MP में कमर्शियल LPG पर रोक: घर के चूल्हे जलेंगे, पर होटलों के लिए बढ़ी मुश्किल!
News in Short
- घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता: सरकार अब केवल घर के चूल्हों के लिए गैस सप्लाई सुनिश्चित करेगी।
- कमर्शियल सप्लाई पर रोक: होटल, मॉल और फैक्ट्रियों को अब कमर्शियल LPG सिलेंडर नहीं मिलेंगे।
- 25 दिन का नियम: अब पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग ली जाएगी।
- कालाबाजारी पर सख्त एक्शन: कलेक्टर्स को जमाखोरी रोकने और स्टॉक की नियमित जांच के निर्देश दिए।
- अस्पतालों को मिली छूट: मेडिकल संस्थानों और स्कूलों को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है।
News in Detail
मध्य प्रदेश सरकार ने 10 मार्च 2026 को राज्य के सभी कलेक्टरों को एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया। इस पत्र में राज्य में रसोई गैस (LPG) की उपलब्धता को लेकर ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य कालाबाजारी को रोकना और उपभोक्ताओं तक गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
भू-राजनीतिक स्थिति का असर
इस पत्र में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों का जिक्र किया गया है। मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के कारण आयात में रुकावट आ रही है, जिससे एलपीजी गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है। इसके मद्देनजर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि गैस की आपूर्ति सिर्फ घरेलू उपयोगकर्ताओं तक सीमित रखी जाए।
वाणिज्यिक गैस की सप्लाई पर रोक
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के अलावा किसी अन्य वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को गैस सप्लाई नहीं की जाएगी। यह फैसला व्यापारिक गैस सिलेंडर की कमी और कालाबाजारी से बचने के लिए लिया गया है।
कलेक्टरों को निर्देश
सभी कलेक्टरों को यह आदेश दिया गया है कि वे जिला स्तर पर खाद्य विभाग और तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें करें। इन बैठकों में वाणिज्यिक और घरेलू गैस सिलेंडरों के स्टॉक की उपलब्धता की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही, बड़े वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को सलाह दी जाएगी कि वे गैस की उपलब्धता की स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक ईंधन स्रोतों का इस्तेमाल करें।
कालाबाजारी पर कड़ी नजर
सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि वितरक स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की कोई जमाखोरी और कालाबाजारी की स्थिति न बने। कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन गतिविधियों पर सतत निगरानी रखें और स्थिति की समीक्षा करें।
अन्य कदम
इसके अलावा, यह भी निर्देशित किया गया है कि तेल मार्केटिंग कंपनियां और उनके फील्ड अधिकारी जिला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहें और स्थितियों पर नजर रखें। यह कदम इस संकट के समय में लोगों को राहत देने और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु रखने के लिए उठाया गया है।
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