ESB ने जेल प्रहरी परीक्षा में 800 किमी दूर दिए सेंटर, उम्मीदवारों के मांगे केंद्र किए खारिज
समझें क्या है पूरा मामला
- ईएसबी की जेल प्रहरी और वन रक्षक परीक्षा में दूर-दराज के केंद्र आवंटित किए गए हैं।
- कई उम्मीदवारों को 800 से 1000 किमी दूर परीक्षा केंद्र मिले हैं।
- 7 जून की एक पाली की परीक्षा सुरक्षा कारणों से रद्द हो चुकी है।
- अभ्यर्थियों का आरोप है कि उनकी केंद्र प्राथमिकताओं पर ध्यान नहीं दिया गया।
- उम्मीदवार पीएससी की तरह होमटाउन या नजदीकी केंद्र देने की मांग कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ( ESB ) की चल रही जेल प्रहरी, वन रक्षक परीक्षा में एक पाली का पेपर रद्द हो चुका है। इससे उम्मीदवारों में भारी नाराजगी है। वह दागी कंपनी एप्टेक को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। वहीं इसमें दूर-दूर मिल रहे परीक्षा केंद्रों को लेकर उम्मीदवारों ने नाराजगी जताई है। यह सेंटर 800 से 1000 किमी दूर मिले हैं।
परीक्षाओं की सुरक्षा व गोपनीयता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। वहीं अब 800 से 1000 किमी दूर सेंटर दिए जाने से अभ्यर्थी खासे परेशान हैं। अभी 7 जून को ही दूसरी पाली की जेल प्रहरी, वन रक्षक की परीक्षा सुरक्षा में खतरा देख रद्द कर दी गई थी। इस परीक्षा के लिए दूर-दूर से उम्मीदवार पहुंचे थे। अब उन्हें फिर 20 जून को परीक्षा केंद्र जाना होगा।
नीमच के उम्मीदवारों को उनकी सभी प्राथमिकताएं छोड़कर सीधी जैसे 880 किमी दूर केंद्र दिया गया है। इस परीक्षा में दो हजार से अधिक पद हैं और छह लाख से अधिक उम्मीदवार हैं।
फोन किया तो यह दिया टका सा जवाब
इस मामले में नीमच के उम्मीदवार ने ईएसबी ऑफिस में फोन किया। वहीं फोन अटेंड करने वाले कर्मचारी ने साफ कह दिया कि जो परीक्षा केंद्र दिया गया है, वहीं जाना होगा, इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।
जब उम्मीदवार ने कहा कि आपके द्वारा परीक्षा शहर को लेकर प्राथमिकता भरवाई गई थी। इसमें एक-दो नहीं, चार-चार शहर बताए थे, लेकिन इनमें से कोई नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि कोशिश करके 50 से 60 फीसदी उम्मीदवारों को यह देते हैं, लेकिन सभी में नहीं होता है। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते हैं।
इन शहरों में हो रही है परीक्षा
यह परीक्षा मध्य प्रदेश में भोपाल, रीवा, नीमच, रतलाम, खंडवा, सतना, इंदौर, सागर, सीधी, उज्जैन, जबलपुर व अनूपपुर में हो रही है। विवादित व दागी कंपनी एप्टेक के पास ऑनलाइन परीक्षा कराने का ठेका है।
उम्मीदवारों का डर, परीक्षा रद्द हुई तो...
वहीं उम्मीदवारों ने द सूत्र से कहा कि कई परीक्षा केंद्र ऐसे हैं जहां एक शहर से दूसरे शहर की कनेक्टिविटी सही नहीं है। जाने में लंबा समय लगता है, पैसा भी लगता है। वहीं डर यह है कि यदि परीक्षा किसी भी कारण से रद्द हुई तो एक बार फिर जाना होगा। जैसे कि 7 जून को हुआ और अब फिर 20 जून को इतने दूर जाना होगा।
पीएससी जैसा नियम ईएसबी में क्यों नहीं
विधानसभा में भी परीक्षा केंद्र का मुद्दा उठा था। तब इसमें मध्य प्रदेश शासन ने जवाब दिया था कि सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से ही परीक्षा केंद्र दिए जाते हैं।
यह मुद्दा तब उठा था जब पीएससी ने होमटाउन परीक्षा केंद्र का नियम जारी किया था। इसके तहत अब उम्मीदवार को उनके मनचाहे परीक्षा केंद्र नहीं मिलेंगे, बल्कि वह जिस जिले का रहने वाला है, उसे वहीं या उसके नजदीकी केंद्र पर ही परीक्षा केंद्र दिया जाएगा।
अब सवाल यह भी है कि जब पीएससी होमटाउन दे रही है तो फिर ईएसबी द्वारा होमटाउन या उसके नजदीकी एग्जाम सेंटर छोड़कर 800 से 1000 किमी दूर परीक्षा केंद्र क्यों दिए जा रहे हैं।
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