एमपी में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ, नवंबर से पहले दो साल की DPC कराने की तैयारी
नवंबर से पहले दो साल की डीपीसी
इस बार की सबसे खास बात यह है कि डीपीसी (Departmental Promotion Committee) में दिसंबर 2027 तक खाली होने वाले संभावित पद भी जोड़े जा रहे हैं। यानी लगातार दो साल की डीपीसी दो महीने के भीतर होगी।
सूत्रों के मुताबिक विभागों में अब दोहरी तैयारी दिखेगी। जिन विभागों में 2026 की रिक्तियां बच गई थीं या प्रतीक्षा सूची से नहीं भरी जा सकीं, वे उन्हें पूरा करेंगे। साथ ही आगामी चयन वर्ष की संभावित रिक्तियों के लिए भी डीपीसी होगी। यह चयन वर्ष 31 दिसंबर 2027 तक का है।
जीएडी ने साफ कहा है कि डीपीसी की सभी बैठकें समय सीमा के भीतर होनी चाहिए। इसके लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
हर साल सितंबर से नवंबर में बैठक
मध्यप्रदेश जीएडी ने विभागों से कहा है कि हर चयन वर्ष की डीपीसी अनिवार्य रूप से सितंबर से नवंबर के बीच हो। यानी प्रमोशन के लिए डीपीसी एक साल पहले चलेगी। इसका मकसद है कि पद खाली होते ही प्रमोशन मिल जाए।
आदेश में विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को सीधे निर्देश दिए गए हैं। यदि दिसंबर 2026 तक की रिक्तियों के लिए बैठक नहीं हुई है, तो उसे तुरंत पूरा करें। साल 2027 के संभावित कोटे को भरने की कार्यवाही भी समय पर करें। इससे पदोन्नति का लाभ समय पर मिलेगा।
यह व्यवस्था मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के तहत हो रही है। सरकार ने जून 2025 में इन नियमों को मंजूरी दी थी। प्रदेश में करीब नौ साल बाद प्रमोशन का रास्ता खुला था। नियमों में अनुसूचित जनजाति के लिए 20 फीसदी और अनुसूचित जाति के लिए 16 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है।
68 हजार को मिल चुका प्रमोशन
जानकारी के मुताबिक जुलाई-अगस्त 2026 तक करीब 68 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रमोशन मिल चुका है। यह संख्या दिखाती है कि प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
अब अगली श्रेणी में बचे हुए लोगों का प्रमोशन होगा। इसके साथ ही एक और राहत की बात है। जिनकी सेवा अवधि 10 साल हो चुकी है और जिन्हें सिर्फ एक प्रमोशन मिला है, उन्हें नवंबर की डीपीसी में दूसरे प्रमोशन का फायदा मिल सकता है।
लेकिन यह बात काफी हद तक खाली होने वाले पदों पर टिकी रहेगी। यानी पद कम हुए तो हर किसी को फायदा नहीं भी मिल सकता है।
आंकड़े जुटाएगा जीएडी
उच्च स्तर से जीएडी को निर्देश है कि सभी विभागों से यह आंकड़ा जुटाए। किस कैडर या वर्ग में कितने प्रमोशन हुए हैं, यह जानकारी ली जाएगी।
इन आंकड़ों से साफ होगा कि प्रमोशन के बाद नई भर्ती के लिए कितने पद खाली होंगे। इसी आधार पर साल 2027 में भर्ती शुरू की जाएगी। यानी प्रमोशन का असर सीधे नई सरकारी भर्ती पर पड़ेगा। जब कोई कर्मचारी ऊंचे पद पर जाता है, तो उसका पुराना पद खाली होता है।
इसी कारण यह खबर युवाओं के लिए भी अहम है। भर्ती की योजना इसी रिपोर्ट से तय होगी। अभी तक भर्ती की तारीख या पदों की संख्या सामने नहीं आई है।
एडीपीओ प्रमोशन पर हाई कोर्ट
एक अलग मामला हाई कोर्ट में भी चल रहा है। अदालतों में आम लोगों के केस की पैरवी सहायक लोक अभियोजक करते हैं। इन्हें संक्षेप में एडीपीओ कहा जाता है। क्लर्कों यानी सहायक ग्रेड-3 को इस पद पर प्रमोशन देने के लिए आज यानी गुरुवार को लोक अभियोजन संचालनालय में डीपीसी होगी।
लेकिन प्रमोशन मिलेगा या नहीं, यह हाई कोर्ट के फैसले पर निर्भर है। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बुधवार, 07 अक्टूबर को इस पर सुनवाई पूरी की है। यह याचिका क्लर्क से एडीपीओ बनने के प्रमोशन पर सवाल उठाती है। अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है।
सील बंद लिफाफे में रहेगा नतीजा
कोर्ट ने विभाग से कहा है कि वह डीपीसी की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है। लेकिन डीपीसी के सभी नतीजे सील बंद लिफाफे में रखे जाएं। जब तक अदालत अपना आदेश न सुना दे, तब तक नतीजे खुलेंगे नहीं।
यह निर्देश जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की पीठ ने दिया है। यह केस छह साल से लंबित था। अंतिम बहस के बाद ही फैसला सुरक्षित किया गया है।
प्रदेश में सहायक लोक अभियोजन अधिकारी के एक हजार से ज्यादा पद हैं। इनमें 10 फीसदी पद पदोन्नति से और 90 फीसदी सीधी भर्ती से भरे जाते हैं।
कर्मचारियों के लिए आगे क्या?
अब असली सवाल अमल का है। सर्कुलर आ गया है। लेकिन हर विभाग को समय पर डीपीसी करनी होगी। जिन विभागों में देरी हुई, उन पर नजर रहेगी।
कर्मचारियों को अपने विभाग से डीपीसी की तारीख की जानकारी लेनी चाहिए। पात्रता और सेवा अवधि का रिकॉर्ड भी जांच लेना चाहिए। गलत जानकारी पर निर्भर रहना ठीक नहीं होगा।
अभी यह साफ नहीं है कि किस विभाग में कितने पदों पर प्रमोशन होगा। हर विभाग की सूची अलग बनेगी। इसलिए सभी की नजर नवंबर की डीपीसी पर रहेगी।
यह खबर क्यों जरूरी है:
यह खबर हजारों कर्मचारियों के करियर और आय से जुड़ी है। प्रमोशन में देरी से कई लोग बिना पदोन्नति रिटायर हो जाते हैं। यह खबर किसी विभाग की देरी का आरोप नहीं लगाती। यह सिर्फ सर्कुलर की तैयारी और अदालती प्रक्रिया बताती है। प्रमोशन किसे मिलेगा, यह नियमों और रिक्त पदों पर निर्भर है। कर्मचारी अपने विभाग की आधिकारिक सूचना से ही जानकारी लें।
FAQs
- डीपीसी का क्या महत्व है और इसे कब आयोजित किया जाएगा?
डीपीसी (डीपार्टमेंटल प्रोमोशन कमिटी) का महत्व इसलिए है क्योंकि यह पदोन्नति की प्रक्रिया को सुनिश्चित करता है। इस बार डीपीसी नवंबर में आयोजित की जाएगी और इसमें 2026 तक की रिक्तियों को ध्यान में रखा जाएगा। - मध्यप्रदेश में प्रमोशन की प्रक्रिया में क्या बदलाव हुए हैं?
मध्यप्रदेश में प्रमोशन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि प्रमोशन के लिए डीपीसी अब हर चयन वर्ष के लिए सितंबर से नवंबर के बीच अनिवार्य रूप से होगी, जिससे पदों की रिक्ति के तुरंत बाद प्रमोशन मिल सके। - कौन से कर्मचारी नवंबर की डीपीसी में प्रमोशन के लिए पात्र होंगे?
नवंबर की डीपीसी में उन कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ मिलेगा जिनकी सेवा अवधि 10 साल हो चुकी है और जिन्होंने केवल एक प्रमोशन प्राप्त किया है, लेकिन यह पदों की रिक्ति पर निर्भर करेगा।