MP में व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन, 20 विभागों के अफसर के संभालेंगे कमान, ऐसे करेगा काम
5 प्वाइंट में समझें पूरा मामला...
- मुख्यमंत्री मोहन यादव की अगुवाई में राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन कर दिया गया है।
- यह बोर्ड राज्य से अंतरराष्ट्रीय व्यापार बढ़ाने का काम करेगा।
- बोर्ड में औद्योगिक नीति, एमएसएमई मंत्रियों और सीएम द्वारा नामित 10 सदस्यों के साथ 20 विभागों के बड़े अफसर शामिल किए गए हैं।
- संस्थागत मजबूती के लिए इसमें आरबीआई, नाबार्ड जैसी कई बड़ी संस्थाओं के प्रमुखों को भी जोड़ा गया है।
- व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द जिला स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के व्यापारियों और कारोबार जगत के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन कर दिया है।
इस बोर्ड को बनाने का सबसे बड़ा मकसद राज्य के व्यापारियों का कल्याण सुनिश्चित करना और मध्य प्रदेश से होने वाले निर्यात में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज कराना है।
यह बोर्ड केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए जमीन पर काम करेगा।
बोर्ड में कौन-कौन शामिल है?
इस बोर्ड को बहुत ही मजबूत और प्रभावशाली बनाया गया है ताकि व्यापारियों की हर समस्या का समाधान एक ही जगह हो सके। इसके ढांचे में सरकार के मंत्रियों से लेकर बड़े अधिकारियों और देश के नामी बिजनेस संगठनों को शामिल किया गया है।
मुख्य और आधिकारिक सदस्य
- अध्यक्ष: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- मंत्री सदस्य: औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री और एमएसएमई मंत्री।
- नामित सदस्य: मुख्यमंत्री द्वारा तय किए गए अधिकतम 10 सदस्य।
- अधिकारिक सदस्य : काम को असरदार बनाने के लिए वित्त, वाणिज्यिक कर, कृषि और लोक निर्माण विभाग समेत 20 सरकारी विभागों के एसीएस और सचिवों को इसका सदस्य बनाया गया है।
- सदस्य सचिव: एमडी एमपीआईडीसी को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं व्यापार को तकनीकी और आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए देश की दिग्गज संस्थाओं के क्षेत्रीय प्रमुखों को इसका हिस्सा बनाया गया है:
| श्रेणी | संस्थाओं के नाम |
| संस्थागत विशेषज्ञ (Institutional Experts | आरबीआई, नाबार्ड, एनएचएआई, एक्जीम बैंक और एपीडा |
| पदेन सदस्य | सीआईआई, फिक्की, फियो, डिक्की और लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधि |
कैसे काम करेगा यह बोर्ड?
बोर्ड सिर्फ कागजों पर न रहे, बल्कि एक्टिव होकर काम करे, इसके लिए कुछ बहुत ही जरूरी नियम तय किए गए हैं।
- एक कैलेंडर वर्ष में हर तीन महीने में बोर्ड की एक बैठक होना अनिवार्य है। यानी साल भर में कम से कम चार बार बोर्ड के सदस्य आपस में बैठकर समीक्षा करेंगे।
- वहीं अगर भविष्य में जरूरत पड़ती है, तो अध्यक्ष की अनुमति से बोर्ड के ढांचे या संरचना में बदलाव भी किए जा सकेंगे।
जिला स्तरीय समितियों का गठन जल्द
व्यापारियों की स्थानीय समस्याओं को दूर करने के लिए बहुत जल्द जिला स्तरीय समितियों का गठन भी किया जाएगा। इन कमेटियों का फैसला सदस्य सचिव के प्रस्ताव और आपसी तालमेल से मंजूरी मिलने के बाद किया जाएगा।
FAQ
- मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष कौन है?
इस बोर्ड के अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव हैं। इसका मुख्य उद्देश्य औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के माध्यम से राज्य में एक ऐसा माहौल बनाना है जिससे व्यापारियों की भलाई हो और मध्य प्रदेश से होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार व निर्यात को बढ़ावा मिल सके।
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