्विशा की मौत, चौंकाएंगे ये आंकड़े
5 प्वाइंट में समझें पूरा मामला...
- एमपी में ट्विशा की मौत का मामला अभी तक पूरी तरह सुलझा नहीं है
- इस मामले में न्याय की मांग को लेकर सेना के रिटायर्ड जवानों ने रैली भी निकाली थी
- एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश दहेज हत्या के मामलों में पूरे देश में तीसरे स्थान पर है।
- साल 2024 में कुल 450 महिलाओं ने दहेज प्रताड़ना के कारण अपनी जान गंवाई है।
- कई जिलों से लड़कियों की प्रताड़ना और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले सामने आए हैं।
ट्विशा की मौत और इंसाफ की जंग
मध्य प्रदेश में इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक एक ही नाम गूंज रहा है ट्विशा। ट्विशा की मौत कैसे हुई और क्यों हुई यह रहस्य अभी तक पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है।
इस घटना के बाद लोगों में भारी गुस्सा है। लोग इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाकर ट्विशा के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
साथ ही इस मामले में ट्विशा को न्याय दिलाने के लिए सेना से रिटायर्ड लोगों ने रैली भी निकाली थी।
फिलहाल इस मामले की सीबीआई बारीकी से जांच कर रही है।
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मध्य प्रदेश में दहेज से जुड़े तीन दर्दनाक मामले
यह कोई पहला मामला नहीं है जहां किसी महिला की जान गई हो। मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हाल ही में तीन और ऐसी कहानियां सामने आई हैं जो दिल दहला देती हैं।
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छिंदवाड़ा की युवती की संदिग्ध मौत
छिंदवाड़ा की रहने वाली एक युवती ने 22 फरवरी 2022 को अपनी पसंद से लव मैरिज की थी। परिवार को लगा कि था बेटी खुश रहेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
शादी के कुछ समय बाद ही उसने अपने पिता को बताया कि ससुराल वाले उसे मारते-पीटते और प्रताड़ित करते हैं। साल 2023 में वह आखिरी बार अपने पिता से मिली थी। इसके बाद परिवार से उसका संपर्क कम हो गया था।
6 अप्रैल 2024 की सुबह परिवार को अस्पताल से फोन आया कि उनकी बेटी का इलाज चल रहा है। जब पिता दोपहर को अस्पताल पहुंचे तब तक बेटी की मौत हो चुकी थी।
घरवालों का आरोप है कि उन्हें बेटी को नागपुर ले जाने की जानकारी भी नहीं दी गई। साथ ही ससुराल वालों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। परिवार को शक है कि उसे जहर देकर मारा गया है।
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ग्वालियर की पलक की मौत से पहले की गुहार
ग्वालियर के सुरैयापुरा की रहने वाली 21 साल की पलक रजक की 12 मई को संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। ससुराल वाले इसे आत्महत्या कह रहे थे। वहीं मायके वाले इसे हत्या बता रहे थे।
पलक की शादी को अभी सिर्फ एक साल हुआ था और वह लगातार मानसिक तनाव में थी।
जानकारी के अनुसार पलक ने मौत से लगभग आधे घंटे पहले ही अपने भाई प्रिंस को फोन किया था। उसने रोते हुए कहा था कि मुझे यहां से ले जाओ वरना ये लोग मुझे मार डालेंगे।
जब तक भाई अस्पताल पहुंचा, पलक की लाश स्ट्रेचर पर रखी थी।
पलक इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव थी। उसके 10 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स थे। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अपनी रील्स और पोस्ट में अकेलेपन और घुटन का जिक्र करती थी। चौंकाने वाली बात यह भी है कि मौत से पहले उसने तीन दिन से खाना नहीं खाया था।
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गुना में ढाई साल बाद अस्पताल से लौटी लाश
वहीं गुना जिले के नसीरा गांव में 24 साल की भावना यादव की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया ठेला। भावना की शादी ढाई साल पहले गिर्राज यादव से हुई थी।
मायके वालों का आरोप था कि शादी के कुछ समय बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा था। परिवार ने पुलिस को इससे जुड़ा एक ऑडियो भी सौंपा था।
इसके कुछ दिन बाद भावना की तबीयत बिगड़ी और ससुराल वालों के मुताबिक उसने पारिवारिक विवाद के कारण जहर खा लिया था। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
| राज्य का नाम | दहेज हत्या के कुल मामले (2024) |
| उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) | 2038 |
| बिहार (Bihar) | 1078 |
| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) | 450 |
मध्य प्रदेश में दर्ज हुए 450 मामलों में से 232 केस पुरानी IPC की धाराओं के तहत दर्ज हैं। साथ ही 218 केस नए बीएनएस कानून के तहत दर्ज किए गए हैं।
इसका सीधा मतलब यह है कि प्रदेश में हर दिन औसतन एक महिला दहेज की वजह से अपनी जान गंवा रही है।
एक और चौंकाने वाली बात यह है कि अब लव मैरिज में भी दहेज प्रताड़ना के मामले बढ़ रहे हैं। जानकारी के अनुसार लव मैरिज के बाद जो तलाक के केस कोर्ट में आते हैं, उनमें से करीब 35% मामलों में दहेज प्रताड़ना की धाराएं लगी होती हैं।
राज्य महिला आयोग उठाएगा सख्त कदम
बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य महिला आयोग गंभीर हो गया है। आयोग के सचिव सुरेश तोमर ने कहा कि यह स्थिति बहुत चिंताजनक है। उनके पास कई ऐसे मामले आ रहे हैं जिनमें महिलाओं को समय पर न्याय नहीं मिल पाता है।
कई बार पुलिस एफआईआर दर्ज करने में देरी करती है या अधूरी रिपोर्ट बनाती है। इससे पूरी जांच खराब हो जाती है।
महिला आयोग की नई योजनाएं
- पुलिस की संवेदनशीलता बढ़ाने और जांच की कमियों को दूर करने पर काम किया जाएगा।
- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी।
- दहेज और घरेलू हिंसा जैसी घटनाओं को रोकने के लिए शुरुआती स्तर पर ही योजनाएं लागू की जाएंगी।