MP बिजली संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर संकट, एक ही बार मिला मौका, ऊर्जा विभाग के आदेश के बाद भी करना पड़ रहा इंतजार
मध्यप्रदेश के एक सरकारी विभाग ने 5 हजार कर्मचारियों को एक सपना दिखाया था। सपना था नौकरी पक्की होने का, यानी इन कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही गई थी, लेकिन दावा है कि विभाग के आदेश के बाद भी, प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और न ही विभाग में कोई हलचल है।
मामला मध्यप्रदेश के ऊर्जा विभाग (MP Power Department) का है। ऊर्जा विभाग के तहत आने वाली बिजली कंपनियों के लिए एक आदेश जारी हुआ था। यहां काम करने वाले संविदा कर्मचारियों को विभागीय परीक्षा के बाद नियमित करने का वादा किया गया था। आरोप लग रहे हैं कि वादा पूरा नहीं हुआ, इसलिए अब संविदा बिजली कर्मचारी सरकार को काम बंद करने की चेतावनी दे रहे हैं।
मामला क्या है?
दरअसल 24 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश ऊर्जा विभाग ने एक आदेश जारी किया। अपने इस आदेश में ऊर्जा विभाग ने कहा कि संविदा के आधार पर नियुक्त कर्मचारियों की परीक्षा ली जाएगी। ये परीक्षा विभागीय भी हो सकती है, या फिर ऑनलाइन। परीक्षा के साथ साथ ये भी दावा किया गया कि 31 अक्टूबर 2026 तक सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
पूरी प्रक्रिया आखिर कहां अटकी
इसके लिए पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर को नोडल एजेंसी बनाया गया था। यानी सब कुछ इसी के नियंत्रण में होगा। इसके अलावा एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन अक्टूबर शुरू होने को है पर न ही परीक्षा का अता पता है, और न ही किसी को ये पता है कि ये पूरी प्रक्रिया आखिर कहां अटकी है।
आदेश के बाद क्या हुआ?
यूनाइटेड फोरम फॉर पावर इंप्लाईज एवं इंजीनियर्स के प्रांतीय अध्यक्ष आरएस कुशवाह से 'द सूत्र' ने बात की। इनका कहना है कि जुलाई में ऊर्जा विभाग ने ये आदेश जारी किया था। अक्टूबर शुरू होने वाला है, लेकिन अब तक न ही परीक्षा करवाने वाली एजेंसी तय हुई है, न ही परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी हुआ है।
31 अक्टूबर तक ये सारी प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई थी। ऐसे में संविदा कर्मचारियों में भारी असंतोष है। अब ये संविदा कर्मचारी दीपावली पर काम बंद करने की चेतावनी दे रहे हैं।
अधिकारियों की उदासीनता बड़ा कारण
इन संविदा बिजली कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों की उदासीनता की वजह से सब हो रहा है। विभाग ने दावा किया था कि वो सभी कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र होंगे, जो 2 साल की सेवा पूरी कर चुके हैं।
विभाग ने ये भी कहा था कि ये योजना सिर्फ एक बार के लिए है। यानी अब आगे किसी और संविदा कर्मचारी को इस योजना के जरिए नियमित नहीं किया जाएगा, न ही वो दावा कर सकेगा।
ऊर्जा मंत्री को लिखी चिट्ठी
अब इन संविदा बिजली कर्मचारियों ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को चिट्ठी लिखकर नाराजगी जताई है। इनका कहना है कि आखिर दो महीने बाद भी अब तक प्रक्रिया क्यों रुकी हुई है? अपनी चिट्ठी में इन लोगों ने ऊर्जा मंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि ये कार्यवाही जल्द से जल्द पूरी की जाए। बता दें कि प्रदेश की बिजली कंपनियों में लगभग 6 हजार से ज्यादा संविदा कर्मचारी काम कर रहे हैं।
- MP बिजली कर्मचारियों का नियमितीकरण कब होना है?
MP ऊर्जा विभाग ने संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करने के लिए परीक्षा कराने का वादा किया था, लेकिन अक्टूबर 2026 शुरू होने वाला है और अब तक परीक्षा की प्रक्रिया में कोई प्रगति नहीं हुई है। - संविदा बिजली कर्मचारी क्यों काम बंद करने की चेतावनी दे रहे हैं?
संविदा बिजली कर्मचारी काम बंद करने की चेतावनी दे रहे हैं क्योंकि विभाग ने नियमितीकरण का वादा पूरा नहीं किया और परीक्षा की प्रक्रिया में देरी हो रही है, जिससे उनमें भारी असंतोष है। - क्या मध्यप्रदेश सरकार ने संविदा बिजली कर्मचारियों के लिए कोई योजना बनाई है?
हां, ऊर्जा विभाग ने 24 जुलाई 2026 को एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि संविदा कर्मचारियों की परीक्षा होगी और सभी योग्य कर्मचारी नियमित किए जाएंगे, लेकिन प्रक्रिया अब तक अटकी हुई है।