2800 करोड़ का नया कर्ज लेगी MP सरकार , कुल देनदारी 5 लाख करोड़ पार
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश सरकार 2800 करोड़ रुपए का नया कर्ज लेगी।
- वित्त विभाग ने दो तरह के बॉन्ड जारी करने की अधिसूचना दी है।
- एक बॉन्ड 8 साल और दूसरा 22 साल की अवधि का है।
- इस कर्ज के बाद चालू वित्त वर्ष में कुल उधारी 13,800 करोड़ हो जाएगी।
- प्रदेश पर कुल कर्ज बढ़कर 5.02 लाख करोड़ रुपए पहुंच जाएगा।
MP फिर बाजार से उठाएगा कर्ज
मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर बाजार से पैसा उठाने की तैयारी में है। वित्त विभाग ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर बताया कि सरकार एसजीएस (State Government Securities) यानी राज्य विकास ऋण के जरिए 2800 करोड़ रुपए जुटाएगी। यह रकम दो चरणों में इकट्ठा की जाएगी।
पहले चरण में 1600 करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे। दूसरे चरण में 1200 करोड़ रुपए की व्यवस्था होगी। दोनों बॉन्ड की नीलामी आरबीआई (Reserve Bank of India) अपने ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के जरिए कराएगा।
दो बॉन्ड, अलग ब्याज और अवधि
पहला बॉन्ड मध्यप्रदेश एसजीएस-2034 का री-इश्यू है। इस पर 7.64 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलेगा। इसकी अवधि 8 साल की है। ब्याज का भुगतान हर साल 29 अप्रैल और 29 अक्टूबर को किया जाएगा।
दूसरा बॉन्ड मध्यप्रदेश एसजीएस-2048 है। इस पर 7.83 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलेगा। यह लंबी अवधि का कर्ज है जो 22 साल में चुकाया जाएगा।
5 लाख करोड़ पार होगा कुल कर्ज
यह कर्ज लेते ही प्रदेश पर कुल बकाया कर्ज एक बड़े आंकड़े को पार कर जाएगा। 31 मार्च 2026 तक मध्य प्रदेश पर 4.88 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज था। नए 2800 करोड़ रुपए जुड़ने के बाद यह आंकड़ा करीब 5.02 लाख करोड़ रुपए (एमपी मोहन सरकार पर कर्ज) हो जाएगा। इसके अलावा चालू वित्त वर्ष में अब तक लिया गया कुल कर्ज (MP government loan) भी 13 हजार 800 करोड़ रुपए पहुंच जाएगा।
विकास कार्यों पर खर्च होगा पैसा
इस पैसे (एमपी सरकार कर्ज लेगी) का इस्तेमाल विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं पर होगा। इसके लिए केंद्र सरकार की अनुमति भी मिल चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह राशि सड़क निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं, बिजली, जल संसाधन और संचार जैसी सार्वजनिक परियोजनाओं पर खर्च हो सकती है। सरकार पहले भी कह चुकी है कि पुराने कर्ज का उपयोग सिंचाई, ऊर्जा और सहकारी संस्थाओं जैसे पूंजीगत कार्यों में किया गया है।
FAQ
- सवाल 1: मध्यप्रदेश सरकार कितना नया कर्ज लेने जा रही है और कैसे?
मध्यप्रदेश सरकार 2800 करोड़ रुपए का नया कर्ज लेने जा रही है। यह राशि एसजीएस यानी स्टेट गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के जरिए जुटाई जाएगी। इसमें 1600 करोड़ रुपए 8 साल की अवधि के बॉन्ड से और 1200 करोड़ रुपए 22 साल की अवधि के बॉन्ड से आएंगे। दोनों बॉन्ड की नीलामी आरबीआई के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म पर होगी। - सवाल 2: मध्यप्रदेश पर अब तक कुल कितना कर्ज है?
31 मार्च 2026 तक मध्यप्रदेश पर 4.88 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज था। नए 2800 करोड़ रुपए के कर्ज के बाद यह आंकड़ा बढ़कर करीब 5.02 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा। चालू वित्त वर्ष में अब तक लिया गया कुल कर्ज 13,800 करोड़ रुपए पहुंच जाएगा।
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