MP में फास्ट ट्रैक ग्रेजुएशन: अब 3 साल की डिग्री 2 साल में मिलेगी, जानें नया नियम

Anjali Dwivedi | Jun 01, 2026, 14:09 IST
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मध्य प्रदेश में अब कॉलेज की पढ़ाई तय समय में नहीं बंधी रहेगी। छात्र ऑनलाइन कोर्स के जरिए 40% तक क्रेडिट जुटा सकेंगे। इससे 3 साल की डिग्री 2 से 2.5 साल में पूरी हो जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग नए सत्र से इसे लागू करने की तैयारी में है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश के कॉलेजों में अब फास्ट ट्रैक ग्रेजुएशन सिस्टम लागू होने जा रहा है।
  • छात्र अब रेगुलर पढ़ाई के साथ ऑनलाइन शॉर्ट टर्म कोर्स भी कर सकेंगे।
  • कुल पढ़ाई का 40 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से पूरा किया जा सकेगा।
  • तय क्रेडिट जल्दी पूरे होने पर डिग्री 2 से 2.5 साल में मिल जाएगी।
  • उच्च शिक्षा विभाग नए सत्र से इसे शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए एक अच्छी खबर आई है। अब आपको अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी करने के लिए पूरे तीन साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार एक ऐसा नया नियम ला रही है जिससे आपकी पढ़ाई आसान और तेज हो जाएगी।



विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी UGC ने एक नया क्रेडिट सिस्टम तैयार किया है। इस नए सिस्टम को उच्च शिक्षा विभाग एमपी अपने यहां लागू करने जा रहा है। इसके बाद छात्रों के लिए कॉलेज की पढ़ाई कम समय में पूरी करने का रास्ता साफ हो जाएगा।



क्या है फास्ट ट्रैक ग्रेजुएशन?

इस नई व्यवस्था को फास्ट ट्रैक ग्रेजुएशन नाम दिया गया है। इसके तहत छात्र कॉलेज जाने के साथ-साथ ऑनलाइन कोर्सेस भी कर सकते हैं। इन कोर्सेस को करने से छात्रों को एक्स्ट्रा क्रेडिट पॉइंट मिलेंगे जो उनकी मुख्य डिग्री में जुड़ेंगे।



अगर कोई छात्र मेहनत करके अपने जरूरी क्रेडिट पॉइंट समय से पहले पूरे कर लेता है, तो उसे डिग्री भी जल्दी मिल जाएगी। इस तरह तीन साल का ग्रेजुएशन कोर्स सिर्फ दो या ढाई साल में ही पूरा किया जा सकेगा।



40% पढ़ाई अब ऑनलाइन होगी

नए नियम के अनुसार छात्रों को अपनी कुल पढ़ाई का 40 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से पूरा करने की छूट मिलेगी। इसके लिए छात्र सरकार के स्वयं और NPTEL जैसे भरोसेमंद ऑनलाइन पोर्टल की मदद ले सकते हैं।



उच्च शिक्षा विभाग इस समय इन ऑनलाइन कोर्सेस को यूनिवर्सिटी के सिलेबस से मिलाने का काम कर रहा है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह शुरुआती काम अगले एक महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।



क्रेडिट सिस्टम की पूरी गणित

फिलहाल कॉलेज से बीए, बीएससी या बीकॉम जैसी डिग्री लेने के लिए करीब 160 क्रेडिट पॉइंट जरूरी होते हैं। अभी तक यह पॉइंट सिर्फ कॉलेज में रोज क्लास अटेंड करने और वहां की परीक्षा पास करने पर ही मिलते थे।



अब नए सिस्टम में छात्र कॉलेज की पढ़ाई के साथ शॉर्ट टर्म ऑनलाइन कोर्स चुनेंगे। इन ऑनलाइन कोर्सेस की परीक्षा पास करते ही क्रेडिट सीधे छात्र के खाते में जुड़ जाएंगे। इससे डिग्री के लिए जरूरी 160 पॉइंट बहुत जल्दी पूरे हो जाएंगे।



अगर सब कुछ तय समय पर हुआ तो आने वाले नए शैक्षणिक सत्र से ही छात्रों को इसका लाभ मिलने लगेगा। मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग का बोर्ड ऑफ स्टडीज इस योजना को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।



विभाग जल्द ही ऐसे ऑनलाइन कोर्सेस की एक लिस्ट जारी करेगा जिन्हें सरकार की मान्यता मिली हुई है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटीज को भी क्रेडिट ट्रांसफर करने और ऑनलाइन परीक्षा के लिए नए नियम अपनाने को कहा गया है।



छात्रों को इससे क्या फायदा होगा

  • कम समय में डिग्री: 3 साल का कोर्स 2 से 2.5 साल में पूरा करने का अवसर।
  • नई स्किल्स: इंडस्ट्री बेस्ड कोर्स से रोजगार क्षमता बढ़ेगी।
  • डिजिटल लर्निंग: घर बैठे देशभर के संस्थानों के कोर्स करने की सुविधा।
  • कॅरियर लाभ: आधुनिक विषयों और तकनीकी दक्षता से जॉब के अवसर बढ़ेंगे।

अधिकारियों ने क्या कहा?

उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुपम राजन ने इस पूरे मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि स्वयं और NPTEL (National Programme on Technology Enhanced Learning) के कोर्सेस की मैपिंग का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि एक महीने में इस संबंध में गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी। नए सत्र से छात्र 40 प्रतिशत तक कोर्स ऑनलाइन मोड में करके अपनी डिग्री को अपनी रफ्तार से पूरा कर सकेंगे।



FAQ

  1. फास्ट ट्रैक ग्रेजुएशन सिस्टम क्या है और इससे डिग्री कैसे मिलेगी?
    यह UGC की एक नई व्यवस्था है जिसके तहत छात्र कॉलेज की रेगुलर पढ़ाई के साथ-साथ मान्यता प्राप्त ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से शॉर्ट-टर्म कोर्स कर सकते हैं। इन ऑनलाइन कोर्सेस को पास करने पर छात्रों को एक्स्ट्रा क्रेडिट पॉइंट मिलते हैं। जब छात्र अपनी डिग्री के लिए जरूरी कुल 160 क्रेडिट समय से पहले पूरे कर लेते हैं, तो उन्हें 2 से 2.5 साल में ही ग्रेजुएशन की डिग्री मिल जाती है।
  2. छात्र कितने प्रतिशत कोर्स ऑनलाइन माध्यम से पूरा कर सकते हैं?
    नए नियमों के मुताबिक छात्र अपने कुल कोर्स का अधिकतम 40 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन शॉर्ट-टर्म कोर्सेस के जरिए पूरा कर सकते हैं। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग स्वयं और NPTEL जैसे सरकारी पोर्टल्स पर उपलब्ध कोर्सेस की मैपिंग यूनिवर्सिटी के मुख्य विषयों के साथ कर रहा है, ताकि क्रेडिट ट्रांसफर में कोई दिक्कत न आए।
  3. इस नई व्यवस्था से कॉलेज के छात्रों को क्या मुख्य लाभ होंगे?
    इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि छात्रों का कीमती समय बचेगा और वे 3 साल की पढ़ाई ढाई साल में खत्म कर सकेंगे।

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