GIS 2027 से पहले निवेश मिशन पर सीएम मोहन यादव, मुंबई में उद्योगपतियों से करेंगे वन-टू-वन चर्चा

Sumit Kumar | Oct 08, 2026, 24:03 IST
GIS 2027 से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव मुंबई में उद्योगपतियों से मुलाकात कर मध्य प्रदेश के औद्योगिक प्रोजेक्ट और निवेश के अवसरों का प्रजेंटेशन देंगे।
मध्य प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 अक्टूबर को मुंबई में उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे। जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले सरकार फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, मेडिकल डिवाइस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टरों में निवेश आकर्षित करने पर फोकस कर रही है। मुंबई में कई उद्योग समूहों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी होंगी।
Ahead of GIS 2027, Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav will meet industry leaders in Mumbai to showcase major industrial projects and investment opportunities in the state.

मुंबई दौरा क्यों अहम?

मुंबई में देश के कई बड़े औद्योगिक और कॉरपोरेट समूहों के मुख्यालय हैं। ऐसे में सरकार सीधे निर्णय लेने वाले उद्योगपतियों और निवेशकों तक मध्य प्रदेश के प्रोजेक्ट पहुंचाना चाहती है।



इस दौरे का फोकस सिर्फ निवेश का आमंत्रण देना नहीं होगा। सरकार अलग-अलग सेक्टर के हिसाब से तैयार औद्योगिक जमीन, पार्क, मैन्युफैक्चरिंग जोन और निवेशकों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी भी देगी। यानी GIS 2027 से पहले सरकार निवेशकों के सामने तैयार प्रोजेक्ट्स की पूरी तस्वीर रखना चाहती है।



इन सेक्टरों पर रहेगा ज्यादा फोकस

मुंबई बैठक में फार्मा और हेल्थकेयर के साथ मेडिकल डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो कंपोनेंट्स और टेक्सटाइल सेक्टर पर खास ध्यान रहेगा। इसके अलावा केमिकल और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े उद्योग समूहों से भी चर्चा होगी। इसका फायदा यह होगा कि सरकार एक ही तरह के उद्योग पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग सेक्टरों से निवेश आकर्षित कर सकेगी।



बड़े औद्योगिक पार्कों का होगा प्रजेंटेशन

उद्योगपतियों के सामने मध्य प्रदेश में विकसित हो रहे प्रमुख औद्योगिक प्रोजेक्ट्स का प्रजेंटेशन दिया जाएगा। इनमें ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्रमुख होगा। इसे एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन बताया जा रहा है।



इसके अलावा नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा में रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन, धार का पीएम मित्र पार्क और उज्जैन का मेडिकल डिवाइसेस पार्क भी निवेशकों के सामने रखा जाएगा।



ग्वालियर टेलीकॉम जोन में 5500 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव

ग्वालियर में विकसित हो रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन पर भी खास फोकस रहेगा। इस परियोजना का भूमिपूजन 12 अक्टूबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथों प्रस्तावित है। सरकार के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए अब तक 5500 करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।



अगर ये प्रस्ताव जमीन पर उतरते हैं तो ग्वालियर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग का नया क्लस्टर विकसित हो सकता है।



निवेशकों को 1 रुपए प्रति वर्गफीट जमीन का ऑफर

सरकार निवेशकों के सामने औद्योगिक पार्क और मैन्युफैक्चरिंग जोन में मिलने वाली रियायतें भी रखेगी। इनमें एक रुपए प्रति वर्गफीट की दर से जमीन देने जैसी सुविधा शामिल है। इसके साथ विभिन्न तरह की सब्सिडी और उद्योग लगाने के लिए दूसरी नीतिगत सुविधाओं की जानकारी भी दी जाएगी।



यही रियायतें निवेशकों को दूसरे राज्यों की तुलना में मध्य प्रदेश पर विचार करने के लिए आकर्षित कर सकती हैं।



फार्मा सेक्टर पर अलग राउंडटेबल

मुंबई कार्यक्रम में फार्मास्युटिकल सेक्टर के लिए अलग राउंडटेबल मीटिंग भी होगी। इसमें मध्य प्रदेश के फार्मा और हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। उज्जैन के मेडिकल डिवाइसेस पार्क का भी प्रजेंटेशन होगा।



सरकार निवेशकों से सुझाव भी लेगी ताकि उद्योग लगाने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को समझकर नीतियों और सुविधाओं में जरूरत के मुताबिक बदलाव किया जा सके।



निवेशकों से सुझाव लेना भी रणनीति का हिस्सा

सरकार सिर्फ अपने प्रोजेक्ट्स बताने तक सीमित नहीं रहना चाहती। वन-टू-वन मीटिंग और राउंडटेबल चर्चा के जरिए निवेशकों से यह भी पूछा जाएगा कि किसी उद्योग को मध्य प्रदेश में लाने के लिए उन्हें किन सुविधाओं की जरूरत है।



इससे सरकार को सेक्टर के हिसाब से निवेश नीति और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।



GIS 2027 से पहले निवेश जुटाने की कोशिश

जनवरी 2027 में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट प्रस्तावित है। इससे पहले राज्य सरकार देश और विदेश के बड़े उद्योग समूहों से संपर्क बढ़ा रही है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद अब सरकार बड़े औद्योगिक शहरों में जाकर निवेशकों से सीधे संवाद कर रही है।



मुंबई दौरा भी इसी तैयारी का हिस्सा है। इसका मकसद GIS 2027 से पहले निवेशकों की रुचि बढ़ाना और अधिक से अधिक परियोजनाओं को मध्य प्रदेश तक लाना है।



इस दौरे से MP को क्या मिल सकता है?

अगर मुंबई की बैठकों से निवेश प्रस्ताव आगे बढ़ते हैं तो इसका फायदा सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। ग्वालियर में टेलीकॉम, नर्मदापुरम में रिन्यूएबल एनर्जी, धार में टेक्सटाइल और उज्जैन में मेडिकल डिवाइस सेक्टर विकसित होने से अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।



यानी सरकार की रणनीति एक ही औद्योगिक केंद्र बनाने के बजाय अलग-अलग जिलों में सेक्टर आधारित निवेश तैयार करने की दिख रही है।

Tags:
  • एमपी जीआईएस 2027
  • मोहन यादव
  • मध्य प्रदेश निवेश
  • मुंबई
  • ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
  • पीएम मित्र पार्क
  • Global Investors Summit 2027
  • Mohan Yadav
  • GIS 2027
  • MP GIS 2027