लाड़ली बहनों को मिलेगा रोजगार, एमपी सरकार का नया मॉडल तैयार, हाउसिंग बोर्ड को मिली जिम्मेदारी
मध्यप्रदेश सरकार अब हाउसिंग बोर्ड का काम बढ़ाने जा रही है। पहले यह बोर्ड सिर्फ मकान और कॉलोनियां बनाने तक ही सीमित था लेकिन अब इसमें बदलाव किया जा रहा है। अब हाउसिंग बोर्ड शहरों में सड़कों, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य विकास परियोजनाओं में भी भागीदारी करेगा।
लाड़ली बहनाओं को रोजगार के मौके
इसके अलावा सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रही है। इस योजना के तहत महिलाओं को रोजगार के मौके मिलेंगे और उन्हें छोटे व्यवसायों से जोड़ा जाएगा। सरकार एक और योजना बना रही है। इसके तहत बैंक लोन को सरकारी अनुदान से जोड़ा जाएगा।
साथ ही सरकार लाड़ली बहना योजना और किसान सम्मान निधि की राशि का इस्तेमाल स्थायी रोजगार और स्वरोजगार मॉडल तैयार करने के लिए करने पर भी काम कर रही है।
कई अहम फैसलों की रूपरेखा तैयार
इसके अलावा सरकार ने किसानों, नगरीय विकास, रोजगार, मंदिर सुरक्षा और ग्रामीण विस्तार से जुड़े कई अहम फैसलों की रूपरेखा तैयार की है।
जिन किसानों को प्रेशराइज्ड पाइपलाइन से 100% निःशुल्क सिंचाई सुविधा मिलेगी, उनकी बिजली सब्सिडी की समीक्षा की जाएगी। वहीं कपास पर जो मंडी शुल्क अब 1 रुपए है, उसे कम करने की योजना बनाई जा रही है।
पार्कों की जमीन पर स्विमिंग पूल और खेल सुविधाएं
सरकार अग्निवीरों को राज्य पुलिस और फॉरेस्टर (सशस्त्र बल) भर्ती में आरक्षण देने की नीति बना रही है। वहीं शहरों के पार्कों की खुली जमीन पर पीपीपी मॉडल के तहत स्विमिंग पूल, खेल सुविधाएं, मछली और सर्प घर, पर्यावरण इंटरप्रिटेशन सेंटर और ओपन जिम बनाने का भी प्लान है। नगरीय विकास विभाग इसके लिए नई नीति तैयार कर रहा है।
मंदिरों के लिए होमगार्ड के पद
उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर की तरह अब प्रदेश के अन्य बड़े मंदिरों में भी होमगार्ड के पद बनाए जाएंगे। इन होमगार्ड्स की नियुक्ति संबंधित मंदिर समितियां करेंगी।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी
जनवरी 2027 में दूसरी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की तैयारी हो रही है। उद्योग विभाग को यह काम सौंपा गया है कि वह फोकस सेक्टर तय कर के विस्तृत प्रस्ताव तैयार करें। यह आयोजन भोपाल के बाहर किसी दूसरे शहर में भी हो सकता है।
इसके अलावा आईआईटी इंदौर की मदद से उज्जैन में डीप टेक पार्क बनाने की योजना है, और केंद्र से इसकी सैद्धांतिक सहमति भी मिल चुकी है।
वहीं भोपाल में प्रस्तावित आईटी नॉलेज सिटी के लिए वित्तीय प्रबंधन और निवेश का मॉडल तैयार किया जाएगा।
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