निवाड़ी नपा अध्यक्ष को हटाने में सरकार से चूक, अविश्वास और रिकॉल में फंसा पेंच

Aman Vaishnav | Jul 07, 2026, 14:45 IST
निवाड़ी नपा अध्यक्ष को हटाने में सरकार से चूक
एमपी के नगरीय प्रशासन विभाग की एक प्रक्रियात्मक चूक के चलते निवाड़ी नगरपालिका अध्यक्ष को हटाने का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। अब अविश्वास प्रस्ताव की जगह रिकॉल के जरिए जनता सीधे नए अध्यक्ष का चुनाव करेगी।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • निवाड़ी नगरपालिका अध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया में सरकार से बड़ी चूक हो गई।
  • रिकॉल की जगह अविश्वास प्रस्ताव का शब्द इस्तेमाल कर लिया गया था।
  • इसी गलती की वजह से मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।
  • सोमवार, 06 जुलाई को हुई सुनवाई में कोर्ट ने शासन से जवाब मांगा है।
  • अब नए सिरे से रिकॉल प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जा रहा है।

प्रशासनिक चूक ने बढ़ाई मुश्किल

बता दें कि नगरीय प्रशासन विभाग ने अध्यक्ष हटाने की प्रक्रिया में गलत शब्द का इस्तेमाल कर दिया है। इस छोटी सी चूक ने पूरा मामला अदालत तक पहुंचा दिया है। यही वजह है कि अब सरकार को कोर्ट में जवाब देना होगा।



निवाड़ी में क्या हुआ था

दरअसल निवाड़ी नगरपालिका में अध्यक्ष को हटाने के लिए कुल 15 में से 12 पार्षदों ने वोट किया था। यह संख्या तय सीमा से काफी ज्यादा थी। इसके बाद मामला जिला निर्वाचन अधिकारी यानी कलेक्टर के पास पहुंचा।



कलेक्टर ने सभी पार्षदों की हाजिरी ली। उनसे शपथ पत्र भी लिए गए। इसके बाद कलेक्टर ने अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए रिकॉल का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया।



लेकिन जब यह प्रस्ताव नगरीय विकास एवं आवास विभाग (UDHD – Urban Development and Housing Department) के पास पहुंचा, तो वहां इसे अविश्वास प्रस्ताव मानकर आगे बढ़ा दिया गया। यही गलती बाद में भारी पड़ गई।



दोनों व्यवस्थाओं में अंतर

बता दें कि पुरानी व्यवस्था में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए जीते हुए पार्षद खुद अध्यक्ष को हटाते थे। वे खुद ही नया अध्यक्ष भी चुन लेते थे।



यह व्यवस्था कमलनाथ सरकार के समय चलन में थी। कलेक्टर प्रमोद शुक्ला ने अपने पत्र में इसी पुरानी व्यवस्था का शब्द इस्तेमाल कर दिया।



वर्तमान सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। अब मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत रिकॉल की व्यवस्था लागू है। इसके तहत अध्यक्ष को हटाने या चुनने का अधिकार पार्षदों के पास नहीं रहता। यह अधिकार सीधे जनता के पास जाता है।



अब आगे क्या होगा

गलती सामने आने के बाद नए सिरे से रिकॉल प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जा रहा है। आयोग इसके आधार पर निवाड़ी में अध्यक्ष पद का चुनाव कराएगा। यह चुनाव सीधे जनता के मतदान से होगा।



निवाड़ी और ससनेर में चुनाव की तैयारी

बता दें कि निवाड़ी के साथ ही आगर-मालवा के ससनेर नगर पालिका में भी अध्यक्ष का चुनाव होना है। ससनेर में मौजूदा अध्यक्ष के इस्तीफे से सीट खाली हुई है। दोनों जगह चुनाव की तारीखों का एलान 30 जुलाई के बाद होगा।



राज्य निर्वाचन आयोग 30 जुलाई को नई वोटर लिस्ट फाइनल करेगा। इसके बाद ही चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा।



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