अस्पतालों में हिंसा होने पर अब 6 घंटे में होगी FIR, डॉक्टरों की सुरक्षा पर सरकार ने कोर्ट से मांगा समय
JABALPUR. मध्य प्रदेश सरकार ने डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur High Court) से समय मांगा है। सरकार ने डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए उपाय पर ड्राफ्ट बनाने दो सप्ताह का समय देने की मांग रखी। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि मध्य प्रदेश में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?..
हिंसा होने पर 6 घंटे में होगी एफआईआर
जूडॉ के 10 मुद्दों का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि अस्पतालों में हिंसा पर 6 घंटे में एफआईआर दर्ज की जाएगी। सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और एम्स (AIIMS) में हिंसा होने पर पुलिस 6 घंटे में केस करेगी। इसको लेकर निर्देश गए दिए हैं। मामले में देरी करने पर अधिकारी जिम्मेदार होंगे। मामले में कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा (Chief Justice Sanjeev Sachdeva) और जस्टिस विनय सराफ (Justice Vinay Saraf) की युगलपीठ ने सुनवाई की। हाईकोर्ट में मध्य प्रदेश डॉक्टर एसोसिएशन की तरफ से सुरक्षा, अस्पताल परिसर में सीसीटीवी समेत 10 मांगों की सूची पेश की गई।
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जूनियर डॉक्टरों ने की थी हड़ताल
बता दें कि कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर को लेकर लोगों में खासा आक्रोश है। घटना के विरोध में देशभर में विरोध-प्रदर्शन हुए। मध्य प्रदेश में भी आक्रोशित जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल की थी। हड़ताल को लेकर लगी याचिका पर सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया था, इस पर कोर्ट ने हड़ताल खत्म करने के निर्देश दिए थे।
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