ड्रग तस्करी में मध्य प्रदेश नंबर 1, देश के 60% केस अकेले यहीं से
शॉर्ट में समझें क्या है पूरा मामला...
- NCRB की 2024 रिपोर्ट में MP ड्रग तस्करी में देश में पहले नंबर पर है।
- देश के कुल 18 ड्रग तस्करी केस में से 11 केस अकेले MP के हैं।
- संगठित अपराध में भी MP सबसे आगे, 840 में से 202 केस यहां दर्ज हुए हैं।
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 के तहत ये मामले दर्ज हैं।
- अन्य पांच राज्यों के केस मिलाकर भी MP के कुल आंकड़े से कम हैं।
ड्रग तस्करी में MP नंबर 1
मध्य प्रदेश एक बेहद चिंताजनक सूची में देश के शीर्ष पर पहुंच गया है। एनसीआरबी (NCRB - National Crime Records Bureau) की ताजा क्राइम इन इंडिया 2024 रिपोर्ट के मुताबिक राज्य ड्रग तस्करी के मामले में देशभर में पहले नंबर पर है। 2024 में पूरे देश में ड्रग तस्करी के कुल 18 मामले दर्ज हुए। इनमें से 11 यानी करीब 60 प्रतिशत अकेले मध्य प्रदेश से हैं।
यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि बाकी बड़े राज्य इस मामले में बहुत पीछे हैं। आंध्र प्रदेश और बिहार में 2-2, जबकि असम, हरियाणा और महाराष्ट्र में 1-1 मामले दर्ज हुए। इन पांचों राज्यों के केस मिलाकर भी अकेले MP के 11 केस से कम हैं।
नया कानून के की गई नई गिनती
यह आंकड़ा एक नए कानूनी ढांचे के तहत आया है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के लागू होने के बाद ड्रग तस्करी को संगठित अपराध की श्रेणी में रखा गया है। पुराने IPC (Indian Penal Code) में ऐसा प्रावधान नहीं था। BNS की धारा 111 के तहत अब ड्रग तस्करी के अलावा अपहरण, डकैती, वाहन चोरी, जबरन वसूली, जमीन कब्जा, साइबर अपराध, मानव तस्करी और हथियार तस्करी जैसे कई अपराध एक साथ गिने जाते हैं।
यही कारण है कि 2024 के आंकड़ों की तुलना सीधे पिछले वर्षों से नहीं की जा सकती। नया कानून ज्यादा सख्त है और अपराधों को अलग तरीके से वर्गीकृत करता है।
संगठित अपराध में भी MP सबसे आगे
ड्रग तस्करी के साथ-साथ संगठित अपराध की तस्वीर भी MP के लिए चिंताजनक है। BNS की धारा 111 के तहत 2024 में पूरे देश में 840 केस दर्ज हुए। इनमें से 202 यानी करीब 25 प्रतिशत अकेले मध्य प्रदेश के हैं। दूसरे नंबर पर गुजरात है जहां 140 केस दर्ज हुए। इसके बाद राजस्थान में 94, हरियाणा में 76 और बिहार में 62 मामले हैं।
MP का यह आंकड़ा बाकी सभी राज्यों से बहुत आगे है। यह संख्या राज्य में संगठित अपराध के फैलाव की गंभीर तस्वीर पेश करती है।
NCRB ने बनाई नई तालिका
एनसीआरबी ने इस साल अपनी रिपोर्ट में एक नई तालिका जोड़ी है। इसमें BNS के तहत संगठित अपराध की अलग-अलग श्रेणियों में दर्ज केस दिखाए गए हैं। इसमें ड्रग तस्करी के केस भी शामिल हैं। रिपोर्ट बताती है कि कानून बदलने के बाद राज्यों के आंकड़े किस तरह बदले हैं और किन राज्यों में संगठित अपराध कितना है।
यह नई प्रस्तुति इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे यह समझ आता है कि कानून की परिभाषा बदलने से अपराध की गिनती का तरीका भी बदलता है।
बाकी राज्यों से कितना आगे है MP?
आंकड़ों की तुलना करें तो MP की स्थिति साफ दिखती है। ड्रग तस्करी में MP के 11 केस के मुकाबले बाकी पांच राज्यों के कुल सात केस हैं। संगठित अपराध में MP के 202 केस के मुकाबले दूसरे नंबर के गुजरात में 140 केस हैं यानी 62 का फर्क है। यह फर्क बताता है कि मध्य प्रदेश में यह समस्या कितनी गहरी है।
राज्य सरकार और पुलिस के लिए यह रिपोर्ट एक गंभीर संकेत है। ड्रग नेटवर्क को तोड़ने और संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदमों की जरूरत है।
ये खबरें भी पढ़िए...
एमपी में डिजिटल शिक्षा की स्थिति बदहाल, इंटरनेट तो छोड़ो...कई स्कूलों में बिजली तक नहीं
एमपी में बढ़ रहे बीपी के पेशेंट, हर चौथा व्यक्ति हाई बीपी का शिकार, हार्ट पर पड़ रहा असर
अश्लीलता, भ्रूण हत्या और महिलाओं से अत्याचार में नंबर एक पर एमपी, एनसीआरबी रिपोर्ट में खुलासा
एमपी में आज भी बोझ हैं बेटियां! बच्चों को त्यागने और भ्रूण हत्या के मामले में मध्यप्रदेश नंबर एक पर