एमपी में आदिवासी योजनाओं में गड़बड़ी, छात्रों की शिक्षा और गरीबों के हक से खिलवाड़

Aman Vaishnav | Jun 01, 2026, 15:00 IST
MP government review tribal welfare schemes
आदिवासियों के लिए चल रही सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद सरकार ने कड़ा फैसला लिया है। अब जिला, संभाग और विभाग के स्तर पर इन योजनाओं की बारीकी से जांच होगी। साथ ही दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • आदिवासियों के लिए चल रही सरकारी योजनाओं में कई शिकायतें मिली हैं।
  • सरकार ने अब इन योजनाओं की दो चरणों में बारीकी से जांच कराने का फैसला किया है।
  • जांच के दौरान जहां भी काम में लापरवाही मिलेगी वहां जिम्मेदार अफसरों पर सख्त एक्शन होगा।
  • आहार अनुदान योजना में फर्जी जियो-टैगिंग की गंभीर शिकायतें सामने आई हैं।
  • आकांक्षा योजना में पेमेंट में देरी से छात्रों की पढ़ाई और ट्रेनिंग पर बुरा असर पड़ा है।

आदिवासियों के विकास और कल्याण के लिए कई सरकारी योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है।



दरअसल इन योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सरकार के पास लगातार कई तरह की शिकायतें पहुंच रही थीं। इन शिकायतों को देखते हुए सरकार ने 16 योजनाओं की दो स्तरों पर गहराई से समीक्षा करने की तैयारी कर ली है।



सरकार ने साफ संकेत दे दिए हैं कि काम में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। जहां भी गड़बड़ी या वित्तीय अनियमितताएं पाई जाएंगी, वहां सीधे तौर पर जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई होगी।



दो स्तरों पर योजनाओं की जांच

सरकार ने इस पूरी समीक्षा प्रक्रिया को दो हिस्सों में बांटने का फैसला किया है।



  1. पहला स्तर (जिला और संभाग): सबसे पहले जिला और संभाग स्तर पर ग्राउंड जीरो पर जाकर देखा जाएगा कि योजनाओं की क्या प्रगति है। उन्हें कैसे लागू किया जा रहा है।
  2. दूसरा स्तर (विभागीय समीक्षा): इसके बाद राज्य स्तर पर विभागीय स्तर पर पूरे आंकड़ों और काम के तरीकों की बारीकी से दोबारा जांच की जाएगी।

जांच के दायरे में आने वाली योजनाएं

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार ने उन 16 प्रमुख योजनाओं की लिस्ट तैयार कर ली है जिनकी जांच होनी है।



क्र. सं.प्रमुख योजनाएं
1.सीएम राइज विद्यालय योजना
2.पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति
3.आहार अनुदान योजना
4.धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान
5.आकांक्षा योजना
6.जनजातीय छात्रावास एवं आश्रम प्रबंधन
7.प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना
8.जनजातीय स्वरोजगार एवं आर्थिक कल्याण योजना
9.सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन

इन योजनाओं में मिलीं शिकायतें?

आकांक्षा योजना में छात्रों का नुकसान

आकांक्षा योजना के तहत आदिवासी छात्रों को बेहतर कोचिंग दी जाती है। इसमें कोचिंग संस्थानों के चयन, उनके भुगतान और भौतिक सत्यापन में देरी की बात सामने आई है।



इसका नतीजा यह हुआ कि छात्रों का पूरा पढ़ाई का सत्र प्रभावित हो गया। साथ ही उन्हें सही समय पर और अच्छी क्वालिटी की ट्रेनिंग नहीं मिल पाई।



आहार अनुदान योजना में अपात्रों को फायदा

इस योजना में यह शिकायत मिली है कि जो लोग इस लाभ के हकदार नहीं हैं, उनके नाम भी लिस्ट में जोड़ दिए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ जो गरीब और सच्चे पात्र हितग्राही हैं, उनके बैंक खातों में समय पर सहायता राशि नहीं पहुंच पा रही है।



आवास योजना में फर्जी जियो-टैगिंग का खेल

सबसे हैरान करने वाला मामला डिंडोरी और मंडला जैसे आदिवासी बाहुल्य जिलों से आया है। यहां आवास योजनाओं के तहत बनाए जाने वाले घरों के नाम पर भारी फर्जीवाड़ा हुआ है।



पोर्टल पर सरकारी पैसे से बने मकानों की जगह दूसरे लोगों के पहले से बने पक्के मकानों की तस्वीरें खींचकर अपलोड कर दी गईं, ताकि कागजों पर काम को पूरा दिखाया जा सके।



FAQ

  1. सरकार आदिवासियों की कितनी योजनाओं की जांच करवा रही है?
    सरकार आदिवासियों के कल्याण से जुड़ी कुल 16 प्रमुख योजनाओं की जांच करवा रही है। इनमें सीएम राइज विद्यालय योजना, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, आहार अनुदान योजना और आकांक्षा योजना जैसी बड़ी योजनाएं शामिल हैं।

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