निवेश की रफ्तार ने बदली तस्वीर, रोजगार देने में राजस्थान और महाराष्ट्र से आगे निकला मध्यप्रदेश

Jitendra Shrivastava | May 04, 2026, 19:49 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मध्यप्रदेश रोजगार सृजन और निवेश वृद्धि में राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है। राज्य ने FDI आकर्षित किया, हजारों रोजगार सृजित किए और वस्त्र व नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विस्तार किया।

मध्यप्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन गया है। निवेश और रोजगार दोनों मोर्चों पर एमपी ने ऐसी तेज रफ्तार पकड़ी है, जिसने कई बड़े औद्योगिक राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।



भारत सरकार की एजेंसी इन्वेस्ट इंडिया के ताजा आंकड़ों ने इस बदलाव को साफ कर दिया है। मध्यप्रदेश अब रोजगार सृजन में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।



वित्तीय वर्ष 2025-26 में देशभर में 60 बड़े निवेश प्रोजेक्ट जमीन पर उतरे हैं। इनकी कुल कीमत 6.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा है। इन प्रोजेक्ट्स से 31 हजार से ज्यादा रोजगार बनने का अनुमान है।



इस पूरे परिदृश्य में मध्यप्रदेश ने सबसे ज्यादा रोजगार सृजित किए हैं और आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और तेलगांना जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।



मध्यप्रदेश में निवेश का यह उछाल कोई एक दिन में नहीं आया है। इसके पीछे साफ योजना और लगातार मेहनत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2025 को रोजगार और उद्योग वर्ष घोषित किया था। इसके बाद पूरे सिस्टम को एक ही लक्ष्य दिया गया।



निवेश लाना और उससे रोजगार बनाना। इसी के तहत देश-विदेश में रोड-शो, इन्वेस्टर मीट और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसका असर अब दिखाई दे रहा है।



निवेश में लगाई छलांग

विदेशी निवेश के मामले में भी मध्यप्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। प्रदेश में 7,800 करोड़ रुपए का एफडीआई जमीन पर उतर चुका है। ब्रिटेन, कनाडा, अमेरिका और दक्षिण कोरिया की छह बड़ी कंपनियों ने प्रदेश के पांच जिलों में काम शुरू कर दिया है। इससे 3,000 से ज्यादा सीधे रोजगार बन रहे हैं।



एक बड़ा बदलाव यह भी हुआ है कि जमीन आवंटन की प्रक्रिया, जो पहले 90 दिन से ज्यादा लेती थी, अब औसतन 30 दिन में पूरी हो रही है। इससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है।



प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत के रूप में पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क उभरकर सामने आया है। इस प्रोजेक्ट में 20,126 करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है और यहां 32 यूनिट्स लगेंगी। इससे 45,710 सीधे रोजगार बनेंगे, जबकि एक लाख से ज्यादा लोगों को अप्रत्यक्ष फायदा मिलेगा। यह मॉडल खास इसलिए भी है क्योंकि यह किसानों और आदिवासी क्षेत्रों को सीधे उद्योग से जोड़ रहा है।



रिन्यूएबल एनर्जी में बढ़ोतरी

नर्मदापुरम के मोहासा में बन रहा रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग पार्क भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। 1,634 एकड़ में फैले इस पार्क में 51,960 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है और 35,304 रोजगार बनने का अनुमान है।



यहां करीब 10 यूनिट्स साल 2026 में उत्पादन शुरू कर देंगी। निवेशकों की बढ़ती मांग के कारण इस पार्क का तीन बार विस्तार करना पड़ा है, जो इसकी सफलता को दिखाता है।



पीथमपुर में बड़ी कंपनियों की आमद

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर ने निवेश का नया तरीका पेश किया है। करीब 1,300 हेक्टेयर में फैले इस कॉरिडोर में 2,125 करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है।



यहां जमीन मालिकों को साझेदार बनाया गया है। इसका असर यह हुआ कि सिर्फ दो साल में पीथमपुर के सेक्टर-7 में 6,604 करोड़ का निवेश आ चुका है। सन फार्मा, शक्ति एनर्जी और जापान की टॉपन जैसी कंपनियों ने यहां निवेश किया है।



रक्षा क्षेत्र में ग्वालियर-चंबल आगे

रक्षा क्षेत्र में ग्वालियर-चंबल इलाका तेजी से आगे बढ़ रहा है। शिवपुरी में 2,100 करोड़ रुपए का अडानी प्रोपेलेंट प्लांट बन रहा है, जिससे 2,000 रोजगार मिलेंगे। इसके अलावा दतिया और मुरैना में भी बड़े औद्योगिक नोड तैयार किए जा रहे हैं। यह क्षेत्र देश के डिफेंस कॉरिडोर से जुड़ रहा है, जिससे आगे और निवेश आने की संभावना है।



ऊर्जा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश नई पहचान बना रहा है। परमाणु ऊर्जा में राज्य तेजी से निवेश आकर्षित कर रहा है। देश के 16 संभावित स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर साइट्स में से 4 मध्यप्रदेश में हैं।



मंडला के चुटका में 25,000 करोड़ रुपए का बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है। अडानी, टाटा पावर और एनटीपीसी जैसे बड़े समूह भी यहां निवेश की तैयारी में हैं।



फार्मा और हेल्थ केयर पर काम

ऑटोमोबाइल उद्योग और फार्मा सेक्टर में भी प्रदेश की स्थिति मजबूत होती जा रही है। ऑटो सेक्टर में 6,232 करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है, जिससे 7,860 रोजगार बनेंगे।



वहीं फार्मा और हेल्थकेयर में 14,245 करोड़ रुपए का निवेश और 25,000 से ज्यादा रोजगार बनने जा रहे हैं। यह दिखाता है कि मध्यप्रदेश अब एक मजबूत औद्योगिक केंद्र बन चुका है।



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