एमपी में अफसरों की सवारी पर हर महीने खर्च हो रहे करोड़ों, सरकार जल्द लाएगी नया आदेश

Aman Vaishnav | May 12, 2026, 11:57 IST
mp govt new guidelines reduce fuel consumption
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद मध्यप्रदेश सरकार ईंधन की खपत कम करने की तैयारी में है। प्रदेश के कई अफसरों के पास मौजूद लग्जरी वाहनों के खर्च पर रोक लगेगी। इसके लिए वित्त विभाग जल्द ही नई गाइडलाइन जारी करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की है। इस अपील के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार भी हरकत में आ गई है।



राज्य का वित्त विभाग जल्द ही पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने के लिए नए निर्देश जारी करने वाला है। इसके साथ ही, विभाग ई-वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।



सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 600 से अधिक लग्जरी वाहन किराए पर चलाए जा रहे हैं। इन वाहनों पर हर महीने लगभग 25 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। ऐसे में सरकार का यह कदम फ्यूल की खपत में कमी लाने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।



प्रधानमंत्री मोदी की अपील

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से पेट्रोल और डीजल का समझदारी से इस्तेमाल करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि जितना हो सके, वर्चुअल मीटिंग्स करें, कार पूलिंग को बढ़ावा दें और ई-व्हीकल्स का ज्यादा इस्तेमाल करें। अब मध्य प्रदेश सरकार भी इस दिशा में कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार अब ईंधन बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रही है।



किराए पर वाहन लेने के नियम

जानकारी के मुताबिक, वित्त विभाग ने अपने अधिकारियों के लिए किराए पर वाहन लेने के कुछ साफ नियम बनाए हैं। इन नियमों के मुताबिक, अधिकारी 18 लाख रुपए से ज्यादा कीमत वाली गाड़ी किराए पर नहीं ले सकते हैं।



इसके बावजूद कई विभागों के अधिकारी 35 लाख रुपए तक की महंगी इनोवा क्रिस्टा जैसी गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें पीडब्ल्यूडी के उपयंत्री, नगरीय विकास विभाग के उप संचालक, पंचायत विभाग के संयुक्त आयुक्त, आरटीओ और तहसीलदार भी शामिल हैं।



दो से तीन वाहनों का इस्तेमाल कर रहे अधिकारी

एमपी में रोजाना पेट्रोल-डीजल की खपत

मध्यप्रदेश में अभी सात हजार 147 रिटेल पेट्रोल पंप चल रहे हैं। इन पंपों से हर दिन लगभग आठ हजार किलोलीटर पेट्रोल और 16 हजार किलोलीटर डीजल की खपत हो रही है। बढ़ती खपत और अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए अब सरकार ईंधन बचाने पर ध्यान दे रही है।



नियमों की हो रही अनदेखी

नियमों के अनुसार 5400 ग्रेड पे वाले अधिकारी सात से 10 लाख रुपए तक की गाड़ी खरीद या किराए पर ले सकते हैं। वहीं मेट्रिक-17 स्तर तक के अधिकारी 18 लाख रुपए तक की गाड़ी इस्तेमाल कर सकते हैं। फिर भी कई मामलों में ये अधिकारी नियमों से ज्यादा महंगी गाड़ियां चला रहे हैं।



वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव क्या बोले?

वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी ने कहा कि टेक्निकली किसी भी अधिकारी को दो सरकारी वाहन नहीं दिए जा सकते। किराए पर गाड़ी लेने के लिए भी कुछ साफ नियम हैं। उन्होंने ये भी बताया कि ई-वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए पहले से ही व्यवस्था है। अब पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए जल्द ही नए निर्देश जारी किए जाएंगे।



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