AI के दौर में टेक्निकल कोर्सेज से दूरी! MP में सीट ऑक्यूपेंसी 12% तक गिरी

Aman Vaishnav | Sept 01, 2026, 12:22 IST
MP में सीट ऑक्यूपेंसी 12% तक गिरी
मध्य प्रदेश के टेक्निकल कॉलेजों में एडमिशन 50% से नीचे गिर गए हैं। फार्मेसी और M.Pharm जैसे कोर्सेज में एडमिशन की स्थिति सबसे ज्यादा खराब दर्ज हुई है। वहीं आर्किटेक्चर और कुछ स्पेशल डिप्लोमा कोर्सेज में छात्रों ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश में तकनीकी कोर्सेज में एडमिशन इस साल तेजी से घटे हैं।
  • कुल सीट ऑक्यूपेंसी 61.61% से गिरकर 49.76% रह गई है।
  • सबसे ज्यादा गिरावट फार्मेसी कोर्सेज में देखी गई है।
  • इसके उलट आर्किटेक्चर और कुछ डिप्लोमा प्रोग्राम में बेहतर दाखिले हुए हैं।
  • अधिकारियों का कहना है कि काउंसलिंग अभी जारी है, इसलिए आंकड़े बदल सकते हैं।

राज्य में तकनीकी शिक्षा को लेकर छात्रों की दिलचस्पी कम होती दिख रही है। यह ट्रेंड सिर्फ एक-दो कोर्स तक सीमित नहीं है। कई प्रोग्राम में यह गिरावट साफ नजर आती है।



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सीट ऑक्यूपेंसी में बड़ी गिरावट

तकनीकी शिक्षा निदेशालय की काउंसलिंग के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इस साल कुल 3 लाख 4 हजार 210 सीटों में से सिर्फ 1 लाख 51 हजार 380 सीटों पर एडमिशन हुआ। यह आंकड़ा 49.76% ऑक्यूपेंसी दिखाता है।



पिछले साल यानी 2025 में स्थिति काफी बेहतर थी। तब 3 लाख 10 हजार 301 सीटों में से 1 लाख 91 हजार 190 सीटें भरी गई थीं। ऑक्यूपेंसी 61.61% रही थी। इस तरह एक साल में 11.85 प्रतिशत अंक की गिरावट आई है।



हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि ये आंकड़े अभी अस्थायी हैं। कई रेगुलेटरी संस्थाओं की काउंसलिंग अभी चल रही है। सीट अलॉटमेंट के कई राउंड बाकी हैं।



DTE के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि काउंसलिंग अभी जारी है। उन्होंने बताया कि AICTE की काउंसलिंग कई कोर्स में 14 सितंबर तक पूरी होगी। इसलिए अंतिम तस्वीर बाद में साफ होगी।



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आर्किटेक्चर कोर्स में बेहतर स्थिति

हर कोर्स की तस्वीर अलग रही है। आर्किटेक्चर प्रोग्राम में एडमिशन अच्छे रहे। B.Arch की 180 सीटों में से 168 पर दाखिला हुआ। यह 93.33% ऑक्यूपेंसी है। D.Arch में भी 70% सीटें भरीं।



कई डिप्लोमा और बिजनेस प्रोग्राम में भी अच्छी मांग रही। राज्य के IIMBA प्रोग्राम में 69.47% सीटें भरीं। यह टॉप-5 बेहतर प्रदर्शन करने वाले कोर्सेज में शामिल रहा।



कुछ स्पेशलाइज्ड कोर्सेज में भी अच्छे नतीजे मिले। Ambedkar Eklavya Diploma में 87.99% सीटें भरीं। Indira Institute के IIMCA प्रोग्राम में यह आंकड़ा 88.67% रहा।



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फार्मेसी कोर्स में सबसे ज्यादा चिंता

फार्मेसी कोर्सेज की स्थिति सबसे कमजोर रही। अगस्त के अंतरिम आंकड़ों में यही सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित दिखा।



M.Pharm (Master of Pharmacy) में 2025 में 90.99% सीटें भरी थीं। लेकिन इस साल 1,849 सीटों में सिर्फ 13 एडमिशन हुए। यह मात्र 0.70% ऑक्यूपेंसी है।



PCI (फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया) से रेगुलेटेड कई कोर्सेज में अभी एक भी एडमिशन दर्ज नहीं हुआ है। PHARMD PB की 20 सीटों पर इस बार कोई दाखिला नहीं हुआ। पिछले साल यह कोर्स पूरी तरह भर गया था।



इसी तरह Lateral Entry Pharmacy, D.Pharm (Diploma in Pharmacy) और B.Pharm (Bachelor of Pharmacy) में भीहजारों सीटें खालीहैं। अधिकारियों काकहना है कि PCI कीकाउंसलिंग पूरी होनेके बाद इन आंकड़ों मेंसुधार हो सकता है।



कम मांग वाले अन्य कोर्स

कुछ औरप्रोग्राम में भीदाखिले कम रहे। M.Archकी ऑक्यूपेंसी सबसे कम15% रही। B.Design में17.24% सीटें भरीं।MTechमें यहआंकड़ा 23.81% रहा।



BHMCTमें 23.33% और BE(WorkingProfessional) में27.69% सीटें भरी गईं।ये सभी कोर्स कमडिमांड वाली सूची मेंशामिल हैं।



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MBA और इंजीनियरिंग में भी गिरावट

मुख्यधारा केमैनेजमेंट औरइंजीनियरिंग कोर्स भीइस गिरावट से नहींबचे। MBAकीऑक्यूपेंसी 2025 में64.04% थी। यह 2026में घटकर 47.06% रहगई।



ME (Master ofEngineering) औरM.Tech (Master ofTechnology) में भीहल्की गिरावट आई।ऑक्यूपेंसी 47.36% सेघटकर 44.65% हुई।



वहीं BEऔरB.Techमेंस्थिति लगभग स्थिररही। 2025 में 63.05%के मुकाबले इस साल61.42% सीटें भरीं। इसदौरान उपलब्ध सीटों कीसंख्या भी 74 हजार 722 सेबढ़कर 76 हजार 862 हो गई।



अधिकारियों ने इनआंकड़ों को सावधानी सेसमझने की सलाह दी है।उनका कहना है कि सभीकाउंसलिंग राउंड पूरेहोने के बाद ही असलीतस्वीर सामने आएगी।



DTE के प्रवक्ता नेकहा कि तस्वीर अभी बदलसकती है। अधिकारीएडमिशन ट्रेंड पर नजरबनाए हुए हैं।



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