GIS 2027 से पहले एमपी सरकार का दांव, 4 लाख करोड़ के निवेश के लिए 5 नीतियां तैयार

Aman Vaishnav | Aug 13, 2026, 09:20 IST
GIS 2027
मध्य प्रदेश सरकार GIS 2027 से पहले बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में 4 लाख करोड़ रुपए का नया निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार 5 नई नीतियां लागू करने वाली है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश सरकार जीआईएस 2027 से पहले बड़ी तैयारी कर रही है।
  • राज्य में 4 लाख करोड़ रुपए का नया निवेश लाने की योजना है।
  • इसके लिए सरकार 5 नई नीतियां लागू करने जा रही है।
  • इनमें इंडस्ट्रियल हाउसिंग, न्यूक्लियर, ओडीओपी-जीआई टैग और एग्री प्रोसेसिंग शामिल हैं।
  • सभी नीतियों का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और जल्द कैबिनेट में मंजूरी के लिए जाएगा।

मध्य प्रदेश में निवेश को लेकर सरकार की तैयारियां तेज हो गई हैं। आने वाले जीआईएस यानी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 (मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट) से पहले सरकार बड़े स्तर पर नीतिगत बदलाव करने जा रही है। इसका मकसद प्रदेश में निवेश की राह आसान बनाना है।



राज्य सरकार ने इसके लिए 5 नई नीतियां तैयार की हैं। इनका ड्राफ्ट पूरा हो चुका है। जल्द ही इन्हें कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इन नीतियों से प्रदेश में 4 लाख करोड़ रुपए का नया निवेश आ सकता है।



4 लाख करोड़ का लक्ष्य

सरकार का फोकस पांच अलग-अलग सेक्टर पर है। इनमें औद्योगिक आवास, कोयला गैसीकरण, परमाणु ऊर्जा, स्थानीय उत्पाद और कृषि प्रसंस्करण शामिल हैं। हर नीति का मकसद अलग है, लेकिन लक्ष्य एक ही है। प्रदेश में ज्यादा निवेश और ज्यादा रोजगार।



न्यूक्लियर नीति से फायदा

बता दें कि नई न्यूक्लियर पॉलिसी केंद्र सरकार के शांति एक्ट 2025 के तहत लागू होगी। इस एक्ट से परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में विदेशी और निजी निवेश का रास्ता खुलेगा।



अभी तक इस सेक्टर में सरकार का ही एकाधिकार रहा है। नई नीति लागू होने पर मध्य प्रदेश को बड़े विदेशी प्रोजेक्ट्स मिल सकते हैं। इससे प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।



औद्योगिक आवास योजना

इंडस्ट्रियल हाउसिंग पॉलिसी का मकसद मजदूरों के लिए घर बनाना है। अगले 5 वर्षों में 360 नए उद्योग लगने की योजना है। इससे करीब 3 लाख नए रोजगार पैदा होंगे। इन मजदूरों के लिए ही आवास बनाए जाएंगे।



सरकार इसके लिए डेवलपर्स को प्रोत्साहन देगी। डेवलपर्स को 40% तक वीजीएफ यानी वायबिलिटी गैप फंडिंग मिलेगी। इसके अलावा 30% तक सब्सिडी भी दी जाएगी।



कृषि प्रसंस्करण को बढ़ावा

एग्री प्रोसेसिंग पॉलिसी में गैर-खाद्य क्षेत्र को भी शामिल किया गया है। इसमें पशु आहार, फाइबर, मत्स्य पालन और मुर्गी पालन जैसे क्षेत्र आएंगे।



वहीं अगर कोई कंपनी 75 करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश करती है, तो उसे 20 करोड़ रुपए की सब्सिडी मिलेगी। इसके साथ ही बिजली शुल्क में भी छूट दी जाएगी। इससे कृषि आधारित उद्योगों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।



ओडीओपी और जीआई टैग

ओडीओपी यानी एक जिला एक उत्पाद नीति में भी बदलाव होगा। अब एक जिले में एक से ज्यादा उत्पाद चुने जा सकेंगे। हर जिले में एक एमपी वैभव मॉल बनाया जाएगा।



इन उत्पादों के प्रचार के लिए सरकार मुफ्त हवाई और रेल यात्रा की सुविधा देगी। इससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान और बड़ा बाजार मिलेगा।



कोल गैसीफिकेशन नीति

कोल गैसीफिकेशन पॉलिसी का मकसद कोयले का बेहतर इस्तेमाल करना है। इस तकनीक से कोयले से ऊर्जा और रसायन दोनों बनाए जा सकते हैं। यह तरीका पारंपरिक कोयला इस्तेमाल से ज्यादा पर्यावरण अनुकूल माना जाता है।



इससे औद्योगिक विकास के साथ-साथ रोजगार भी बढ़ेगा। मध्य प्रदेश में कोयले के भंडार को देखते हुए यह नीति खासी अहम मानी जा रही है।



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