दिवाली से पहले MP में मिलावट पर बड़ी कार्रवाई, 35 हजार किलो से ज्यादा खाद्य सामग्री जब्त, खरीदारी में रखें सावधानी

Kaushiki | Nov 06, 2026, 13:04 IST
दिवाली से पहले खाद्य विभाग का एक्शन, 35 हजार किलो सामान जब्त
Ahead of Diwali, food safety authorities in Madhya Pradesh seized over 35,000 kg of food products and raw materials during a month-long inspection campaign targeting suspected adulteration and food safety violations.
दिवाली से पहले मध्य प्रदेश में खाने-पीने की चीजों में मिलावट रोकने के लिए बड़ी कार्रवाई की गई है। राज्य में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 35 हजार किलो से ज्यादा खाद्य सामग्री और कच्चा माल जब्त किया गया। इसकी कुल कीमत करीब 1.32 करोड़ रुपए बताई गई है। जांच के दौरान दूध, मावा, पनीर, घी, मिठाई और दूसरी खाद्य चीजों के सैंपल लिए गए।

कई जगह बिना अनुमति और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन किए बिना सामान तैयार करने के मामले भी सामने आए। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने लोगों को मिठाई और डेयरी प्रोडक्ट खरीदते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।



दिवाली से पहले मिलावट पर बड़ी कार्रवाई

दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों और डेयरी प्रोडक्ट की मांग बढ़ जाती है। खासकर मावा, पनीर, घी और दूध से बनने वाली मिठाइयों की बिक्री तेज हो जाती है।



इसी दौरान मिलावटी खाद्य सामग्री बिकने का खतरा भी बढ़ सकता है। इसे देखते हुए मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया। रिपोर्ट के मुताबिक, यह अभियान एक अक्टूबर से एक नवंबर तक चला। इस दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीमों ने अलग-अलग जगह जांच की।



अधिकारियों ने दुकानों, डेयरी इकाइयों और खाद्य सामग्री तैयार करने वाले स्थानों से सैंपल लिए। अभियान में 35 हजार किलो से ज्यादा खाद्य सामग्री और कच्चा माल जब्त किया गया। जब्त सामान की कुल कीमत लगभग 1.32 करोड़ रुपए बताई गई है।



पांच हजार सैंपल की जांच, 150 मामले दर्ज

मध्य प्रदेश में चलाए गए इस अभियान के दौरान करीब 5,000 खाद्य सैंपल इकट्ठा किए गए। इनमें से 6 हजार 107 जांच मोबाइल फूड लैब के जरिए की गईं। सैंपल और जांच की संख्या अलग-अलग बताई गई है।



खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलने पर अधिकारियों ने 21 खाद्य लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निलंबित किए। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत 150 मामले भी दर्ज किए गए। यह कार्रवाई उन कारोबारियों के खिलाफ की गई, जिनके यहां जांच में नियमों के उल्लंघन सामने आए।



जब्त किए गए सामान में दूध, मावा, पनीर, घी, खाने का तेल, मिठाई, नमकीन और ड्रिंक शामिल थे। इस अभियान का उद्देश्य त्योहार के दौरान बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर नजर रखना था।



खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहां-कहां क्या कार्रवाई की

भोपाल में 700 किलो पनीर जब्त

राजधानी भोपाल में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने कार्रवाई की। जांच के दौरान अधिकारियों ने 700 किलो पनीर जब्त किया। इस पनीर की अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपए बताई गई है।



त्योहार के समय पनीर की मांग बढ़ जाती है। इसका इस्तेमाल घरों, होटलों और मिठाई की दुकानों में किया जाता है। ऐसे में पनीर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, हर जब्त खाद्य सामग्री को बिना लैब रिपोर्ट के मिलावटी कहना सही नहीं होगा। किसी उत्पाद की गुणवत्ता का Final conclusion check के बेस पर ही निकाला जाना चाहिए।



ग्वालियर में 6.80 क्विंटल मावा जब्त

ग्वालियर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मावा की बड़ी खेप जब्त की। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां 6.80 क्विंटल मावा जब्त किया गया। मावा दिवाली की मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सामग्री है। इससे बर्फी, पेड़ा और कई दूसरी मिठाइयां बनाई जाती हैं।



त्योहारी सीजन में इसकी मांग बढ़ जाती है। इसलिए खाद्य सुरक्षा विभाग मावा बनाने और बेचने वाली जगहों पर विशेष निगरानी रखता है। मावा खरीदते समय उसकी गंध, रंग और ताजगी पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, केवल देखकर असली और मिलावटी मावा की पहचान पक्के तौर पर नहीं की जा सकती।



भिंड में 3,800 किलो मावा मिला

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां दो अलग-अलग कार्रवाइयों के दौरान कुल 3,800 किलो मावा जब्त किया गया। इतनी बड़ी मात्रा में मावा मिलने के बाद अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की।



मावा मिठाई बनाने के कारोबार में बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होता है। खासकर दिवाली के समय इसकी खपत काफी बढ़ जाती है। ऐसे में मावा तैयार करने, रखने और बेचने की जगहों पर साफ-सफाई और जरूरी नियमों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण है। खराब तरीके से रखा गया मावा जल्दी खराब हो सकता है। इससे खाने वालों की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।



मुरैना में तीन हजार किलो सोर्बिटोल जब्त

मुरैना जिले में अधिकारियों ने तीन हजार किलो सोर्बिटोल जब्त किया। इसके साथ 1,860 किलो मावा और मिल्क केक भी जब्त किया गया। जांच के दौरान एक डेयरी पर मिलावटी दूध इस्तेमाल करने का आरोप भी सामने आया।



सोर्बिटोल एक ऐसा पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल कुछ खाद्य उत्पादों में मिठास या नमी बनाए रखने के लिए किया जाता है। यह समझना जरूरी है कि सोर्बिटोल अपने आप में हर स्थिति में मिलावटी पदार्थ नहीं है।



खाद्य पदार्थों में इसका इस्तेमाल तय नियमों और अनुमति के अनुसार होना चाहिए। अगर किसी उत्पाद में इसका उपयोग नियमों के खिलाफ किया जाता है, तो वह खाद्य सुरक्षा का मामला बन सकता है। इसलिए अधिकारियों की जांच में पदार्थ की मात्रा, उपयोग और संबंधित नियमों को ध्यान में रखा जाता है।



शिवपुरी में घी की पूरी खेप पर रोक

शिवपुरी जिले में भी खाद्य सुरक्षा से जुड़ी बड़ी कार्रवाई सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, लेड यानी सीसा पाए जाने के बाद एक प्रसिद्ध घी ब्रांड की पूरी खेप की बिक्री पर रोक लगाई गई। लेड एक हानिकारक भारी धातु है। इसकी अधिक मात्रा शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है।



खाद्य पदार्थों में इसकी मौजूदगी को गंभीरता से लिया जाता है। विशेष रूप से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए लेड का संपर्क ज्यादा चिंताजनक हो सकता है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में संबंधित ब्रांड का नाम और लेड की मात्रा नहीं दी गई है। इसलिए किसी खास कंपनी या उसके सभी उत्पादों को असुरक्षित बताना सही नहीं होगा।



नरमदापुरम में छह घी ब्रांड पर कार्रवाई

नरमदापुरम जिले में अधिकारियों ने घी के छह ब्रांड से जुड़ी खेपों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने इन घी उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने के आदेश दिए। घी दिवाली और दूसरे त्योहारों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली खाद्य चीजों में शामिल है।



इसका उपयोग मिठाई, पकवान और पूजा से जुड़ी तैयारियों में भी किया जाता है। इसी वजह से त्योहार के समय घी की गुणवत्ता जांचना जरूरी हो जाता है। ग्राहकों को घी खरीदते समय पैकिंग, निर्माता की जानकारी और एक्सपायरी डेट जरूर देखनी चाहिए।



सतना में दो यूनिट सील, 29 लाख का घी मिला

सतना जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने घी बनाने वाली दो इकाइयों को सील किया। वहीं, भिंड में अधिकारियों ने करीब 29 लाख रुपए कीमत का घी जब्त किया। ये कार्रवाई भी त्योहार से पहले चलाए गए खाद्य सुरक्षा अभियान का हिस्सा थीं।



अधिकारियों ने अलग-अलग जिलों में दूध और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता पर नजर रखी। बड़े पैमाने पर की गई जांच का उद्देश्य खराब या नियमों के खिलाफ तैयार उत्पादों की बिक्री रोकना था।



दिवाली पर नकली मिठाई से कैसे बचें?

खरीदारी के समय इन बातों का ध्यान रखें



1. मिठाई और डेयरी प्रोडक्ट साफ-सुथरी दुकान से खरीदें।



2. पैक्ड सामान पर FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर देखें।



3. खरीदारी के बाद बिल जरूर लें और संभालकर रखें।



4. निर्माण की तारीख, एक्सपायरी या बेस्ट बिफोर जानकारी जांचें।



5. खाद्य पदार्थों को रखने के तरीके और पैकिंग पर ध्यान दें।



त्योहारों के दौरान मिठाई खरीदते समय केवल सुंदर दिखने पर भरोसा नहीं करना चाहिए। कुछ मिठाइयां देखने में अच्छी हो सकती हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता अलग हो सकती है। इसीलिए भरोसेमंद और नियमों का पालन करने वाली दुकान से सामान लेना बेहतर है। अगर किसी मिठाई से अजीब गंध आ रही है, तो उसे खाने से बचें। दूध, मावा और पनीर जैसे जल्दी खराब होने वाले उत्पादों को सही तापमान पर रखना भी जरूरी है।



मिलावटी खाने से क्या है खतरा और कहां करें शिकायत?

दिवाली के समय मिठाई, मावा, पनीर और घी की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावटी और खराब खाद्य सामग्री बिकने का खतरा भी रहता है। मिलावटी खाना खाने से पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी परेशानियां हो सकती हैं। कुछ मामलों में हानिकारक केमिकल और भारी धातुएं सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।



अगर किसी ग्राहक को खाने की चीजों में मिलावट का शक है, तो वह जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी से शिकायत कर सकता है। इसके अलावा FSSAI के Food Safety Connect प्लेटफॉर्म पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत करते समय दुकान का नाम, पता, खरीदारी का बिल और प्रोडक्ट की जानकारी देना जरूरी है।



दिवाली से पहले मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में 35 हजार किलो से ज्यादा खाद्य सामग्री और कच्चा माल जब्त किया गया। हजारों सैंपल की जांच हुई और कई लाइसेंस निलंबित किए गए। ऐसे में ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकिंग और एक्सपायरी डेट जरूर देखनी चाहिए। साथ ही हमेशा भरोसेमंद दुकानों से सामान खरीदें और पक्का बिल लें।



FAQs:



  1. दिवाली के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने मावा और पनीर पर कौन सी कार्रवाई की है?
    दिवाली के दौरान मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया, जिसमें ग्वालियर से 6.80 क्विंटल मावा और भोपाल से 700 किलो पनीर जब्त किया गया।
  2. मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से क्या खतरे हो सकते हैं?
    मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएँ हो सकती हैं, और कुछ मामलों में हानिकारक केमिकल और भारी धातुएँ स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती हैं।
  3. अगर किसी ग्राहक को खाने की चीजों में मिलावट का शक हो, तो उन्हें क्या करना चाहिए?
    यदि किसी ग्राहक को खाने की चीजों में मिलावट का शक है, तो वह जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी से शिकायत कर सकता है या FSSAI के Food Safety Connect प्लेटफॉर्म पर भी शिकायत दर्ज करवा सकता है।
Tags:
  • MP Food Adulteration
  • Food Safety Inspection
  • Diwali Food Safety
  • FSSAI
  • Gwalior Mawa Seizure
  • Shivpuri Food Safety
  • मिलावटी घी
  • Food Adulteration News
  • दिवाली मिठाई जांच
  • Food Safety Tips