MP कर्मचारी आयोग की कमान रिटायर्ड IAS मलय श्रीवास्तव को, आयोग वेतन और सेवा संबंधी मामलों पर करेगा विचार
न्यायिक सेवा और विभागीय अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
आयोग में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश अरुण कुमार सिंह को न्यायिक सेवा से सदस्य नियुक्त किया गया है। सेवानिवृत्त कार्यालय अधीक्षक बादाम सिंह भी सदस्य होंगे। इसके अलावा संचालक, पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा, मध्य प्रदेश, भोपाल को भी सदस्य बनाया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के सचिव स्तर के नामांकित अधिकारी भी आयोग में शामिल रहेंगे। वित्त विभाग के सेवानिवृत्त उप सचिव अजय चौबे को आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है।
वेतनमान और पदनाम की दूसरे राज्यों से होगी तुलना
राजपत्र में प्रकाशित आदेश के अनुसार, आयोग के विचारणीय विषय 12 दिसंबर 2019 को प्रकाशित राजपत्र के प्रावधानों के अनुरूप रहेंगे। आयोग राज्य के कर्मचारियों के वेतनमान और पदनाम पर विचार करते समय दूसरे राज्यों और केंद्र सरकार के समान संवर्गों से तुलना करेगा।
इस प्रक्रिया में राज्य की आर्थिक स्थिति, लोकहित, वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन और आर्थिक विकास की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
आयोग खुद तय करेगा कार्यप्रणाली, शासन देगा जरूरी दस्तावेज
मध्य प्रदेश कर्मचारी आयोग अपनी कार्यप्रणाली स्वयं निर्धारित कर सकेगा। वह विचाराधीन विषयों पर जरूरी जानकारी और साक्ष्य जुटा सकेगा। राज्य शासन के विभिन्न विभाग आयोग को आवश्यक दस्तावेज और अन्य सहायता उपलब्ध कराएंगे।
आयोग निर्धारित समय-सीमा में अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा। जरूरत पड़ने पर वह अंतरिम रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर सकेगा।
अध्यक्ष और सदस्यों की सेवा शर्तें अलग से होंगी तय
आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों और सचिव की सेवा संबंधी शर्तें अलग से निर्धारित की जाएंगी। आयोग के बजट और कार्यालय की व्यवस्था की जिम्मेदारी वित्त विभाग को सौंपी गई है।
आयोग की सिफारिशों के आधार पर आगे शासन स्तर पर निर्णय लिया जा सकेगा।
अभी वेतन वृद्धि या एरियर की घोषणा नहीं
कर्मचारी आयोग (MP Employees Commission) के पुनर्गठन के आदेश में किसी नए वेतनमान, वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ते या एरियर की घोषणा नहीं की गई है।
फिलहाल यह आदेश आयोग की संरचना, पदाधिकारियों की नियुक्ति और कार्यप्रणाली से संबंधित है। कर्मचारियों के वेतन और सेवा संबंधी मामलों पर आयोग विचार करेगा और शासन को अपनी सिफारिशें देगा।
FAQ
- न्यायिक सेवा आयोग का गठन किस उद्देश्य से किया गया है?
न्यायिक सेवा आयोग का गठन राज्य के कर्मचारियों के वेतनमान और पदनाम पर विचार करने के लिए किया गया है, जिसमें दूसरे राज्यों और केंद्र सरकार के समान संवर्गों से तुलना की जाएगी। - आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों और सचिव की सेवा शर्तें कैसे निर्धारित की जाएंगी?
आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों और सचिव की सेवा शर्तें अलग से निर्धारित की जाएंगी, लेकिन आयोग की संरचना और कार्यप्रणाली से संबंधित आदेशों में इस पर कोई विवरण नहीं दिया गया है। - क्या नए वेतनमान या एरियर की घोषणा की गई है?
नहीं, आयोग के पुनर्गठन के आदेश में किसी नए वेतनमान, वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ते या एरियर की घोषणा नहीं की गई है। आयोग का कार्य वर्तमान में केवल संरचना, पदाधिकारियों की नियुक्ति और कार्यप्रणाली तक सीमित है।