ESB भर्ती में आ रहा बड़ा नियम, एक बार ज्वाइनिंग ली तो फिर यह लगेगा प्रतिबंध

Sanjay Gupta | May 26, 2026, 12:27 IST
mp esb recruitment new rules joint exam 2026
मध्य प्रदेश में ईएसबी भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। नए मसौदे के अनुसार सरकारी नौकरी ज्वाइन करने के बाद उम्मीदवार केवल एक बार ही ईएसबी की दूसरी परीक्षा देकर नई नियुक्ति पा सकेंगे। इसके बाद वे अन्य पदों के लिए अयोग्य हो जाएंगे।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्यप्रदेश शासन ईएसबी भर्ती के लिए नए नियम लागू करने की तैयारी में है।
  • कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियम 2026 का मसौदा जारी किया गया है।
  • सरकारी नौकरी ज्वाइन करने के बाद केवल एक बार दूसरी नियुक्ति मिल सकेगी।
  • दूसरी नियुक्ति के बाद उम्मीदवार ईएसबी की अन्य भर्तियों के लिए अयोग्य हो जाएगा।
  • नए नियमों पर 5 जून तक सुझाव मांगे गए हैं।

मध्यप्रदेश शासन मल्टीपल भर्ती परीक्षा की जगह संयुक्त भर्ती परीक्षा की ओर जा रहा है। ऐसे में ईएसबी द्वारा होने वाली विविध भर्ती परीक्षाओं में भी बदलाव हो रहा है।



इसके तहत कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियम 2026 लाए जा रहे हैं। इसका मसौदा जारी किया गया है। सभी से 5 जून तक सुझाव मांगे गए हैं।



इसमें एक नियम आगे परीक्षा देने पर रोक और ज्वाइनिंग को लेकर है। इसे उम्मीदवारों के लिए झटका माना जा रहा है।



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एक बार ज्वाइन तो फिर सिंगल मौका

इस मसौदे के पेज 10 के बिंदु नंबर 21 में नियुक्ति संबंधी नियम प्रस्तावित किए गए हैं। इसके तहत एक अहम बिंदु 21(2) है। इसमें कहा गया है कि ऐसा शासकीय सेवक, जो नियमित शासकीय सेवा में होकर पदभार ग्रहण कर चुका है, उन्हें अधिकतम एक बार ही ईएसबी की परीक्षा के आधार पर नए पद पर नियुक्ति दी जा सकेगी।



यानी एक बार कोई पद लिया और ज्वाइन कर लिया तो फिर वह केवल एक बार और परीक्षा दे सकेगा।



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इस नियम को लेकर यह दिया स्पष्टीकरण

इस नियम के मसौदे में और स्पष्ट किया गया है। इसके तहत यदि कोई अभ्यर्थी किसी साल की परीक्षा के आधार पर शासकीय सेवा में नियुक्त होकर पदभार ग्रहण कर चुका है, फिर नियमित शासकीय सेवा में रहते हुए अधिकतम एक बार ही उसकी नियुक्ति किसी अन्य पद पर हो सकेगी।



दूसरी नियुक्ति के बाद वह ईएसबी की परीक्षा के आधार पर किसी अन्य सेवा या पद के लिए अयोग्य हो जाएगा।



यह नियम पूर्व नियुक्ति पर भी लागू

यह भी साफ लिखा गया है कि यह नियम जैसे ही लागू होते हैं, तो फिर पूर्व से कार्यरत शासकीय सेवकों को भी अधिकतम एक बार और नवीन पद पर नियुक्ति की मंजूरी मिलेगी। इसके बाद वह अयोग्य हो जाएंगे।



इससे क्या फायदे, नुकसान

इस नियम से उन उम्मीदवारों को झटका लगा है, जो नौकरी में आने और एक पद पाने के बाद भी नए बड़े पद के लिए परीक्षा देते रहते हैं।



अब वह केवल एक बार और नए पद को ले सकेंगे। वहीं इसमें राहत उन उम्मीदवारों को मिलेगी जो बार-बार चयनित होने वाले उम्मीदवारों के चलते पद पर नहीं आ पाते हैं।



पीएससी देने पर रोक नहीं

हालांकि यह नियम पीएससी में लागू नहीं किया गया है। बीते दो-तीन बार के रिजल्ट में देखने में आया है कि चयनित उम्मीदवार ही फिर अन्य बड़े पदों पर चयनित हुए हैं।



वहीं ईएसबी में सफल उम्मीदवारों के भी पीएससी देने पर रोक नहीं है। यानी वह तृतीय श्रेणी की जगह द्वितीय श्रेणी और उच्च श्रेणी की पीएससी भर्ती परीक्षा देने के लिए योग्य रहेंगे।



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