MP DA Hike: मध्यप्रदेश के 12 लाख कर्मचारियों को दिवाली पर मिल सकता है तोहफा, 5% DA बढ़ने की उम्मीद
इस समय प्रदेश के कर्मचारी बड़ी बेसब्री से इस ऐलान का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में त्योहार से पहले यह बढ़ोतरी मिलना उनके लिए बहुत जरूरी है।
केंद्र और मध्यप्रदेश के भत्ते में 5 प्रतिशत का फासला
बता दें कि केंद्र सरकार ने बुधवार, 28 अक्टूबर को केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 3% बढ़ा दिया है। इस फैसले के बाद केंद्र का कुल डीए बढ़कर 63% हो गया है। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से लागू की गई है।
दूसरी तरफ मध्यप्रदेश में कर्मचारियों और पेंशनर्स को सातवें वेतनमान (7th Pay Commission) के आधार पर अभी 58% डीए और डीआर ही मिल रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि राज्य के कर्मचारी केंद्र के मुकाबले पूरे 5 प्रतिशत अंक पीछे छूट गए हैं। इसी अंतर को पाटने के लिए कर्मचारी संगठन लगातार मांग उठा रहे हैं।
5% बढ़ोतरी से किसे कितना फायदा मिलेगा?
राज्य सरकार दोनों अवधियों की बढ़ोतरी को एक साथ मंजूरी दे देती है, तो हर पद के कर्मचारियों की तनख्वाह में अच्छा-खासा इजाफा देखने को मिलेगा।
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी: हर महीने 775 से लेकर दो हजार रुपए से ज्यादा का लाभ होगा।
- तृतीय श्रेणी कर्मचारी: हर महीने 975 से लेकर तीन हजार रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी मिलेगी।
- द्वितीय श्रेणी अधिकारी: हर महीने तीन हजार 365 से लेकर चार हजार से ज्यादा का फायदा मिलेगा।
- प्रथम श्रेणी अधिकारी: हर महीने छह हजार 155 से लेकर सात हजार 500 या उससे अधिक का इजाफा देखने को मिलेगा।
सरकारी खजाने पर आएगा 1,202 करोड़ रुपए का खर्च
कर्मचारी संगठनों ने इस पूरी बढ़ोतरी का वित्तीय हिसाब-किताब भी लगाया है। इस आकलन के अनुसार...
- जनवरी से जुलाई 2026 तक के 2% लंबित डीए और डीआर पर सरकार का लगभग 450 करोड़ रुपए खर्च होगा।
- जुलाई से अक्टूबर 2026 तक 5% की दर से भुगतान करने पर करीब 752 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा।
- इस प्रकार जनवरी से अक्टूबर तक के कुल भुगतान को मिलाकर सरकार पर कुल 1,202 करोड़ रुपए का आर्थिक बोझ पड़ेगा।
कर्मचारी संगठनों की 6 बड़ी मांगें
- दूसरी ओर कर्मचारी और पेंशनर्स संगठन सरकार के सामने अपनी बात मजबूती से रख रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं...
- जनवरी 2026 से रुका हुआ 2% महंगाई भत्ता और महंगाई राहत तुरंत दिया जाए।
- जुलाई 2026 से 3% अतिरिक्त डीए और डीआर देने की घोषणा की जाए।
- केंद्र और मध्यप्रदेश (MP DA Hike) के बीच बने 5 प्रतिशत अंक के अंतर को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
- पहले घोषित 3% डीए का जो एरियर रुका हुआ है, उसका भुगतान सभी जिलों में जल्द कराया जाए।
- दिवाली से पहले बढ़े हुए डीए और डीआर के औपचारिक आदेश जारी किए जाएं।
- फंदा विकासखंड समेत जिन भी इलाकों में पुराना एरियर अटका है, वहां तुरंत पैसा जारी किया जाए।
4 नवंबर को फिर आंदोलन की तैयारी में कर्मचारी
महंगाई भत्ते और राहत की मांग को लेकर मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने 22 अक्टूबर को गवर्नमेंट प्रेस के पास जोरदार प्रदर्शन किया था।
अब लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ और अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने साथ मिलकर प्रदर्शन करने का फैसला किया है। दोनों संगठन 4 नवंबर को सतपुड़ा भवन के सामने ध्यानाकर्षण प्रदर्शन करेंगे।
लिपिक वर्गीय कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एमपी द्विवेदी और शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कर्मचारियों की नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि पहले घोषित 3% डीए का एरियर भी कई जिलों में अब तक नहीं मिला है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
पेंशनर्स एसोसिएशन ने भी मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने मुख्यमंत्री मोहन यादव, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी के नाम पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में मांग की है कि 1 जनवरी 2026 से लंबित 2% और 1 जुलाई 2026 से 3% महंगाई राहत (कुल 5%) के आदेश तुरंत जारी किए जाएं।
एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी का कहना है कि यह राहत बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए बेहद जरूरी आर्थिक सहारा है। वहीं भोपाल जिला अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने उम्मीद जताई है कि सरकार बुजुर्ग पेंशनरों के हित में बहुत जल्द सकारात्मक फैसला लेगी।