नया जेट खरीद रही मोहन सरकार, सीएम यादव सहित कई वीआईपी करेंगे सफर

Aman Vaishnav | Jul 05, 2026, 10:58 IST
सीएम मोहन यादव का नया जेट
मध्य प्रदेश सरकार अगस्त 2026 में अपने बेड़े में नया बिजनेस जेट बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 शामिल करेगी। मई 2021 में पुराना विमान हादसे का शिकार हो गया था। इसके बाद से राज्य के पास अपना कोई विमान नहीं था।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश सरकार अगस्त 2026 में अपने बेड़े में नया बिजनेस जेट शामिल करेगी।
  • यह कनाडा निर्मित बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान है।
  • इसकी लागत 235 करोड़ रुपए है।
  • पिछले पांच साल में सरकार ने चार्टर विमानों पर 290 करोड़ रुपए खर्च किए।
  • मई 2021 में सरकार का पुराना विमान हादसे में क्षतिग्रस्त हो गया था।

मध्य प्रदेश सरकार लंबे समय से बिना अपने फिक्स्ड-विंग विमान के काम चला रही है। फिलहाल राज्य के पास सिर्फ एक हेलिकॉप्टर है। मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य वीआईपी यात्राओं के लिए हर बार विमान किराए पर लेना पड़ता है। यही वजह है कि अब सरकार अपना विमान खरीदने जा रही है।



नया विमान क्यों जरूरी

बता दें कि मई 2021 में रेमडेसिविर दवाइयों की आपूर्ति के दौरान एक हादसा हुआ था। राज्य सरकार का बीचक्राफ्ट किंग एयर बी-200जीटी विमान ग्वालियर एयरबेस पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।



यह विमान तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने 62 करोड़ रुपए में खरीदा था। तभी से राज्य के पास कोई कार्यशील फिक्स्ड-विंग विमान नहीं है।



इसका सीधा असर खर्च पर पड़ा। विधानसभा में सरकार ने खुद बताया कि जनवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच चार्टर विमान पर 290 करोड़ रुपए खर्च हुए।



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल में औसतन हर दिन 21 लाख रुपए किराए के विमानों पर खर्च हो रहे हैं। राज्य पर चार लाख 64 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। सालाना ब्याज भुगतान ही 27 हजार करोड़ रुपए है।



कैसे चुना गया यह जेट

जानकारी के अनुसार नया विमान खरीदने की प्रक्रिया करीब दो साल पहले शुरू हुई थी। शुरुआत में टेक्सट्रोन कंपनी ने 145 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया था। बाद में कीमत बढ़ाकर 208 करोड़ रुपए करने पर यह प्रक्रिया रद्द कर दी गई।



10 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट (मोहन कैबिनेट) ने बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 खरीदने को मंजूरी दी थी।



सितंबर 2024 में तकनीकी और वित्तीय प्रक्रियाएं आगे बढ़ीं। अब डीजीसीए (DGCA – Directorate General of Civil Aviation) की आवश्यक औपचारिकताएं भी पूरी हो चुकी हैं। दो पायलट जुलाई के आखिरी हफ्ते में अमेरिका में प्रशिक्षण लेने जाएंगे। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अगस्त 2026 में विमान राज्य के बेड़े में शामिल होगा।



बता दें कि देश में इस समय चैलेंजर 3500 के छह ऑपरेटर पहले से मौजूद हैं। इनमें गुजरात सरकार, जेएसडब्ल्यू समूह, इंडिया फ्लाई सेफ, सफायर ग्रुप, महिंद्रा समूह और ए टू जेड पुणे शामिल हैं।



एमपी सरकार का यह विमान गुजरात सरकार के चैलेंजर 650 से भी अधिक आधुनिक माना जा रहा है।



चैलेंजर 3500 की खासियतें

यह सुपर-मिड साइज बिजनेस जेट है। इसकी नॉन-स्टॉप रेंज छह हजार 297 किलोमीटर है। इससे भोपाल से जापान के टोक्यो तक सीधी उड़ान संभव होगी। दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी तक भी बिना रीफ्यूलिंग उड़ान भरी जा सकेगी।



विमान में बॉम्बार्डियर की पेटेंटेड नुआज सीटें लगी हैं। इन्हें बिजनेस जेट श्रेणी की सबसे आरामदायक सीटों में गिना जाता है। यात्री आवाज से लाइट, तापमान और एंटरटेनमेंट सिस्टम नियंत्रित कर सकेंगे।



साथ ही साउंड इंसुलेशन के कारण केबिन में बाहरी शोर बेहद कम महसूस होगा। हर यात्री के लिए 4K डिस्प्ले, वायरलेस चार्जिंग और हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध होगा।



केबिन की ऊंचाई 6 फीट से अधिक है। इसमें छोटा किचन और निजी शौचालय भी है। कॉन्फिगरेशन के अनुसार 8 से 10 यात्री बैठ सकते हैं, अधिकतम सीमा 9-11 तक है। विमान में दो इंजन, 8 यात्री सीटें और 2 केबिन क्रू सीटें हैं।



इसकी अधिकतम गति 870 किमी/घंटा यानी Mach 0.83 है। यह 45 हजार फीट तक उड़ान भर सकता है, जिससे टर्बुलेंस का असर कम होता है।



कहां उतर सकेगा जेट

इस जेट को उतरने के लिए कम से कम पांच हजार 500 फीट लंबे रनवे की जरूरत होगी। इसलिए यह प्रदेश की सभी हवाई पट्टियों पर संचालित नहीं हो सकेगा।



भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और खजुराहो के प्रमुख एयरपोर्ट पर यह उतर सकेगा। इसके अलावा दतिया, सिवनी, मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, रीवा, सतना और मंडला की हवाई पट्टियों पर भी संचालन संभव होगा।



वहीं उज्जैन, गुना, खरगोन, नागदा, रतलाम, खंडवा, सागर, सीधी, मैहर और टेकनपुर की हवाई पट्टियों पर रनवे की लंबाई पर्याप्त न होने के कारण यह विमान नहीं उतर सकेगा।



पुराने विमान से तुलना

पुराना विमान बी-200जीटी टर्बोप्रॉप श्रेणी का था। इसकी अधिकतम गति 570 किमी/घंटा और रेंज तीन हजार 300 से तीन हजार 500 किलोमीटर थी। इसमें 7 से 9 यात्री बैठ सकते थे और यह 35 हजार फीट तक उड़ान भर सकता था।



नया चैलेंजर 3500 लगभग 50 प्रतिशत तेज है। इसकी रेंज भी लगभग दोगुनी है। इसका केबिन बड़ा, शांत और वॉयस-कंट्रोल वाला है। यह देश के अधिकांश शहरों और कई विदेशी गंतव्यों तक नॉन-स्टॉप उड़ान भर सकता है।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश सरकार नया बिजनेस जेट कब खरीदेगी?
    सरकार अगस्त 2026 में बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान अपने बेड़े में शामिल करेगी। दो पायलट जुलाई के अंत में अमेरिका में प्रशिक्षण लेंगे। डीजीसीए की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
  2. मध्य प्रदेश सरकार नया बिजनेस जेट इतना खास क्यों है?
    इसकी नॉन-स्टॉप रेंज 6,297 किलोमीटर है, जिससे भोपाल से टोक्यो तक सीधी उड़ान संभव होगी। इसमें वॉयस-कंट्रोल केबिन और प्रीमियम नुआज सीटें हैं। अधिकतम गति 870 किमी/घंटा है।
  3. मध्य प्रदेश सरकार को नया बिजनेस जेट खरीदने की जरूरत क्यों पड़ी?
    मई 2021 में सरकार का पुराना विमान हादसे में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद पांच साल में चार्टर विमान पर 290 करोड़ रुपए खर्च हुए। खर्च कम करने के लिए सरकार अपना विमान खरीद रही है।

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