MP Govt New Transfer Policy: काम नहीं तो इनाम नहीं, एमपी की नई तबादला नीति में बड़ा बदलाव
मध्यप्रदेश सरकार ने तबादला नीति 2026 को आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। नई नीति में बड़ा बदलाव किया गया है। अब प्रशासनिक लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारी-कर्मचारी प्राथमिकता के आधार पर हटाए जाएंगे। सरकार ने तय किया है कि कर्मचारियों के तीन साल की अवधि पूरी होने का इंतजार जरूरी नहीं रहेगा। अगर परफार्मेंस ठीक नहीं है तो तीन साल पहले भी ऐसे अधिकारियों को हटाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस नई तबादला नीति बिल पर हस्ताक्षर कर इसे लागू कर दिया है।
तीन साल से पहले भी होगा तबादलानई नीति के अनुसार प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारी तीन साल पूरे
होने पर जिले से बाहर स्थानांतरित किए जा सकते हैं। तृतीय श्रेणी कर्मचारियों का भी तीन साल या उससे अधिक समय पूरा होने पर तबादला होगा। हालांकि यदि कोई अधिकारी पिछले वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को पूरा नहीं करता है, तो उसका तबादला तय अवधि से पहले किया जा सकेगा। प्रशासनिक आधार पर ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
महिला कर्मचारियों और सीनियरों को राहत
नई नीति में महिला कर्मचारियों और सेवानिवृत्ति के करीब कर्मचारियों को राहत दी गई है। अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को गृह जिले में पदस्थ करने का प्रावधान रखा गया है। वहीं जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में एक साल या उससे कम समय बचा है, उनका सामान्य परिस्थितियों में तबादला नहीं होगा।
पति-पत्नी और गंभीर बीमारी वाले कर्मचारी
पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, लेकिन अंतिम निर्णय प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार होगा। गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, डायलिसिस या ओपन हार्ट सर्जरी वाले कर्मचारियों का स्थानांतरण जिला मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर किया जाएगा।
कर्मचारी संगठन और वित्तीय अनियमितता
मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को दो कार्यकाल यानी चार वर्ष तक तबादले से छूट मिलेगी। वहीं वित्तीय अनियमितता, गबन या सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों को तत्काल हटाने का प्रावधान है।
ऑनलाइन जारी होंगे आदेश
सभी ट्रांसफर आर्डर ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। 15 जून के बाद ई-ऑफिस से जारी आदेश शून्य माने जाएंगे। आदेशों में ट्रेजरी कोड दर्ज करना अनिवार्य होगा। कर्मचारी का वेतन आहरण केवल नई पदस्थापना पर जॉइन करने के बाद शुरू होगा।
पुलिस विभाग में विशेष प्रावधान
उप पुलिस अधीक्षक से नीचे के अधिकारियों की पदस्थापना पुलिस स्थापना बोर्ड करेगा। जिले के भीतर पोस्टिंग पुलिस अधीक्षक प्रभारी मंत्री की मंजूरी से होगी। वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री की मंजूरी से किए जाएंगे।
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