सवालों के घेरे में मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, सरकारी स्कूलों से 22 लाख बच्चे गायब!

Aman Vaishnav | Feb 27, 2026, 09:23 IST
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मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है। पिछले नौ सालों में करीब 22.03 लाख तक की कमी दर्ज की गई है। विपक्ष ने इस मामले में हजारों करोड़ के बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

NEWS IN SHORT

  • 2015 से 2024 के बीच सरकारी स्कूलों से 22.03 लाख बच्चे कम हुए हैं।
  • अटल बिहारी सुशासन संस्थान ने 10 महीने बाद भी रिपोर्ट नहीं दी है।
  • साल 2008 से 2015 के बीच 40.62 लाख बच्चों का नामांकन घटा था।
  • एक ही साल के सरकारी आंकड़ों में एक लाख बच्चों का अंतर मिला है।
  • विपक्ष ने घोटाले की आशंका जताते हुए श्वेत पत्र की मांग की है।

News In Detail

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों का नामांकन लगातार घटता जा रहा है। 2015-16 से 2024-25 तक कक्षा 1 से 12वीं तक के नामांकन में 22.03 लाख की कमी आ चुकी है। इस पर कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने विधानसभा में सवाल उठाया था। इसके जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि इस गिरावट की वजह जानने के लिए 8 मई 2025 को अटल बिहारी सुशासन संस्थान को पत्र भेजा गया था।



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आंकड़े छिपाकर करोड़ों का भ्रष्टाचार

हैरानी की बात यह है कि विभाग ने बार-बार संस्थान को याद दिलाया है। इसके बाद भी 10 महीने से ज्यादा का वक्त गुजरने के बाद भी संस्थान ने अब तक अपनी योजना नहीं दी है। विपक्ष का कहना है कि विभाग सिर्फ कागजों पर काम दिखाकर वाह-वाही लूट रहा है। असली आंकड़े छिपा कर हजारों करोड़ का भ्रष्टाचार किया जा रहा है।



शिक्षा के नाम पर हो रहा घोटाले

विपक्ष का कहना है कि बच्चों की संख्या में गिरावट का सिलसिला 2008-09 से ही शुरू हुआ था। सरकार केवल 2015-16 के बाद के आंकड़ों की ही जांच कर रही है।



आंकड़ों के मुताबिक 2008 से 2015 तक ही 40.62 लाख बच्चे कम हो गए थे। इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विधायक ने इस मुद्दे को शिक्षा के नाम पर हो रहे बड़े घोटाले से जोड़ा है। साथ ही सीबीआई से जांच कराने और सरकार से श्वेत पत्र* जारी करने की मांग की है।



एक साल में एक लाख बच्चों का फर्क

जानकारी में एक बड़ा खुलासा हुआ है जो आंकड़ों की गलती को लेकर है। अलग-अलग सूचियों में बच्चों की संख्या मैच नहीं कर रही है। जैसे कि 2015-16 के लिए एक सूची में 22.62 लाख बच्चों की संख्या दी गई है। वहीं दूसरी सूची में यह संख्या 23.57 लाख बताई गई है। यानी एक ही साल के आंकड़ों में एक लाख बच्चों का फर्क है।



Sootr Knowladge

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