MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
मध्यप्रदेश सरकार कर्मचारियों को 10 साल बाद प्रमोशन देकर अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन एक पेंच अब फंसता दिखाई दे रहा है। पेंच भी ऐसा कि अगर 4 साल की छूट कर्मचारियों को नहीं दी गई तो अकेले, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में क्लास 1 के 31 पद खाली रह जाएंगे। इसलिए अब कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है कि 10 साल से रुके प्रमोशन की वजह से उनका नुकसान नहीं होना चाहिए।
दूसरे चरण का इंतजार
मध्यप्रदेश में प्रमोशन का पहला चरण खत्म हो चुका है। अब कर्मचारियों को इंतजार दूसरे चरण का है। ये दूसरा चरण जनवरी 2027 में शुरू हो सकता है, ऐसी उम्मीद है। दावा है कि दूसरे चरण में उन अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले मौका मिलेगा, जिनका रिटायरमेंट 1 से 2 साल में होने वाला है।
लेकिन इन सब के बीच अब कर्मचारियों ने सरकार से 4 साल की एकमुश्त छूट मांग ली है। ये छूट द्वितीय श्रेणी से प्रथम श्रेणी (सेंकड क्लास टू फर्स्ट क्लास) पर प्रमोशन के लिए मांगी गई है। दावा है कि अगर सरकार कर्मचारियों को 4 साल की छूट देती है, तो सब कुछ ठीक होगा वरना पद खाली ही रह जाएंगे। अब ये मामला क्या है ये जानना भी बेहद जरूरी है। और कर्मचारी आखिर 4 साल की छूट ही क्यों मांग रहे हैं?
मामला क्या है?
दावा किया जा रहा है कि मध्यप्रदेश सरकार के कई विभागों में, सेकंड और फर्स्ट ग्रेड के पद खाली हैं। इन पदों के खाली होने की सबसे बड़ी वजह सालों से रुकी प्रमोशन की प्रोसेस को बताया गया है। कर्मचारियों का दावा है कि कई विभागों में फर्स्ट ग्रेड के पदों पर अधिकारी रिटायर हो रहे हैं, जिसके चलते पोस्ट खाली हो रही हैं। कर्मचारियों ने इसके लिए उदाहरण भी दिया।
मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह ने 'द सूत्र' को बताया कि 1 पद पर 5 साल काम करने का नियम है। क्लास टू से क्लास वन में प्रमोशन पाने की ये शर्त है। अगर कोई कर्मचारी 2016 में क्लास 2 के पद पर प्रमोशन पाता, तो 2021 में उसका प्रमोशन क्लास 1 में हो जाता।
क्लास 2 पर ही काम कर रहा कर्मचारी
प्रमोशन की प्रक्रिया 10 साल रुकी रही, जिसकी वजह से कर्मचारी 2026 में भी क्लास 2 के पद पर ही काम कर रहा है। ऐसे में अगर 4 साल की छूट मिल जाए तो वो सीधे 2026 में क्लास 1 के पद पर प्रमोशन हासिल कर सकता है।
जितेंद्र सिंह का ये भी कहना है कि अगर सरकार ने 4 साल की छूट नहीं दी तो अकेले, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में ही क्लास 1 के 31 पद 2031 तक खाली रह जाएंगे। इसलिए जनवरी 2027 में शुरू होने वाले प्रमोशन के दूसरे चरण से पहले ये कर्मचारी सरकार से 4 साल की छूट मांग रहे हैं।
भर्तियों का भी जिक्र
मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ का ये भी कहना है कि सरकार 2 लाख पदों पर नई भर्तियां करने की बात कह रही है। ऐसे में अगर सेकंड ग्रेड से फर्स्ट ग्रेड में कर्मचारियों का प्रमोशन होता है, तो पद और खाली होंगे जिससे भर्ती के मौके बढ़ेंगे। इसलिए अब कर्मचारी सरकार से क्लास टू से क्लास वन में प्रमोशन के लिए 5 साल सेवा की शर्त में छूट की मांग कर रहे हैं।
- मध्यप्रदेश सरकार कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया में 10 साल का समय क्यों लगा?
मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया में 10 साल का समय इसलिए लगाया क्योंकि प्रमोशन की प्रक्रिया रुकी हुई थी, जिसके कारण कई कर्मचारी लंबे समय तक प्रमोशन नहीं पा सके। - कर्मचारी 4 साल की छूट क्यों मांग रहे हैं?
कर्मचारी 4 साल की छूट इसलिए मांग रहे हैं ताकि वे क्लास 2 से क्लास 1 में तुरंत प्रमोशन पा सकें, क्योंकि प्रमोशन की सभी प्रक्रिया वर्षों से रुकी हुई है और इस छूट के जरिए वे अपनी पदोन्नति को तेज कर सकेंगे। - इस प्रमोशन समस्या का क्या असर पदों पर पड़ेगा?
यदि कर्मचारियों को 4 साल की छूट नहीं दी गई, तो कई विभागों में क्लास 1 के पद खाली रह जाएंगे, जिससे कर्मचारियों के सामने प्रमोशन और भर्तियों की समस्याएँ बढ़ सकती हैं।