MP में फायर टैक्स और एग्जिट प्लान अनिवार्य करने की तैयारी में सरकार
समझें क्या है पूरा मामला
- 3 जून को दिल्ली के मालवीय नगर होटल में आग से 21 लोग मारे गए।
- इस हादसे के बाद मध्यप्रदेश सरकार अलर्ट हो गई।
- मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने MP फायर बिल 2026 की विस्तृत समीक्षा की।
- बिल को केंद्र सरकार के मॉडल एक्ट (Model Act) के अनुरूप बनाने के निर्देश दिए गए।
- इमारतों में एग्जिट प्लान लगाना और फायर टैक्स लगाने पर भी चर्चा हुई।
दिल्ली की आग और MP की सीख
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लॉरिस स्टे में बुधवार सुबह भीषण आग लगी। इस हादसे में 21 लोगों की जान चली गई। होटल बिना फायर एनओसी (No Objection Certificate) के चल रहा था। कई बुनियादी सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई थी। इस दर्दनाक हादसे की आंच मध्य प्रदेश तक पहुंची और सरकार ने तुरंत कदम उठाए।
दिल्ली की इस त्रासदी के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने अपने फायर सेफ्टी कानून को कड़ा करने का फैसला किया। साथ ही प्रस्तावित विधेयक को केंद्र सरकार के मॉडल एक्ट के अनुरूप बनाने की भी तैयारी शुरू हो गई।
विजयवर्गीय की अहम बैठक
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें प्रस्तावित मध्यप्रदेश फायर फाइटिंग एंड इमरजेंसी सर्विसेज बिल (Madhya Pradesh Fire Fighting and Emergency Services Bill) 2026 की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश कॉलोनी एक्ट 2026 के मसौदे पर भी चर्चा हुई।
बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक में सुझाए गए सभी संशोधनों को शामिल कर दोनों विधेयकों के संशोधित मसौदे अगले सप्ताह दोबारा पेश किए जाएं।
क्यों जरूरी है मॉडल एक्ट से तालमेल
मंत्री ने कहा किफायर सेफ्टी बिल को भारत सरकार के मॉडल एक्ट में दिए गए नियमों के अनुरूप होना चाहिए। इससे पूरे राज्य में एकरूपता और तैयारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने राज्य की भविष्य की विकास जरूरतों को देखते हुए आधुनिक बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
विजयवर्गीय ने साफ कहा कि मध्यप्रदेश में आने वाले समय में बड़े-बड़े भवन, बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और उद्योग स्थापित होंगे। ऐसे में राज्य के पास अत्याधुनिक उपकरण, उन्नत तकनीक और प्रशिक्षित कर्मचारी होने चाहिए। यह तैयारी किसी भी अप्रिय घटना के दौरान त्वरित कार्रवाई के लिए जरूरी है।
हर इमारत में एग्जिट प्लान अनिवार्य
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि सभी इमारतों में एग्जिट प्लान (Exit Plan) और पाइपलाइन लेआउट का अनिवार्य प्रदर्शन सख्ती से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को फायर सेफ्टी अधिकारियों और अन्य तकनीकी कर्मियों के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की जरूरतें स्पष्ट रूप से परिभाषित करने के निर्देश दिए। साथ ही अन्य राज्यों में प्रचलित नियमों का भी अध्ययन करने को कहा।
फायर टैक्स और फायर स्टेशनों की समीक्षा
बैठक में अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए फायर टैक्स (Fire Tax) लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। विजयवर्गीय ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में मौजूदा फायर स्टेशनों, दमकल गाड़ियों और तैनात कर्मियों की विस्तृत जानकारी मांगी।
कॉलोनी एक्ट पर भी हुई चर्चा
प्रस्तावित मध्यप्रदेश कॉलोनी एक्ट 2026 के मसौदे की भी समीक्षा की गई। इसमें कॉलोनी पंजीकरण, विकास अनुमतियां, उल्लंघन पर दंड और अनधिकृत, अविकसित तथा अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई जैसे विषयों पर चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। लेकिन इसके साथ-साथ आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाए।
अगले हफ्ते आएगा संशोधित मसौदा
अधिकारियों को सभी सुझावों को शामिल करते हुए दोनों विधेयकों के संशोधित मसौदे अगले सप्ताह प्रस्तुत करने को कहा गया है। यह बिल केंद्र सरकार के फायर सेफ्टी एक्ट की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। इसका मकसद पूरे राज्य में अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के लिए एक व्यापक और एकीकृत ढांचा बनाना है।
बिल में पूरे राज्य के लिए एक अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा स्थापित करने, अग्निशमन सेवाओं की संरचना और वर्गीकरण, फायर स्टेशनों की स्थापना, आपातकालीन कॉल पर प्रतिक्रिया, परिचालन प्रबंधन, कर्तव्यों के उल्लंघन पर दंड और फायर टैक्स लगाने जैसे प्रावधान हैं। हर फायर स्टेशन के लिए एक फायर अधिकारी की नियुक्ति का भी प्रस्ताव है।
जरूरी FAQ
मध्यप्रदेश फायर फाइटिंग एंड इमरजेंसी सर्विसेज बिल 2026 क्या है?
यह मध्यप्रदेश सरकार का प्रस्तावित कानून है जो पूरे राज्य में अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के लिए एक एकीकृत और व्यापक ढांचा तैयार करेगा। इसमें फायर स्टेशनों की स्थापना, फायर अधिकारियों की नियुक्ति, आपातकालीन कॉल पर प्रतिक्रिया, उल्लंघन पर दंड और फायर टैक्स जैसे प्रावधान शामिल हैं। इसे केंद्र सरकार के मॉडल एक्ट के अनुरूप बनाया जा रहा है ताकि राज्य में एकरूपता और तैयारी सुनिश्चित हो सके।
इमारतों में एग्जिट प्लान क्यों जरूरी है और इसका क्या मतलब होता है?
एग्जिट प्लान यानी आपातकालीन निकास मार्ग का नक्शा, जो किसी भी इमारत में आग या अन्य आपदा के दौरान लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता दिखाता है। दिल्ली होटल हादसे में लोग इसी वजह से खिड़कियों से कूदने पर मजबूर हुए क्योंकि उन्हें बाहर निकलने का रास्ता पता नहीं था। MP के प्रस्तावित बिल में सभी इमारतों में इसे अनिवार्य रूप से दर्शाने का प्रावधान है। पाइपलाइन लेआउट भी लगाना जरूरी होगा ताकि आग के दौरान गैस या पानी की लाइनें जल्दी बंद की जा सकें।
ये खबरें भी पढ़ें...
आग का गोला बनी कांग्रेस विधायक योगेंद्र सिंह बाबा की कार, कूदकर बचाई जान
दिल्ली में बड़ा हादसा, लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी आग, अब तक 21 लोगों की मौत
कोरबा कुसमुंडा कोल स्टॉक में आग : करोड़ों के नुकसान की आशंका
दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड: राजस्थान के मार्बल व्यापारी सहित तीन लोगों की मौत