मध्य प्रदेश का निर्यात चार फीसदी बढ़ा, ट्रम्प टैरिफ भी नहीं रोक पाया रफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला...
- अमेरिका में ट्रम्प टैरिफ के कारण व्यापार में अनिश्चितता बढ़ी थी।
- इस नुकसान के बावजूद एमपी के निर्यातकों ने कई देशों में मांग बढ़ाकर इसकी भरपाई कर ली।
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश का कुल निर्यात 4% बढ़ा।
- प्रदेश के कुल निर्यात में अकेले इंदौर संभाग की हिस्सेदारी आधे से ज्यादा (50.5%) रही।
- दवाइयां प्रदेश का सबसे बड़ा निर्यात सेक्टर बनकर उभरीं।
ट्रम्प टैरिफ का असर
ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच मध्य प्रदेश से एक अच्छी खबर सामने आई है। अमेरिका में ट्रम्प सरकार की टैरिफ नीतियों की वजह से दुनिया भर के व्यापार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ था।
इसका सीधा असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ा। अमेरिका मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, वहां राज्य की हिस्सेदारी एक साल के भीतर 20.4% से घटकर 19.4% पर आ गई।
वहीं प्रदेश के निर्यातकों ने हार नहीं मानी। उन्होंने अमेरिका में हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए दुनिया के दूसरे देशों का रुख किया। चीन, जर्मनी, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे नए बाजारों में मध्य प्रदेश के सामानों की मांग को बढ़ाया गया।
नतीजा यह रहा कि वैश्विक चुनौतियों के बाद भी वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश का कुल निर्यात 4% बढ़ा। इसी के साथ निर्यात 68 हजार 837 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं पिछले साल की बात करें तो यह आंकड़ा 66 हजार 218 करोड़ रुपए था।
टॉप पर रहा इंदौर संभाग
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के इस शानदार प्रदर्शन में सबसे बड़ा हाथ इंदौर संभाग का रहा है।
इंदौर संभाग ने अकेले ही प्रदेश के कुल निर्यात में आधे से ज्यादा यानी 50.5% की हिस्सेदारी संभाली है। इस साल इंदौर से 34 हजार 654 करोड़ रुपए का निर्यात हुआ। यह पिछले साल के 32 हजार 580 करोड़ रुपए के मुकाबले 6% ज्यादा है।
इंदौर के बाद दूसरे और तीसरे नंबर पर भोपाल और उज्जैन रहे। भोपाल से इस साल 13 हजार 807 करोड़ रुपए का निर्यात किया गया। वहीं उज्जैन 9 हजार 204 करोड़ रुपए के आंकड़े के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
वहीं पूरे देश की बात करें तो भारत के कुल वस्तु निर्यात में मध्य प्रदेश का हिस्सा 1.8% रहा है। इस रैंकिंग में मध्य प्रदेश पिछले साल की तरह इस बार भी देश भर में 13वें स्थान पर है।
(FIEO) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल सुविध शाह ने बताया कि, अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक चुनौतियों के बाद भी मध्य प्रदेश का निर्यात बढ़ना बेहद तारीफ के काबिल है। फार्मा जैसे सेक्टर और नए बाजारों की तलाश ने इस ग्रोथ को पूरा सहारा दिया है।
इन सामानों की भी रही भारी डिमांड
मध्य प्रदेश से दुनिया भर के देशों में कुल 147 प्रकार की वस्तुओं का निर्यात किया जाता है। वहीं फार्मा सेक्टर 19.2% हिस्सेदारी के साथ प्रदेश का सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बन गया है।
इसके बाद दूसरे और तीसरे नंबर पर कपड़ा और मशीनरी से जुड़े सामान रहे। कॉटन यार्न और गारमेंट का हिस्सा कुल निर्यात में 10% रहा। जबकि मशीनरी उत्पाद 6% हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
इनके अलावा मध्य प्रदेश के ऑयल मील, बासमती चावल, सामान्य चावल और एल्युमिनियम उत्पादों की भी विदेशी बाजारों में काफी अच्छी मांग देखी गई।
FAQ
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश का कुल निर्यात कितना रहा?
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश का कुल निर्यात 4% बढ़कर 68,837 करोड़ रुपए पहुंच गया है, जो कि पिछले वर्ष 66 हजार 218 करोड़ रुपए दर्ज किया गया था। - अमेरिका में ट्रम्प टैरिफ के कारण मध्य प्रदेश के निर्यात पर क्या असर पड़ा?
ट्रम्प टैरिफ के कारण व्यापारिक अनिश्चितता बढ़ी, जिससे मध्य प्रदेश के सबसे बड़े निर्यात बाजार अमेरिका की हिस्सेदारी 20.4% से घटकर 19.4% रह गई। हालांकि, निर्यातकों ने चीन, जर्मनी, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे नए देशों में मांग बढ़ाकर इस नुकसान की भरपाई कर ली।
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