एमपी के 100 कॉलेजों में अर्थशास्त्र के सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति का आदेश

Sanjay Sharma | Mar 26, 2026, 24:00 IST
Photograph: (the sootr)
BHOPAL. मध्य प्रदेश में 100 कॉलेजों में अर्थशास्त्र के स्थायी प्राध्यापकों की नियुक्ति हो गई है। हालांकि इससे गेस्ट फैकल्टी के लिए रोजगार संकट पैदा हो गया है, क्योंकि नए शैक्षणिक सत्र से उनके लिए काम नहीं रहेगा।

News in Short

  • मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में कई विषयों के साथ अर्थशास्त्र विषय के प्राध्यापकों की भी कमी है।
  • उच्च शिक्षा विभाग ने सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2022 के माध्यम से चयनित शिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।
  • प्रदेश के 100 कॉलेजों में ये सहायक प्राध्यापक अर्थशास्त्र विषय के अध्यापन का कार्य कराएंगे।
  • स्थायी सहायक प्राध्यापक की पदस्थापना से अब इन कॉलेजों में नियमित अध्ययन कार्य सुचारू होंगे।
  • सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति का असर इन कॉलेजों में काम कर रहे गेस्ट फैकल्टी पर पड़ना तय है।

Intro

मध्य प्रदेश के 100 कॉलेजों में अर्थशास्त्र विषय के स्थायी अध्यापन की व्यवस्था हो गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने एमपी पीएससी से चयन के बाद 100 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है। सभी को कॉलेजों में आमद दर्ज कराते हुए अध्यापन कार्य संभालने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, इन कॉलेजों में अब तक अध्ययन व्यवस्था संभाल रहे गेस्ट फैकल्टी के सामने बेरोजगार होने का संकट खड़ा हो गया है।



News in Detail

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2022 के माध्यम से चयनित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए अर्थशास्त्र के 100 सहायक प्राध्यापकों को प्रदेश के विभिन्न जिलों के कॉलेजों में नियुक्ति दी है। इनके नियुक्ति आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। अब ये सहायक प्राध्यापक नए शैक्षणिक सत्र से कॉलेजों में अर्थशास्त्र का अध्यापन कार्य संभालेंगे। कार्यभार संभालने के दिन से ही उनकी परिवीक्षा अवधि की गणना शुरू हो जाएगी।





100 कॉलेजों में कमी पूरी

प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में अर्थशास्त्र के शिक्षकों की कमी है। उच्च शिक्षा विभाग ने राजधानी भोपाल सहित 37 जिलों के कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की पोस्टिंग की है। इन कॉलेजों में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों का शुरूआती वेतन 57,700 रुपए होगा। वहीं, इन्हें नियुक्ति की तारीख से दो साल की परिवीक्षा अवधि भी पूरी करनी होगी।



जिलाकॉलेज का नाम
भोपालमहारानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स पीजी कॉलेज, गीतांजलि गर्ल्स पीजी कॉलेज
इंदौरशासकीय कॉलेज, सांवेर
ग्वालियरवीरांगना झलकारी बाई गर्ल्स कॉलेज
जबलपुरएमकेबी आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज, शासकीय कॉलेज पाटन
पन्नाशासकीय छत्रसाल पीजी कॉलेज, शासकीय कॉलेज गुन्नौर
सीहोरशासकीय कॉलेज बुधनी, पीजी कॉलेज सीहोर, शासकीय कॉलेज इछावर
विदिशाशासकीय कॉलेज शमशाबाद, लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज सिरोंज

फालेन आउट होंगे गेस्ट फैकल्टी

जिन 100 कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों को नियुक्ति हुई है, वहां से गेस्ट फैकल्टी का फालेन आउट होना तय है। यानी अर्थशास्त्र पढ़ाने वाले शिक्षकों से अब नए शैक्षणिक सत्र से यह काम छिन जाएगा। स्थायी प्राध्यापकों की नियुक्ति से फालेन आउट की कगार पर पहुंचे गेस्ट फैकल्टी में निराशा है। वे अब नजदीकी कॉलेजों की जानकारी खंगाल रहे हैं, जहां अर्थशास्त्र विषय के स्थायी सहायक प्राध्यापक नहीं हैं।



यह खबरें भी पढ़ें...



UPSSSC AGTA Vacancy: एग्रीकल्चर ग्रेजुएट्स के लिए सरकारी नौकरी, 21 मई है लास्ट डेट



सतना मेडिकल बिल्डिंग में गुणवत्ता पर घमासान: रिपोर्ट में खामियां, निगम बोला-सब सही



हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हंगामा, छात्रा की टिप्पणी से कार्यक्रम की गरिमा पर उठे सवाल



ईडी ने 3.36 करोड़ का बैंक लोन डकारने वाली फर्म की संपत्ति अटैच की



Tags:
  • उच्च शिक्षा विभाग
  • मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग
  • राजधानी भोपाल
  • सहायक प्राध्यापक
  • गेस्ट फैकल्टी