ESB की SI, सूबेदार व एसआई भर्ती रिजल्ट में उम्मीदवारों को 87 से 13 फीसदी में शिफ्ट किया
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा एसआई, सूबेदार भर्ती के मेंस रिजल्ट को लेकर उम्मीदवारों ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इसमें कई उम्मीदवारों के रिजल्ट की कैटेगरी बदल गई है। इन्हें मूल रिजल्ट यानी 87 फीसदी कैटेगरी से बदलकर 13 फीसदी यानी प्रोविजनल रिजल्ट कैटेगरी में शिफ्ट किया गया है।
ऐसे दर्जन भर उम्मीदवारों की अंकसूचियां और रिजल्ट हमारे पास मौजूद हैं। जीएडी के सितंबर 2022 के सर्कुलर के मुताबिक अंतिम चयन तक रिजल्ट में शिफ्टिंग नहीं होती है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी इस फॉर्मूले को मान्य किया हुआ है।
क्या है 87-13 फीसदी रिजल्ट का नियम
- सितंबर 2022 में मध्यप्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने ओबीसी आरक्षण 27 फीसदी विवाद के बाद 87-13-13 फीसदी रिजल्ट का फॉर्मूला जारी किया था।
- इसके तहत 14 फीसदी ओबीसी आरक्षण रखते हुए एक मूल रिजल्ट कैटेगरी 87 फीसदी की बनाई गई थी।
- बाकी 13 फीसदी पदों को प्रोविजनल रिजल्ट कैटेगरी में डाला गया था। इसमें 13 फीसदी ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों को और 13 फीसदी ही अनारक्षित उम्मीदवारों को चुना गया।
- शासन का तर्क था कि यदि ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण मान्य हुआ तो फिर यह होल्ड 13 फीसदी पद ओबीसी कैटेगरी उम्मीदवारों को जाएंगे, नहीं तो फिर यह अनारक्षित कैटेगरी के 13 फीसदी उम्मीदवारों को जाएंगे। इसलिए होल्ड 13 फीसदी पदों पर 13 फीसदी ओबीसी और 13 फीसदी अनारक्षित दोनों को चुना गया।
- वहीं इसमें एक अहम शर्त थी कि एक बार जो उम्मीदवार मेरिट से जिस कैटेगरी में चुना गया वह उसी में रहेगा। यानी यदि कोई प्री में 87 फीसदी में चुना गया तो वह भले ही फिर मेंस में कम नंबर लाए लेकिन वह रहेगा 87 फीसदी में ही। इसी तरह जो 13 फीसदी कैटेगरी में चुना गया वह भले ही मेंस में फिर ज्यादा नंबर ले आए, वह हमेशा उसी कैटेगरी में रहेगा। यानी कैटेगरी से शिफ्टिंग नहीं होगी।
- 13 फीसदी कैटेगरी में आना सबसे बड़ी परेशानी है, क्योंकि यह रिजल्ट कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद ही आएगा। साल 2019 की पीएससी व ईएसबी की विविध परीक्षाओं के हजारों पद इसी कैटेगरी के कारण होल्ड पर हैं और रिजल्ट लिफाफे में बंद हैं।
अब एसआई, सूबेदार रिजल्ट में क्या हुआ
एसआई भर्ती 2025 के 500 पदों के लिए प्री का रिजल्ट मार्च 2025 में आया था और फिर अप्रैल में मेंस हुई। प्री में करीब 5700 पास हुए थे और मेंस रिजल्ट में 1692 को पास घोषित किया है जो फिजिकल टेस्ट देंगे।
इसमें 1308 उम्मीदवार मूल 87 फीसदी कैटेगरी में हैं और 13 फीसदी अनारक्षित कैटेगरी में 192 व 13 फीसदी ओबीसी कैटेगरी में भी 192 को चयनित किया गया है। वहीं कैटेगरी शिफ्टिंग के कारण प्री में चयनित उम्मीदवार 13 फीसदी में चले गए हैं।
वहीं जो पहले से 13 फीसदी में चयनित थे, इसमें से कई इस कारण से भी बाहर हो गए क्योंकि उम्मीदवार दूसरी कैटेगरी से शिफ्ट होकर आ गए। ऐसे में दोनों का नुकसान हुआ।
यह देखिए रिजल्ट के उदाहरण
द सूत्र के पास दर्जन भर उम्मीदवारों के रोल नंबर और मार्कशीट की कॉपी है। वहीं, पहचान गोपनीय रखने के लिए हम रोल नंबर और पूरा नाम नहीं दे रहे हैं।
- ए. सिंह ओबीसी में थे, 87 फीसदी में 99.99 पर्सेंटाइल से प्री में चयन हुआ था। अब 13 फीसदी ओबीसी कैटेगरी में रख दिया।
- पीडब्ल्यूडी गुर्जर (या पी. गुर्जर) 99.063 पर्सेंटाइल से 87 फीसदी में प्री में हुआ था। अब ओबीसी में 13 फीसदी में शिफ्ट किया।
- ए. मीणा, 98.37 फीसदी पर्सेंटाइल से 87 फीसदी में थे, अब 13 फीसदी में आ गए।
- एम. द्विवेदी, पहले 99.77 पर्सेंटाइल से 87 में थे, अब यूआर के 13 फीसदी कैटेगरी में।
- ए. राठौर पहले 99.41 पर्सेंटाइल के साथ 87 फीसदी में थे, अब 13 फीसदी में।
इन्हें तो 13 फीसदी के दोनों में रख दिया
वहीं एक उम्मीदवार वी. पुरी हैं। यह पहले 87 फीसदी में थे। अब इन्हें 13 फीसदी की दोनों कैटेगरियों ओबीसी और अनारक्षित में रखा गया है। इनकी अंकसूची में दोनों कैटेगरी लिखी हैं।
रिजल्ट की पीडीएफ-
क्या बोल रहा ईएसबी
वहीं ईएसबी डायरेक्टर (आईएएस अजय कटेसरिया) ने कहा कि आपके माध्यम से इसकी जानकारी मिली है। इसका हम परीक्षण कराते हैं। (द सूत्र से उन्होंने रिजल्ट को लेकर डिटेल मांगी थी, जो उन्हें उपलब्ध करा दी गई है)।
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