सीट से गायब हुए सरकारी कर्मचारी तो लगेगी ‘शॉर्ट लीव’, एमपी के ऑफिसों में ‘अटेंडेंस’ की नई व्यवस्था
पांच पाइंट में समझें पूरी खबर
- एमपी में सरकारी कर्मचारियों के लिए अब बायोमैट्रिक अटेंडेंस लगाना अनिवार्य होगा।
- सुबह 10 से शाम 5 बजे तक ऑफिस में रहना जरूरी होगा।
- सीट से गायब रहने पर सॉफ्टवेयर खुद 'शॉर्ट लीव' लगा देगा।
- सरकार 'दो से अधिक बच्चे' वाला पुराना कड़ा नियम हटाएगी।
- कर्मचारी अब साल में एक सैलरी के बराबर गिफ्ट ले सकेंगे।
मध्यप्रदेश सरकार अपने 5.50 लाख कर्मचारियों के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रही है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) से सहमति मिलने के बाद एमपीएसईडीसी को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का जिम्मा सौंपा गया है।
इस सिस्टम के जरिए हर कर्मचारी के अपनी कुर्सी पर होने या गैरमौजूद रहने का रियल टाइम रिकॉर्ड रखा जाएगा। इससे अब कर्मचारियों की उपस्थिति पर अधिक पारदर्शिता आएगी। वे अपनी डेस्क से लंबे समय तक गायब नहीं हो सकेंगे।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम
एमपीएसईडीसी जो सॉफ्टवेयर तैयार कर रहा है, उसमें कर्मचारी के मशीन पर पंच करते ही उसका लॉग-इन सीधे केंद्रीय सर्वर पर दर्ज होगा। इसमें ऑटोमेशन फीचर भी जोड़ा जा रहा है, जिससे विभागाध्यक्ष, कलेक्टर और मंत्रालय स्तर पर तुरंत मॉनिटरिंग हो सकेगी।
शुरुआत में यह सॉफ्टवेयर मंत्रालय, सतपुड़ा, विंध्याचल और राजधानी भोपाल के विभागाध्यक्ष कार्यालयों में लागू होगा। बाद में इसका कमिश्नर कार्यालय, कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी दफ्तरों में भी विस्तार किया जाएगा।
अब लगेगी शॉर्ट लीव और हॉफ डे
नई प्रणाली में यदि कोई कर्मचारी अपनी सीट से गायब रहता है, तो सॉफ्टवेयर अपने आप शॉर्ट लीव या हॉफ डे दर्ज कर देगा। सिस्टम सीधे यह बताएगा कि कौन सा कर्मचारी डेस्क पर है और कौन फील्ड में काम कर रहा है।
सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय रजिस्टर्ड होगा। यदि कोई समय से पहले या बाद में कार्यालय छोड़ता है, तो सिस्टम स्वतः उपयुक्त लीव रिकॉर्ड दर्ज करेगा।
दो पुराने नियम में बदलाव
मोहन सरकार ने कर्मचारियों से जुड़े दो पुराने नियमों में भी बदलाव करने का निर्णय लिया है।
दो बच्चे की नीति हटाई जाएगी: पहले लागू ‘दो ही बच्चे अच्छे’ की नीति अब हटाई जाएगी। इसके बाद उन कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार नहीं रहेगी, जिनके दो से अधिक बच्चे हैं।
गिफ्ट नियम आसान होंगे: अधिकारी और कर्मचारी अब अपनी एक सैलरी तक का गिफ्ट आसानी से ले सकेंगे। अधिक मूल्य वाले गिफ्ट पर कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।
साथ ही, निवेश नियमों में भी स्पष्ट दिशा निर्देश होंगे। निवेश कमाई से अधिक नहीं होना चाहिए। ये बदलाव संशोधित सेवा नियमों में किए जा रहे हैं।
कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए संदेश
सरकार का लक्ष्य है कि सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी और समय पालन में अनुशासित रहें। नई प्रणाली से उपस्थिति और पारदर्शिता बढ़ेगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वयं सुनिश्चित करना होगा कि वे नियमों का पालन करें। साथ ही, गिफ्ट और निवेश के नियमों से अवैध कमाई या विशेष लाभ का कोई रास्ता न बचे।
FAQ
- बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम कब से लागू होगा?
शुरुआत मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों से होगी। बाद में इसे अन्य सरकारी दफ्तरों में लागू किया जाएगा। - शॉर्ट लीव और हॉफ डे कैसे रिकॉर्ड होगा?
यदि कर्मचारी अपनी सीट से गायब रहेगा, तो सिस्टम स्वतः शॉर्ट लीव या हॉफ डे दर्ज करेगा। - गिफ्ट लेने के नियम क्या होंगे?
अधिकारी और कर्मचारी एक साल में अपनी सैलरी तक का गिफ्ट ले सकेंगे। अधिक मूल्य वाले गिफ्ट पर कार्रवाई होगी।
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