ESB की जेल प्रहरी परीक्षा यूं ही नहीं हुई थी रद्द, गोपनीयता पर था खतरा, एप्टेक का देशभर में दागी रिकार्ड
Indore. ईएसबी की एक और परीक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। हाल ही के समय में मंडल की एक के बाद एक हो रही ऑनलाइन परीक्षा में धांधलियां खुलकर सामने आ रही है। पहली बार मामला पटवारी भर्ती के समय जून 2023 में खुलकर आया था। इसके बाद सिपाही भर्ती, आबकारी आरक्षक, पूर्व की जेल प्रहरी भर्ती और अब नई जेल प्रहरी, वनरक्षक भर्ती में कांड हुआ है। सात जून को जो जेल प्रहरी, वन रक्षक, क्षेत्ररक्षक, सहायक जेल अधीक्षक की परीक्षा रद्द हुई, इसकी वजह बड़ी आशंका थी। यह आनलाइन परीक्षा एप्टेक कंपनी द्वारा कराई गई थी।
परीक्षा की गोपनीयता भंग होने का था खतरा
सात जून को मप्र के सभी केंद्रों पर दोपहर की पाली की परीक्षा एक साथ रद्द की गई। इसमें हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हुए। इसके बाद यह परीक्षा 20 जून को फिर से कराने की सूचना ईएसबी ने जारी कर दी। रद्द होने का औपचारिक कारण तकनीकी समस्या बताई गई। लेकिन द सूत्र को मिली जानकारी के अनुसार मामला गंभीर था और इसमें परीक्षा की गोपनीयता को लेकर खतरा था।
इसकी जानकारी जब उच्च स्तर पर पहुंची तो तय किया गया कि इसे रद्द किया जाए। इसलिए पहले उम्मीदवारों को चार घंटे तक परीक्षा हाल में रोके रखा गया, ताकि मुद्दा हल हो सके। लेकिन जब लगा कि गोपनीयता को खतरा हो सकता है, फिर इसे रद्द कर दिया गया।
ईएसबी डायरेक्टर ने यह बात कही
इस मामले में द सूत्र ने डायरेक्टर ईएसबी अजय कटेसरिया से बात की और परीक्षा रद्द होने की वजह पूछी। उन्होंने कहा कि हम असुरक्षित सर्वर पर परीक्षा नहीं कराना चाहते थे इसलिए सुरक्षा कारणों से इसे स्थगित किया गया।
पटवारी भर्ती से लेकर इन परीक्षाओं में खेला
- पटवारी भर्ती परीक्षा- जून 2023 में यह परीक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगे। तब आनलाइन परीक्षा कराने का ठेका एडुक्विटी के पास था। ग्वालियर के एनआरआई कॉलेज सेंटर से पटवारी भर्ती के टाप टेन में से सात टापर्स निकले थे। बाद में जांच हुई लेकिन मामले को क्लीन चिट देकर ठंडा कर दिया गया।
- आबकारी आरक्षक भर्ती- सितंबर 2025 मे हुई आबकारी आरक्षक भर्ती में ईएसबी की जांच में आया कि रतलाम के रतलाम पब्लिक स्कूल के सेंटर पर 12 उम्मदीवारों ने सिस्टम के साथ खेल किया। इन्होंने अंतिम मिनटों में ही पूरे सौ फीसदी सही सवाल कर लिए। इनके खिलाफ एफआईआर कराई गई। यह आनलाइन परीक्षा एप्टेक कंपनी ने कराई थी।
- सिपाही भर्ती में भी खेल- वहीं दिसंबर 2025 में साढ़े सात हजार पदों के लिए हुई सिपाही भर्ती, जिसमें साढ़े नौ लाख उम्मीदवार थे इसमें भी खेल हुआ। ईएसबी की जांच में आय कि भोपाल के सेंट्स कॉलेज आफ टेक्नोलाजी में 14 उम्मीदवारों ने खेल किया और इन्होंने भी अंतिम मिनटों में पूरा पेपर साल्व कर लिया वह भी सही। इनके खिलाफ भी एमपीनगर थाना भोपाल में केस दर्ज हुआ। यह आनलाइन परीक्षा भी एप्टेक कंपनी ने कराई थी।
- पूर्व की जेल प्रहरी में भी गफलत- इसके पहले जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा में भी सामने आया था कि इसके 109 उम्मीदवारों के रिजल्ट रोके गए। क्योंकि इन पर भी शक है कि सेंटर पर कुछ गड़बड़ की है और इनके नंबर ज्यादा आ रहे थे. यह वही परीक्षा था जिसमें टापर राजा भैय्या को ईएसबी ने 100 में से 101.66 नंबर दिए थे।
एप्टके कंपनी को लेकर लगातार विवाद, ब्लैकलिस्ट
अधिक बोली के चलते टीसीएस कंपनी को ईएसबी (एमपी कर्मचारी चयन मंडल) ने टेंडर से बाहर कर दिया। साथ ही सस्ती परीक्षा कराने वाली एप्टेक कंपनी को ठेका दिया गया। कंपनी की विश्वसनीयता पर संदेह और सवाल हमेशा उठे लेकिन इसके बावजूद इसे ठेके मिलते रहे।
- यूपी में ब्लैकलिस्ट- उत्तर प्रदेश जल निगम भर्ती परीक्षा में 2016 में अनियमितताओं को लेकर फर्म के खिलाफ एसआईटी जांच के बाद कुल 13 सौ कैंडिडेट्स में से 1188 की नियुक्तियां 2020 में रद्द कर दी गई थीं। फिर भी उसे यूपी में ठेका मिला, लेकिन इसमें भी नकल के आरोप लगे। यूपी सरकार ने मई, 2019 में एप्टेक को ब्लैकलिस्ट कर दिया।
- राजस्थान में कांड- साल 2021 में, राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती आयोजित करने के लिए इसे काम पर रखा गया था। जयपुर के एक केंद्र पर धोखाधड़ी के आरोप में छह को गिरफ्तार किया गया था।
- दिल्ली यूनिवर्सिटी में पेपर लीक- एप्टेक की ओर से दिल्ली विश्वविद्यालय के एलएलबी कोर्स के लिए आयोजित एक परीक्षा को भी सितंबर 2020 में एक कथित पेपर लीक की वजह से रद्द कर दिया गया था।
- असम में भी ठेका,विरोध- इसके बाद भी कंपनी को फरवरी 2020 में असम के सिंचाई विभाग के लिए परीक्षा आयोजित करने का ठेका मिल गया। तब गुवाहटी उच्च न्यायालय ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी, क्योंकि उसे बताया गया कि कंपनी को पहले ही दूसरे राज्य में ब्लैकलिस्ट कर दिया।
- महाराष्ट्र में भी ठेका रद्द- इसके बाद साल 2021 में एप्टेक ने महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में भर्ती के लिए क्लास सी और डी की परिक्षा आयोजित करवाई। जब छात्रों ने कंपनी के रिकॉर्ड के संबंध में आपत्ति जतानी शुरू की तो एमआईडीसी ने परीक्षा रद्द कर दी।
- जम्मू कशमीर में भी विरोध- साल 2022 में जम्मू और कश्मीर सेवा चयन बोर्ड ने कंप्यूटर टेस्ट आयोजित कराने के लिए एप्टेक को कॉन्ट्रैक्ट दिया। इस फैसले के विरोध में जम्मू और कश्मीर के कई क्षेत्र में प्रदर्शन हुए। वह टेंडर नोटिस जिसमें साफ तौर पर लिखा है कि कॉन्ट्रैक्ट उन फर्म को नहीं दिया जाना चाहिए, जो या तो ब्लैकलिस्ट हैं या उनके खिलाफ कोई मामला लंबित है। बाद में ठेका निरस्त कर टीसीएस को दिया गया।
- केंद्रीय विद्यालय परीक्षा में भी गड़बड़- एप्टेक ने फरवरी 2023 में केंद्रीय विद्यालय के लिए तीन परीक्षाएं भी आयोजित कीं और तीनों पेपर वाराणसी, अंबाला, पानीपत, लेह और बिहार में लीक हो गए।
रेलवे भर्ती में एफआईआर हुई
दिसंबर 2023 में सीबीआई ने रेलवे भर्ती केंद्र की सामान्य विभागीय परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक करने के आरोप में एप्टेक और कुछ रेलवे अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इंदौर, मुंबई, सूरत, राजकोट, अहमदाबाद आदि के अलग-अलग केंद्रों पर 8 हजार 603 कैंडिडेट परीक्षा में शामिल हुए थे। एफआईआर में आरोप लगाया गया कि एप्टेक लिमिटेड को परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया था।
कैंडिडेट्स को परीक्षा शुरू होने से पहले उत्तरों के साथ प्रश्न पत्र मुहैया किए गए थे। इसके अलावा, परीक्षा के कुछ दिनों बाद उन्हें अनवेरिफाइड व्हाट्सएप लिंक के जरिए परीक्षा के नतीजे भी बता दिए गए थे। एफआईआर में दावा किया गया है कि कंसल्टेंसी फर्म एप्टेक कंसल्टेंसी लिमिटेड की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि फॉरेंसिक विश्लेषण रिपोर्ट के मुताबिक कई कर्मचारियों ने अपने कार्यालय में पेपर का मूल्यांकन किया था।
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