मध्य प्रदेश में शराब के महंगे ठेके ले रहे ठेकेदार, कमाई करने के लिए भेज रहे गुजरात

Sanjay Gupta | Nov 03, 2026, 12:20 IST
मध्य प्रदेश में महंगी आबकारी नीति और कम खपत के दबाव में अवैध शराब गुजरात भेजी जा रही है।
MP Liquor Smuggling Network: High Excise Targets, Illicit Gujarat Supply Line, and the Fatal Highway Incident Claiming a Police Officer's Life
एमपी में सागर और देवास में जहरीली शराब कांड का मातम खत्म भी नहीं हुआ था कि अब टीआई शहीद हो गए। गुजरात शराब तस्करी करने वाले ट्रक ने टीआई दिलीप पुरी को रौंद दिया और वे शहीद हो गए। इंदौर में भी एक माह में 4 करोड़ की शराब पकड़ी गई जो गुजरात जा रही थी। इसकी सबसे बड़ी वजह मध्य प्रदेश की आबकारी नीति है।

मध्य प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शराब के ठेके करीब 20 हजार करोड़ में गए हैं। ये ठेके लगभग 20 फीसदी अधिक की बढ़ोतरी पर दिए गए हैं। यह बीते कई सालों से चल रहा है। ठेकेदार अपने ठेके 20 फीसदी अधिक पर रिन्यू करा रहे हैं। पांच साल में लाइसेंस फीस दोगुनी हो चुकी है। वहीं खपत की बात करें तो एमपी में शराब की इतनी खपत नहीं है कि ठेकेदार 20 हजार करोड़ रुपए भर सकें।



फिर कर क्या रहे हैं ठेकेदार

बता दें कि शराब का ठेका लेने वाले ठेकेदार को हर माह लाइसेंस फीस जमा करनी होती है। वहीं बैंक गारंटी भी दुकान लेने के एवज में जमा करानी होती है। यदि लाइसेंस फीस देने में देरी होती है तो ठेकेदार डिफॉल्टर हो जाता है और दुकान फिर नीलाम की जाती है। वहीं बैंक गारंटी जब्त हो जाती है। ऐसे में ठेकेदार हर माह तय न्यूनतम खपत सीमा के बराबर शराब वेयरहाउस से उठाता है।



दूसरी ओर बाजार में शराब की इतनी खपत है ही नहीं। ऐसे में जिस ठेकेदार की गुजरात लाइन वालों से लिंक है, वह इस अतिरिक्त शराब को गुजरात रवाना कर देता है। गुजरात में शराबबंदी है। ऐसे में वहां यह अवैध रूप से अधिक कीमत में बिकती है और ठेकेदार को जमकर मुनाफा होता है। यानी एमपी की वैध शराब को अवैध रूप से गुजरात में खपा दिया जाता है।



इंदौर में हर दिन 6 करोड़ की शराब बिक्री जरूरी

अब इंदौर के उदाहरण से देखिए। इंदौर में शराब का ठेका 2100 करोड़ में गया है। यानी यहां की करीब 175 शराब दुकानों से हर दिन 6 करोड़ की शराब बिक्री होनी चाहिए, तभी वह आबकारी लाइसेंस की फीस निकाल सकता है। इंदौर में हर दिन इतनी शराब खपत की गुंजाइश ही नहीं है।



अभी भी इंदौर में औसतन तीन करोड़ की शराब की खपत प्रतिदिन होती है। यानी ठेकेदारों को लंबा झटका लगता है। हरदा जैसे छोटे जिले, जहां से यह देवास कांड की शराब आई थी, वहां का करीब 150 करोड़ का ठेका है। देवास जिले में यह ठेका करीब 430 करोड़ का है।



देवास में टीआई की मौत में क्या हुआ

देवास में जिस ट्रक को रोकने में खातेगांव टीआई दिलीप पुरी शहीद हुए, वहां भी यही मामला था। ट्रक हरदा की शराब दुकान से शराब लेकर चला था और वह गुजरात की ओर रवाना हो रहा था। इसी ट्रक की खबर पुलिस को मिली थी और इसे पकड़ने में ही पुरी शहीद हुए।



जिनकी गुजरात लिंक नहीं, वे सस्ती बेच रहे

ये वे ठेकेदार हैं, जिनकी गुजरात लाइन वालों से लिंक है। वे शराब बाहर बेच रहे हैं। दूसरी ओर जिनकी पहुंच नहीं है लवे दो काम कर रहे हैं। कुछ छोटे ठेकेदार इन गुजरात लाइन वालों को ही अपना माल सस्ती दर पर बेच देते हैं। वहीं छोटे दुकानदार अपनी दुकान से ही न्यूनतम बिक्री कीमत से भी कम दर पर यह शराब बेच रहे हैं।



जैसे तय दर से अधिक कीमत लेना जुर्म है, वैसे ही आबकारी में न्यूनतम कीमत भी तय होती है और इससे कम बेचने पर भी पेनल्टी लगती है। हाल ही में इंदौर में भी दर्जनों दुकानों पर इस तरह के केस बने हैं और लाखों की पेनल्टी के नोटिस जारी हो चुके हैं।



जहरीली शराब कांड में इंदौर से कासलीवाल गिरफ्तार-

देवास के चांदना जहरीली शराब कांड का मामला हो या खातेगांव में टीआई पुरी की मौत का मामला, दोनों में ही इंदौर के तार जुड़े हैं। देवास जहरीली शराब कांड में आरोप है कि इसके लिए केमिकल की सप्लाई इंदौर में आनंद कासलीवाल की दुकान से हुई थी। वे कांग्रेस के संभागीय प्रवक्ता हैं। आनंद और उनके बेटे अमन कासलीवाल, दोनों को ही इस मामले में देवास पुलिस ने गिरफ्तार किया है और आरोपी बनाया है। आनंद कासलीवाल के एक बेटे प्रखर की मौत जनवरी माह में कार एक्सीडेंट में हो गई थी। इसमें पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी की भी मौत हुई थी।



टीआई मौत में इंदौर के मनीष जायसवाल-

वहीं देवास के खातेगांव में टीआई की मौत के मामले में कांग्रेस के टिमरनी-खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रभारी राहुल जायसवाल को पुलिस ने पकड़ा है। राहुल की टिमरनी की शराब दुकानों में 30 फीसदी की हिस्सेदारी है। इसमें इंदौर के मनीष जायसवाल और अहमदाबाद के मोहिन जायसवाल की भी 30-30 फीसदी की हिस्सेदारी है। वहीं पाटेंद्र जायसवाल की 10 फीसदी की पार्टनरशिप है।



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