विवादों में घिरी डीएसपी अनीता प्रभा शर्मा, नैतिकता सीखने ट्रेनिंग पर जाएंगी!
NEWS IN SHORT
- डायल 112 की महिला DSP अनीता प्रभा शर्मा पर अनुशासनहीनता के आरोप हैं।
- उन्होंने 16 मार्च 2026 को स्पेशल DIG को कथित आपत्तिजनक पत्र लिखा था।
- चेतावनी के बावजूद 26 मार्च को दोबारा वैसा ही व्यवहार किया गया।
- स्पेशल DIG संजीव शर्मा ने पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखकर ट्रेनिंग की सिफारिश की है।
- DSP को ADG ट्रेनिंग राजा बाबू सिंह के पास भेजने की तैयारी है।
बार-बार की अनुशासनहीनता बनी बड़ा मसला
MP News.मध्य प्रदेश पुलिस में अनुशासन और एकता की थीम पर जोर दिया जाता है, लेकिन भोपाल से एक ऐसी खबर आई है जिसने आला अधिकारियों को असहज कर दिया। डायल 112 में तैनात महिला DSP अनीता प्रभा शर्मा (DSP Anita Prabha Sharma) पर बार-बार अनुचित व्यवहार और अनुशासनहीनता के आरोप लगते रहे हैं।
हद तब हो गई जब उन्होंने 16 मार्च 2026 को स्पेशल DIG कम्युनिकेशंस संजीव शर्मा को एक पत्र लिखा, जिसमें कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इस व्यवहार के लिए उन्हें चेतावनी दी गई, मगर 26 मार्च को उन्होंने दोबारा वैसा ही किया।
स्पेशल DIG ने की ट्रेनिंग की सिफारिश
इस बार आला अफसरों का धैर्य जवाब दे गया। स्पेशल DIG आईपीएस संजीव शर्मा ने पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखकर साफ कहा कि DSP शर्मा को अनुशासन और नैतिकता के गहन प्रशिक्षण पर भेजा जाए। उन्होंने ADG (Additional Director General) ट्रेनिंग राजा बाबू सिंह को पत्र भेजा है। इसमें महिला DSP को विशेष प्रशिक्षण पर भेजने की सिफारिश की गई है।
विवादों से पुराना नाता
DSP अनीता प्रभा शर्मा का विवादों से यह पहला सामना नहीं है। इससे पहले वे भोपाल में ही एसपी (Superintendent of Police) कोतवाली के पद पर तैनात थीं। वहां गंभीर आरोपों के चलते उन्हें हटाया गया था।
उन पर एक दुकानदार द्वारा बिना भुगतान किए 4.75 लाख रुपए का सामान लेने का आरोप भी लगाया गया था। इस मामले की शिकायत PHQ (Police Headquarters) की जनसुनवाई में भी हुई थी।
अनिवार्य ट्रेनिंग का पुराना झमेला
DSP रैंक की अनीता प्रभा शर्मा को साल 2019 में हथियार और रणनीति (Tactics) की ट्रेनिंग से भी छुट्टी दे दी गई थी। उन्हें अगले बैच में शामिल होने को कहा गया, लेकिन वे बाद में भी किसी बैच में नहीं गईं। हैरानी की बात यह है कि अनिवार्य ट्रेनिंग पूरी न करने के बावजूद उन्हें एसपी कोतवाली भोपाल जैसी अहम फील्ड पोस्टिंग दे दी गई।
साल 2024 में तत्कालीन स्पेशल DIG आईपीएस अनुराधा शंकर ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन उनकी ट्रेनिंग से छुट्टी का आदेश जारी किया था। बाद में DGP (Director General of Police) कैलाश मकवाना ने 13 अगस्त 2025 को इस आदेश को निरस्त करते हुए हर हाल में ट्रेनिंग पूरी करने के निर्देश दिए थे।
सिस्टम के लिए बड़ा सवाल
यह पूरा मामला पुलिस तंत्र के अंदर अनुशासन की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अनिवार्य ट्रेनिंग न करने के बाद भी संवेदनशील पोस्टिंग, आरोपों के बाद भी सेवा में बने रहना और फिर बार-बार आपत्तिजनक व्यवहार, यह सब एक साथ कई सवाल उठाता है।
जब एक अधिकारी चेतावनी के बाद भी अपना रवैया नहीं बदलता, तो सिस्टम को सख्त कदम उठाने पड़ते हैं। अनुशासन और नैतिकता की ट्रेनिंग का यह कदम देर से सही, उठाया जरूर गया है।
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